Indore । परीक्षाओं के पेपर आउट होने का विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की स्थिति की मांग को लेकर कांग्रेस के द्वारा कल इंदौर से भोपाल तक साइकिल यात्रा शुरू की गई। यह साइकिल यात्रा शाम को आष्टा में पहुंचकर रात्रि विश्राम के लिए रुक गई। इंदौर से शुरू हुई इस साइकिल यात्रा में पांच नेता ही ऐसे रहे जो की आष्टा तक साइकिल चला कर गए। इंदौर के नेता तो शिप्रा से ही गायब हो गए थे।
छात्रों और युवाओं के बीच कांग्रेस का आधार बनाने के लिए छात्रों की गूंज कार्यक्रम कांग्रेस के द्वारा शुरू किया गया है। इसके साथ ही कल मंगलवार को इंदौर के रीगल चौराहा से भोपाल के लिए साइकिल यात्रा शुरू की गई थी। यह साइकिल यात्रा इंदौर में विजय नगर, मांगलिया, शिप्रा होते हुए देवास, सोनकच्छ से आष्टा पहुंची। आष्टा में साइकिल यात्रा का रात्रि विश्राम रखा गया था। आज सुबह यह यात्रा आष्टा से भोपाल के लिए रवाना हुई। कल 200 किलोमीटर की इस यात्रा में कितने लोग साइकिल चला लेते हैं इसी पर सभी की नजर टिकी हुई थी। इस यात्रा में शामिल इंदौर के नेता तो शिप्रा से ही गायब हो गए थे। वहां तक के सफर में भी बहुत से नेता कार में बैठकर साइकल यात्रियों के पीछे-पीछे चलते रहे। कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी ने तो संगठन को स्पष्ट कर दिया था कि हमें साइकिल चलाना नहीं आती है।
इंदौर से आष्टा तक के सफर में पांच कांग्रेस नेता ही ऐसे थे जिन्होंने पूरे रास्ते साइकिल चलाई। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के अलावा सचिन यादव, प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया, प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष यश घनघोरिया, आशुतोष चौकसे शामिल थे। इसमें पटवारी ने पुरी यात्रा के दौरान जितनी तेजी से साइकिल चलाई उसे देखकर कांग्रेस के नेता भी आश्चर्यचकित रह गए। ध्यान रहे की पटवारी जब इंदौर में होते हैं तो अपने गृह क्षेत्र राऊ विधानसभा क्षेत्र में साइकिल से ही दौरा करने के लिए निकलते हैं।
इस यात्रा में शामिल यात्रियों का लंच महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री श्रुति बघेल के द्वारा सोनकच्छ में रखा गया था। इसके बाद आष्टा में सभा का आयोजन भी किया गया और उसके बाद भोजन हुआ। यहां पर भोजन में भीड़ आ जाने के कारण लूटमार की स्थिति बन गई।
कोई घर लौटा तो कोई गया होटल
कांग्रेस के द्वारा आष्टा में रात्रि विश्राम की व्यवस्था एक धर्मशाला में की गई थी। लग्जरी लाइफ जीने वाले लोगों को धर्मशाला की व्यवस्था अच्छी नहीं लग सकती है। यही कारण है कि इस यात्रा में शामिल बड़े नेता वहां से अपने घर भोपाल चले गए। यह नेता आज सुबह यात्रा के वापस शुरू होने का वक्त होने से पहले फिर से आष्टा आ गए। जो नेता आष्टा में रुके थे उन्होंने धर्मशाला की व्यवस्था में रहने के बजाय होटल करके रुकना ज्यादा पसंद किया।
