तेज प्रताप यादव, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र, अपने राजनीतिक जीवन में लगातार विवादों में रहे हैं। हाल ही में उन्हें पार्टी से छह वर्षों के लिए बाहर कर दिया गया, साथ ही पारिवारिक संबंध भी समाप्त कर दिए गए। इस निर्णय के पीछे उनके “गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार” और “पारिवारिक मूल्यों का उल्लंघन” बताया गया। हालांकि राजनीतिक जानकारों के लिए लालू यादव का यह फैसला सियासी ज्यादा दिखाई पड़ता है। यहां तक कहा जा रहा है कि बिहार चुनाव से पहले तेजस्वी के लिए कोई मुश्किल खड़ी ना हो जाए, ऐसे में तेज प्रताप को दूर किया गया है।
बिहार की राजनीति में अगर कोई सबसे रंगीन और रहस्यमयी शख्सियत है, तो वो हैं तेज प्रताप यादव। लालू यादव के बड़े बेटे, जो कभी ‘कृष्ण’ बनते हैं तो कभी खुद को ‘पायलट’ बताते हैं। कभी मंच से धक्का मार देते हैं, तो कभी फेसबुक पर इश्क का इजहार कर देते हैं।
तेज प्रताप ने एक बार फिर विवादों का नया अध्याय जोड़ दिया है, अनुष्का यादव के साथ अपने रिश्ते को लेकर की गई फेसबुक पोस्ट और फिर उससे पलट जाना, जिससे खुद उनके पिता ने उन्हें पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया।
तेज प्रताप यादव ने 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से जीत हासिल की और स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। हालांकि, उनके कार्यकाल के दौरान कई विवाद सामने आए, जिससे उनकी राजनीतिक छवि प्रभावित हुई। आइए जानते हैं उन्हीं प्रमुख विवाद और घटनाओं के बारे में –
विवाद 1 – पूर्व पत्नी ऐश्वर्या से जुड़ा विवाद
मई 2018 में ऐश्वर्या राय से उनकी शादी हुई थी, लेकिन चंद महीनों में ही उन्होंने तलाक की अर्जी तक डाल दी। ऐश्वर्या राय से शादी की थी, जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय की पोती हैं। शादी के कुछ महीनों बाद ही उन्होंने तलाक की अर्जी दायर कर दी। ऐश्वर्या ने उन पर मारपीट, नशे का उपयोग और क्रॉस-ड्रेसिंग का आरोप लगाया। मामले ने लालू परिवार को काफी असहज किया और यह कोर्ट में लंबित है। तेज प्रताप ने बाद में दावा किया कि उनकी पत्नी उनकी जीवनशैली में ढल नहीं पाईं। इस विवाद ने उनके निजी जीवन को सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया। ऐश्वर्या का एक वीडियो वही सामने आया था जिसमें उन्होंने सास राबड़ी देवी पर उनके बाल खिंचकर बाहर निकालने का आरोप भी लगाया था। ऐश्वर्या का राबड़ी आवास से निकलकर रोते हुए जाने का वीडियो भी खूब चर्चा में रहा था।
विवाद 2 – अनैतिक संबंध का खुलासा
मई 2025 में, तेज प्रताप ने फेसबुक पर एक महिला, अनुष्का यादव, के साथ 12 वर्षों के संबंध की बात शेयर की। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद, उन्होंने दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था। हालांकि, इस घटना ने पार्टी और परिवार में असंतोष पैदा किया। लालू यादव ने इसे पारिवारिक और राजनीतिक मान्यताओं के खिलाफ मानते हुए तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से 6 साल के लिए बाहर कर दिया।
विवाद 3 – होली के दौरान पुलिसकर्मी से दुर्व्यवहार
मार्च 2025 में, होली के अवसर पर, तेज प्रताप का एक वीडियो सामने आया जिसमें वे एक पुलिसकर्मी को नाचने के लिए मजबूर कर रहे थे और नाचने से मना करने पर निलंबन की धमकी दे रहे थे। इस वीडियो में वे एक पुलिसकर्मी को कह रहे हैं – ‘ठुमका लगाओ नहीं तो सस्पेंड करवा दूंगा।’ इस घटना की भी आलोचना हुई थी।
विवाद 4 – 2024 का ‘थप्पड़ कांड
विवाद मई 2024 का है, जब तेज प्रताप ने एक कार्यक्रम में अपनी ही पार्टी के प्रदेश महासचिव को मंच पर थप्पड़ मारकर नीचे गिरा दिया। उस समय मंच पर उनकी मां राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती भी मौजूद थीं। यह घटना तब हुई जब महासचिव बिना अनुमति मंच पर चढ़ गए। इस हरकत को सामंतशाही बताकर विपक्ष ने तीखी आलोचना की थी।
विवाद 5 – प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री नीतीश और कई अन्य लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान
2017 में, लालू यादव की सुरक्षा में कटौती के बाद, तेज प्रताप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे मोदी की “चमड़ी उधेड़ देंगे”। इस बयान की व्यापक निंदा हुई। इसके अलावा साथ वह एक बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घर के बाहर पहुंचे और कहा कि ‘पलटू चाचा कहा हैं?’ इस बयान पर भी उनकी आलोचना की गई थी। उनसे जुड़े ऐसे ढेरों अन्य विवादित बयान भी हैं।
विवाद 6 – पत्रकार की हत्या मामले में नाम जुड़ना
2016 में, पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के बाद, तेज प्रताप की एक तस्वीर आरोपी मोहम्मद कैफ के साथ सामने आई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने CBI की रिपोर्ट के आधार पर तेज प्रताप को क्लीन चिट दी।
विवाद 7 – नियमों का उल्लंघन
मार्च 2025 में, तेज प्रताप को बिना हेलमेट स्कूटर चलाने सहित अन्य मामलों में पुलिस कार्यवाई हुई। पुलिस ने उन्हें ₹4,000 का चालान जारी किया, क्योंकि स्कूटी का इंश्योरेंस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी फेल था। सोशल मीडिया पर फिर आलोचना।
तेज प्रताप यादव का निष्कासन निश्चित रूप से बड़ी खबर है, लेकिन अगर गहराई से देखें तो यह केवल एक कड़ी है उस लंबे विवादों की श्रृंखला में, जो पूरे यादव परिवार को घेरे हुए है। यह परिवार वर्षों से सत्ता, भ्रष्टाचार, परिवारवाद, और कानूनी उलझनों का पर्याय बन चुका है।
तेज प्रताप से जुड़े हालिया विवाद ने केवल पार्टी में बल्कि परिवार में भी दरार पैदा की है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि घटना का असर आने वाले बिहार चुनाव में कैसे होगा।
