क्रिकेट-कॉलेज के साथियों ने डुबो दी नैया…
पटना। राजद मुखिया तेजस्वी यादव ने जिन पांच साथियों के लिए बहन-भाई को छोड़ दिया, वो अब निशाने पर हैं। मांग जोर पकड़ रही है कि अगर तेजस्वी इन्हें नहीं छोड़ते हैं, तो तेजस्वी को ही घर से दूर कर दिया जाए। लालू-राबड़ी, तेजस्वी के साथ हैं, इसलिए फिलहाल ये पांचों साथ ही रहेंगे। क्रिकेट और कॉलेज के दिनों में शुरू हुई दोस्ती, सियासत में भी साथ है।
संजय यादव
संजय यादव… राजद ने इन्हें राज्य सभा सांसद बनाया। रोहिणी यादव से मनमुटाव तो था ही… पहली बार खुलेआम तब झगड़े, जब चुनाव प्रचार में संजय परिवार की सीट पर बैठ गए। रोहिणी ने सवाल पूछा तो भी टस से मस नहीं हुए। हटने से भी इंकार कर दिया। हरियाणा के रहने वाले हैं। अखिलेश यादव ने तेजस्वी से मिलवाया था। फिर आइपीएल के दिनों में तेजस्वी से दोस्ती जोर पकड़ गई।

रमीज नेमत खान..
बलरामपुर का रहने वाला है। ससुर रिजवान जहीर सांसद है। पत्नी जेबा पर भी केस हैं। रमीज भी कई मामलों का मुलजिम हैं। ससुर पर हत्या का आरोप है। घरेलू क्रिकेट में अच्छा नाम था। वहीं तेजस्वी से मुलाकात हुई। क्रिकेट छूटा तो तेजस्वी के साथ हो गया। पुराना रिश्ता भी मिल गया। लालू यादव और ससुर रिजवान जहीर पुराने दोस्त थे।

सुनील सिंह…
लालू परिवार के पुराने वफादार सुनील सिंह इंजीनियर हैं। राजद की सीट पर चुनाव लड़ चुके हैं। जब भी तेजस्वी को कोई तीखी बात राजद वालों से कहना होती थी, तो संदेश सुनील के हाथों ही पहुंचाया जाता था। तेजस्वी की गैर-हाजिरी में सुनील ही फैसले लेता है।

मोहम्मद अदनान
इस चौकड़ी में चौथा नाम मोहम्मद अदनान का है। राघौपुर का रहने वाला है। पहलवान भी है और कबड्डी खिलाड़ी भी। पैर में चोट के बाद खेल का मैदान छूट गया। चार साल पहले तेजस्वी की सभा में हंगामा किया था। तेजस्वी ने मिलने बुलवाया, तो खूब ठहाके लगे। उसके बाद अदनान साथ हो गया।
शक्ति सिंह यादव
तेजस्वी के सफर की सबसे अहम कड़ी शक्ति सिंह यादव हैं, जिसे अत्री मुनि भी कहा जाता है। लंबे वक्त तक राजद का प्रवक्ता रहा। हिल्सा सीट से चुनाव भी लड़ा था। जगदानंद सिंह के राजद से हटने के बाद शक्ति की ताकत बढ़ गई। तेजस्वी का विश्वास ऐसा है कि कई पारिवारिक काम भी शक्ति के ही हवाले थे। दूर का रिश्तेदार है। राबड़ी देवी का भी भरोसेमंद है। उन्हीं के गांव का रहने वाला है।

