मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में घोषित पदों की संख्या बढ़ाए जाने का मामला सामने आया है। बीते समय में पांच प्रमुख भर्तियों में प्रारंभिक रूप से जारी पदों के मुकाबले बाद में अधिक पद जोड़े गए। इससे इन परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर बढ़े हैं। सबसे बड़ा बदलाव मेडिकल ऑफिसर भर्ती में देखने को मिला, जहां 895 पदों से बढ़ाकर कुल 1,832 पद किए गए। इसके अलावा सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, खनि निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और राज्य इंजीनियरिंग सेवा में भी पदों की संख्या बढ़ाई गई।
मेडिकल ऑफिसर में 937 पद बढ़ाए गए
मेडिकल ऑफिसर भर्ती में शुरुआत में 895 पद निर्धारित किए गए थे। बाद में इसमें 937 पद और जोड़े गए, जिससे कुल पदों की संख्या बढ़कर 1,832 हो गई। यानी संशोधन के बाद भर्ती में पहले की तुलना में करीब दोगुने से अधिक पद उपलब्ध हुए। यह पांचों भर्तियों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी रही।
एडीपीओ के पद 17 से बढ़कर 107 हुए
सहायक जिला अभियोजन अधिकारी यानी एडीपीओ भर्ती में शुरुआत में केवल 17 पद घोषित किए गए थे। बाद में इसमें 90 पद और जोड़े गए, जिसके बाद कुल पदों की संख्या 107 हो गई। इस भर्ती के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, इसलिए पद बढ़ने से चयन की संभावनाएं भी बढ़ीं।
खनि निरीक्षक भर्ती में 72 पद जोड़े
खनि निरीक्षक भर्ती में शुरुआत में 13 पद निर्धारित किए गए थे। बाद में 72 अतिरिक्त पद जोड़े गए। इसके साथ कुल पदों की संख्या बढ़कर 85 हो गई। शुरुआती पदों की तुलना में यह भी बड़ी वृद्धि रही और इससे भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर मिले।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 123 पद हुए
खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती में शुरुआत में 67 पद घोषित किए गए थे। बाद में 56 पद और बढ़ाए गए, जिसके बाद कुल पदों की संख्या 123 हो गई। इस तरह इस भर्ती में भी घोषित वैकेंसी में उल्लेखनीय वृद्धि की गई।
राज्य इंजीनियरिंग सेवा में भी बढ़े पद
राज्य इंजीनियरिंग सेवा भर्ती में प्रारंभिक तौर पर 29 पद रखे गए थे। बाद में अलग-अलग चरणों में कुल 5 पद और जोड़े गए, जिससे पदों की संख्या बढ़कर 34 हो गई। हालांकि अन्य भर्तियों की तुलना में यहां बढ़ोतरी कम रही, लेकिन इससे भी चयन के अवसर बढ़े।
पद बढ़ाने का प्रावधान क्या है?
MPPSC की भर्ती प्रक्रिया में आवश्यकता के अनुसार पदों की संख्या में संशोधन का प्रावधान है। रिपोर्ट के अनुसार लिखित या ओएमआर आधारित परीक्षा वाली भर्तियों में परिणाम घोषित होने से पहले तक पदों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। राज्य सेवा और वन सेवा जैसी परीक्षाओं में प्रारंभिक परीक्षा तक पदों में बदलाव की व्यवस्था बताई गई है। जिन भर्तियों में सीधे साक्षात्कार के जरिए चयन होता है, उनमें भी साक्षात्कार से पहले पद बढ़ाए जा सकते हैं।
पांच भर्तियों में कुल कितने पद बढ़े
इन पांच भर्तियों के आंकड़ों को देखें तो मेडिकल ऑफिसर में 937, एडीपीओ में 90, खनि निरीक्षक में 72, खाद्य सुरक्षा अधिकारी में 56 और राज्य इंजीनियरिंग सेवा में 5 पद बढ़ाए गए। यानी इन पांच भर्तियों में कुल 1,160 अतिरिक्त पद जोड़े गए। इससे स्पष्ट है कि पदों की संख्या में संशोधन का असर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के चयन अवसरों पर पड़ सकता है।
