By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
July 22, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: म्यांमार छोड़ बांग्लादेश भाग रहे रोहिंग्या मुसलमानों पर ड्रोन और तोपों से हमला, 200 लोगों की मौत
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
fd211018 6caf 4f4e 9472 318335d3d529 - The Fourth
World

म्यांमार छोड़ बांग्लादेश भाग रहे रोहिंग्या मुसलमानों पर ड्रोन और तोपों से हमला, 200 लोगों की मौत

शनिवार को म्यांमार से भाग रहे रोहिंग्या मुसलमानों को ड्रोन से निशाना बनाया गया है।

Last updated: अगस्त 14, 2024 5:35 अपराह्न
By Divya 2 वर्ष पहले
Share
6 Min Read
SHARE

बांग्लादेश और म्यांमार में जो लगातार हिंसा बढ़ रही है वो चिंताजनक हैं, क्योंकि बांग्लादेश में अभी हिंसा थमी भी नहीं थी कि, वहीं दूसरी ओर अब म्यांमार में भी हिंसा जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। जिसके चलते म्यांमार के कई रोहिंग्या मुसलमान सीमा पार करके बांग्लादेश भागने की फिराक में हैं। इन दोनों देशों में हिंसा को रोकने के लिए, हमें स्थानीय समुदायों की जरूरतों को समझने और उनके साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है। बीते शनिवार को म्यांमार से भाग रहे रोहिंग्या मुसलमानों को ड्रोन से निशाना बनाया गया है। इस ड्रोन अटैक में 200 से अधिक लोगों मारे गए है। यह हमला म्यांमार के पश्चिमी रखाइन राज्य में बांग्लादेश की सीमा के पास हुआ है। नदी के किनारे नाव का इंतजार कर रहे रोहिंग्या लोगों के ऊपर बम गिराए गए। जिसके कारण लोगों को अपने बचाव में सीधे नदी में कूदना पड़ा। इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें नदी के किनारे सड़क पर कीचड़ में सने दर्जनों व्यस्कों और बच्चों के शव पड़े दिखाई दे रहे हैं।

दुनिया में रोहिंग्या मुसलमान ऐसा अल्पसंख्यक समुदाय है जिस पर, सबसे ज़्यादा ज़ुल्म हो रहे है। अब आप सभी के मन में एक सवाल जरूर आ रहा होगा कि, आख़िर रोहिंग्या मुसलमान समुदाय कौन हैं? इस समुदाय से म्यांमार को क्या दिक्क़त है और ये म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश क्यों जा रहे हैं? आख़िर इन्हें अब तक म्यांमार की नागरिकता क्यों नहीं मिली? तो आईए जानते इस आर्टिकल की मदद से आख़िर क्या वजह है जिसकी वजह से उन्हें म्यांमार की नागरिकता नहीं दी जा रही है?

कौन हैं रोहिंग्या मुस्लिम ?

रोहिंग्या मुसलमान और म्यांमार के बौद्ध समुदाय के बीच साल 1948 से विवाद चल रहा है जो, म्यांमार के आजाद होने के बाद शुरु है। ये वो दौर था जब म्यांमार में ब्रिटिश का शासन था। 1826 में जब पहला एंग्लो-बर्मा युद्ध खत्म हुआ तो उसके बाद म्यांमार पर ब्रिटिश राज कायम हो गया। इस दौरान ब्रिटिश शासकों ने बांग्लादेश से मजदूरों को म्यांमार लाना शुरू किया था। इस तरह म्यांमार में पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश से आने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गई। बांग्लादेश से जाकर म्यांमार में बसे ये वही लोग थे जिन्हें आज रोहिंग्या मुसलमानों के तौर पर जाना जाता है। रोहिंग्या की संख्या बढ़ती देख म्यांमार के जनरल विन की सरकार ने 1982 में बर्मा का राष्ट्रीय कानून लागू कर दिया था। इस कानून के तहत वहां रोहिंग्या मुसलमानों की नागरिकता खत्म कर दी गई। तब से ये रोहिंग्या मुस्लिम देश में अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं। देखा जाए तो, रोहिंग्या समुदाय की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब है और इसे हल करने के लिए, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और म्यांमार सरकार की ओर से कदम उठाने की बहुत आवश्यकता है। जिससे रोहिंग्या मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

