Madhya Pradesh सरकार ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत Junior Doctors और रेजिडेंट डॉक्टर्स के मासिक stipend में महत्वपूर्ण वृद्धि का फैसला किया है। यह बढ़ी हुई राशि 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दी गई है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर की गई इस वृद्धि से Junior Doctors को प्रतिमाह लगभग 2,000 से 2,500 रुपये तक अधिक stipend मिलेगा। सरकार का यह कदम उन डॉक्टरों की मांगों के जवाब में आया है, जिन्होंने लंबे समय से महंगाई और बढ़ते खर्च के कारण अपने stipend में सुधार की अपील की थी।
Stipend में हुई वृद्धि
जुलाई 2025 से लागू नए आदेश के अनुसार, पीजी छात्रों का stipend बढ़ा है। पीजी प्रथम वर्ष के छात्रों को अब 75,444 रुपये की जगह 77,662 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। द्वितीय वर्ष के छात्रों का स्टाइपेंड 77,764 रुपये से बढ़कर 80,050 रुपये और तृतीय वर्ष का स्टाइपेंड 80,086 रुपये से बढ़कर 82,441 रुपये कर दिया गया है।
इंटर्नों को भी लाभ मिला है, जिनका stipend 13,928 रुपये से बढ़कर 14,337 रुपये हो गया है। सीनियर रेजिडेंट का stipend 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये किया गया है। जूनियर रेजिडेंट अब 61,515 रुपये की जगह 63,324 रुपये प्रतिमाह प्राप्त करेंगे। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के सभी वर्षों के स्टाइपेंड को भी 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये किया गया है। इस वृद्धि से Junior Doctors को न केवल महंगाई के अनुरूप राहत मिलेगी बल्कि वे अपने खर्चों और जीवनयापन में बेहतर संतुलन बनाए रख सकेंगे।
बड़ी मांगों के बाद आया निर्णय
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब Junior Doctors ने कई महीनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की थी। मार्च 2025 में कई डॉक्टरों ने राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रदर्शन और हड़ताल की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि वर्तमान स्टाइपेंड महंगाई और दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस दौरान ओपीडी और सर्जरी सेवाओं में कुछ अस्थायी व्यवधान देखने को मिला। इसके बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ बातचीत के बाद Junior Doctors ने हड़ताल को स्थगित कर दिया था। सरकार ने इस बातचीत और दबाव को ध्यान में रखते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने के आदेश जारी किए।
सरकार का बयान
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि stipend में वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर की गई है, ताकि महंगाई का प्रभाव डॉक्टरों पर कम पड़े। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम चाहते हैं कि डॉक्टरों को उनके मेहनत और योगदान के अनुसार उचित सम्मान मिले। यह वृद्धि प्रत्यक्ष रूप से उनके बैंक खातों में दिखाई देगी और आर्थिक राहत प्रदान करेगी।” सरकार ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में यदि महंगाई बढ़ती है, तो stipend की समीक्षा कर उसे फिर से संशोधित किया जा सकता है।
Doctors की प्रतिक्रिया
नए stipend को लेकर जूनियर डॉक्टरों और पीजी छात्रों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने खर्चों, किराया, भोजन और अन्य आवश्यक खर्चों को संभालने में आसानी महसूस करेंगे। एक जूनियर रेजिडेंट ने कहा, “Stipend में वृद्धि से हमें आर्थिक दबाव कम महसूस होता है और हम बेहतर तरीके से मरीजों की सेवा कर सकते हैं। यह हमारी मेहनत का सम्मान भी है।”
कई Doctors ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को स्टाइपेंड को नियमित रूप से महंगाई और खर्चों के अनुरूप अपडेट करना चाहिए, ताकि आर्थिक संतुलन बना रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि उचित और समय पर stipend मिलने से doctors का मानसिक और आर्थिक दबाव कम होगा। इससे वे अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव होगा। बेहतर भुगतान से doctors की सेवा भावना बढ़ेगी और भर्ती तथा विशेषज्ञ सेवाओं में स्थिरता आएगी। यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे युवाओं को प्रेरित करने वाला भी माना जा रहा है।
Madhya Pradesh सरकार द्वारा Junior Doctors के stipend में की गई यह वृद्धि न केवल आर्थिक राहत देती है बल्कि स्वास्थ्य प्रणाली में कार्यरत युवाओं के सम्मान और समर्थन को भी दर्शाती है आने वाले समय में यदि यह पहल नियमित और पारदर्शी समीक्षा के साथ जारी रहती है, तो राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में निश्चित रूप से सुधार देखने को मिलेगा।
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