आगरा की पहचान प्रेम के प्रतीक ताजमहल से है, जिसे मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। सदियों बाद एक बार फिर यह शहर प्रेम के एक ऐसे किस्से को लेकर चर्चा में है, जिसने कानून और समाज दोनों को चौंका दिया है। फर्क बस इतना है कि इस बार प्रेम की कहानी इमारत नहीं, बल्कि अपराध से जुड़ी है। Girlfriend से शादी करने का सपना लिए एक युवक ने करोड़ों रुपये की चोरी की योजना बनाई और उसे अंजाम भी दे दिया।
मामला एक जूता निर्यात करने वाली फैक्ट्री से जुड़ा है, जहां कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करने वाला अनुपम शर्मा चार वर्षों से कार्यरत था। पुलिस के अनुसार अनुपम अपनी Girlfriend से शादी कर बेंगलुरु में बसना चाहता था। वहां फ्लैट खरीदने और नई जिंदगी शुरू करने के लिए उसे बड़ी रकम की जरूरत थी। इसी जरूरत ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि 18 जनवरी की रात फैक्ट्री में सुनसान माहौल का फायदा उठाकर चोरी को अंजाम दिया गया। रविवार होने के कारण फैक्ट्री में छुट्टी थी। इसी दिन अनुपम ने फैक्ट्री की पीछे की दीवार पर लगे अर्थिंग पाइप का सहारा लिया और टिनशेड पर चढ़कर पहली मंजिल तक पहुंचा। वहां लगे शीशे को तोड़कर वह ऑफिस में दाखिल हुआ।
चोरी की योजना पहले से तैयार थी। पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी ने सीसीटीवी कैमरों की दिशा ऊपर की ओर मोड़ दी। उसने चेहरा ढंक रखा था और पहचान छिपाने के लिए शू कवर भी पहने थे। इसके बाद ऑफिस के लाकर और अलमारी में रखे गहने और नकदी को बोरी और बैग में भर लिया। इस दौरान उसका भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय सिंह फैक्ट्री के बाहर निगरानी करते रहे।
चोरी के बाद गहनों और नकदी को सीधे गांव ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने खेत में अलग अलग जगह गड्ढे खोदकर चोरी का माल छिपा दिया, ताकि किसी को शक न हो। शुरुआत में यह चोरी एक परफेक्ट क्राइम जैसी लग रही थी, लेकिन एक छोटी सी चूक ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के दौरान पुलिस को फुटेज में एक व्यक्ति पीछे से नजर आया। चेहरा साफ नहीं दिख रहा था, लेकिन उसकी चाल कुछ जानी पहचानी लग रही थी। जब फैक्ट्री कर्मचारियों को फुटेज दिखाई गई, तो एक कर्मचारी ने चाल के आधार पर शक जताया कि यह अनुपम शर्मा हो सकता है। यहीं से पुलिस की जांच ने सही दिशा पकड़ ली।
पुलिस ने अनुपम से पूछताछ की, तो पहले वह बचने की कोशिश करता रहा, लेकिन सख्ती के बाद उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खेत में दबाकर रखे 7.70 करोड़ रुपये के गहने बरामद कर लिए। इसके साथ ही 66.33 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। फैक्ट्री मालिक दीपक बुद्धिराजा ने पुलिस को शिकायत देते समय बताया था कि गहनों के साथ 52 लाख रुपये नकद चोरी हुए हैं। हालांकि जब पुलिस ने बरामद नकदी की गिनती की, तो यह रकम 66.33 लाख रुपये निकली। इस अंतर को लेकर भी जांच की जा रही है।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि चोरी की इस वारदात में तीन लोग शामिल थे। अनुपम शर्मा के साथ उसका भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय सिंह भी इस साजिश का हिस्सा थे। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि चोरी की रकम में किसी और की संलिप्तता तो नहीं है।
यह मामला न केवल एक बड़ी चोरी का है, बल्कि यह भी दिखाता है कि निजी इच्छाएं जब लालच और जल्दबाजी से जुड़ जाती हैं, तो उनका अंजाम कितना गंभीर हो सकता है। ताजमहल के शहर में जन्मी यह प्रेम कहानी अब इतिहास नहीं, बल्कि अपराध की फाइल बन चुकी है, जो आने वाले समय में दूसरों के लिए एक सबक भी बन सकती है।
https://www.instagram.com/p/DT4lS7niADH/?igsh=N2cybDFvbjRuOWN0