अराकान आर्मी को हमले के लिए ठहराया जा रहा है जिम्मेदार

म्यांमार की सैन्य सरकार ने भी इस हमले के पीछे रखाइन राज्य के सैन्य प्रभुत्व रखने वाले जातीय समूह की अराकान आर्मी को बताया है। हालांकि, अराकान आर्मी रोहिंग्या पर हुए हमले में शामिल होने से इंकार कर रही है। हमले में बचे दो लोगों ने समाचार एजेंसी को हमले की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि, इलाके में हो रही भीषण लड़ाई से बचने के लिए रोहिंग्या मुसलमान ‘नफ नदी’ को पार कर बांग्लादेश जाने की कोशिश कर रहे थे।

म्यांमार में 2021 से चल रहा है युद्ध

देखा जाए तो, म्यांमार में ‘आंग सान सू की’ की सरकार हटाए जाने के बाद से लोकतंत्र समर्थक गुरिल्लाओं और जातीय सशस्त्र बलों ने देश के सैन्य शासकों के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। म्यांमार में 2021 से जारी युद्ध के कारण देश में यात्रा पर कड़े प्रतिबंध लगे हुए हैं। इस युद्ध के कारण देश में हिंसा और अस्थिरता का माहौल है, जिससे आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति में रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति और भी खराब गई है। वे पहले से ही नागरिकता और मानवाधिकारों से दूर हैं और युद्ध के कारण उन्हें और भी अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जैसे कि, सुरक्षा खाद्य और चिकित्सा सेवाओं में कमी आदि।

म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों को क्यों नहीं दी गई नागरिकता ?

म्यांमार की सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों को नागरिकता देने से इनकार कर दिया है, जिससे वे देश में अवैध अप्रवासी बन के रह गए हैं। म्यांमार सरकार उन्हें बांग्लादेश से आए अवैध अप्रवासी मानती है, न की म्यांमार के नागरिक। साथ ही रोहिंग्या समुदाय को कई अधिकारों से दूर किया गया है जैसे कि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और किसी अन्य जगहों पर आने जानें का भी अधिकार नहीं है। इसके अलावा म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ कई बार हिंसक कार्रवाई भी की है, जिसमें हत्याएं, बलात्कार और घरों को जलाना शामिल हैं। अगस्त 2017 में सेना ने एक बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। जिसमें हजारों रोहिंग्या मारे गए और लाखों लोग बांग्लादेश भाग गए थे। उसी के बाद से यह घटना अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा नरसंहार के रूप में मानी जाती है।

You Might Also Like

Bhopal में 25 जुलाई से शुरू होगी इलेक्ट्रिक बस सेवा

Indore में किसानों की ट्रैक्टर रैली पर पुलिस कार्रवाई

IRCTC ने आसान की तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया

Indore में स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों पर बवाल

Jagannath Rath Yatra 2026 आज से शुरू हुई आस्था की सबसे भव्य यात्रा

TAGGED: Bangladesh, Bangladesh Crisis, Human Rights, Myanmar Conflict, protest, Refugees Under Attack, Rohingya Crisis, Rohingya Genocide End Persecution, Stop The Violence, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

107434516 - The Fourth
India

11 फरवरी को झाबुआ आ रहे है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी !

2 वर्ष पहले

मुंबई ने राजस्थान को 100 रन से हराकर Playoffs से किया बाहर

विभाजन की पीड़ा को शब्दों मे बाँधता ‘पिंजर’

दिग्वेश बने game-changer, लखनऊ ने मुंबई को 12 रन से हराया!

क्या था ‘ऑपरेशन कैक्टस’? जिस पर बेस्ड है सलमान की अगली फिल्म

You Might Also Like

Gupta-Navratri-ke-pehle-din-shuru-hoti-hai-10-mahavidyao-ki-sadhna
Religion

Gupta Navratri के पहले दिन से शुरू होती है दशमहाविद्याओं की साधना

7 दिन पहले
Indore-me-15-din-se-chatro-ka-aandolan-jari
Cities

Indore में 15 दिन से छात्रों का आंदोलन जारी

7 दिन पहले
MP-ke-4-khiladio-ka-Hockey-me-bada-chayan
Sports

एमपी के 4 खिलाड़ियों का Hockey में बड़ा चयन

7 दिन पहले
Sawan-me-Mahakal-ki-nayi-aarti-vyavastha-lagu
Religion

सावन में Mahakal की नई आरती व्यवस्था लागू

7 दिन पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?