इंदौर। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा इंदौर से देपालपुर को जोड़ने वाली सड़क को चार लाइन की सड़क के रूप में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए सरकार के द्वारा एमपीआरडीसी को 4600 करोड रुपए का कर्ज लेने के लिए गारंटी दी गई है।
स्टेट हाईवे के रूप में पहचाने जाने वाले मार्ग के निर्माण का दायित्व लोक निर्माण विभाग के साथ मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा निभाया जा रहा है। इस दायित्व के तहत इस कारपोरेशन के द्वारा अलग-अलग समय पर अलग-अलग सड़क का निर्माण किया जाता है। इसके साथ ही इन सड़क की देखरेख करने का काम भी किया जाता है। अब आने वाले समय में रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा जिन सड़कों का निर्माण किया जाना है उन्हें लेकर एक प्रस्ताव कल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रखा गया। कैबिनेट बैठक में रखे गए इस प्रस्ताव को कैबिनेट के द्वारा मंजूरी दे दी गई है।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग के द्वारा पूरे प्रदेश में कुल 12 नई सड़कों का निर्माण करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। इन सड़कों का निर्माण करने के लिए कर्ज लेकर पैसा जुटाने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा गया था। इस प्रस्ताव को कल कैबिनेट के द्वारा मंजूरी दे दी गई है। इस प्रस्ताव के अनुसार एमपी आरडीसी के द्वारा 4600 करोड रुपए का कर्ज़ नाबार्ड से लिया जाएगा। इस कर्ज से 12 सड़कों का निर्माण होगा। इन सड़कों पर बाद में टोल नाका लगा दिया जाएगा और उससे प्राप्त होने वाली राशि से कर्ज की किश्त चुकाई जाएगी।
जिन सड़कों के निर्माण के लिए कर्ज लेने की मंजूरी दी गई है उनमें इंदौर जिले के अंतर्गत आने वाली इंदौर से देपालपुर तक की सड़क भी शामिल है। इस सड़क को फोर लेन सड़क के रूप में तब्दील किया जाएगा। अभी यह सड़क टू लेन है। इस तरह सड़क को चौड़ा करने का काम करते हुए उसका नवनिर्माण किया जाएगा। कल कैबिनेट के द्वारा कर्ज को मंजूरी दे दिए जाने के साथ ही अभी सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। ऐसा समझा जाता है कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक इस सड़क का निर्माण शुरू हो सकता है। ध्यान रहे कि इस सड़क पर यातायात का दबाव ज्यादा होने के कारण सड़क को चौड़ा करने और वाहनों की आवाजाही को बेहतर करने के लिए पिछले काफी समय से मांग की जा रही थी।
