इंदौर। आदिवासियों के संगठन जयस में ऐलान किया है कि वह मध्य प्रदेश में विभिन्न कॉलेजों में होने वाले छात्र संघ के चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारेगा। इसके साथ ही राजनीतिक क्षेत्र में जयस की औपचारिक तौर पर एंट्री हो गई है।
आदिवासी दिवस के अवसर पर कल इंदौर में आदिवासी रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में आदिवासी युवा अपनी परंपरागत वेशभूषा में शामिल हुए। शासन प्रशासन के द्वारा इस रैली में सहभागी का करने वालों की संख्या को लेकर जो अनुमान लगाया गया था वह अनुमान हकीकत से परे रहा। प्रशासन के अनुमान से कई अधिक संख्या में युवा इस रैली में शामिल हुए। इस रैली के मौके पर जयस के द्वारा एक सभा का भी आयोजन किया गया। इस सभा में जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने ऐलान किया है कि मध्य प्रदेश में होने वाले कॉलेज के छात्र संघ के चुनाव में जायस के द्वारा अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे जाएंगे।
पिछले विधानसभा चुनाव में जयस का कांग्रेस के साथ गठबंधन रहा। इसके परिणाम स्वरूप कुछ सीटों पर जयस के प्रत्याशियों को कांग्रेस के द्वारा मैदान में उतारा गया। इसके बाद से लेकर अब तक लगातार जयस और कांग्रेस के बीच में खटपट चल रही है। इसके साथ ही जयस के नेता भी दो समूह में विभाजित हो गए हैं। अब जयेश के द्वारा छात्र राजनीति में प्रवेश करते हुए कॉलेज के चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया गया है। यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि दिल्ली के जंतर मंतर की तरह इंदौर के भवर कुआं चौराहे पर जो आंदोलन हुआ था उसके नेतृत्व की कमान आदिवासी युवाओं के हाथ में ही थी।
मुकाबला हो जाएगा त्रिकोणीय
सरकार के द्वारा यदि प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ के चुनाव कराए जाते हैं तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के द्वारा अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे जाएंगे। या दोनों संगठन भाजपा और कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। ऐसी स्थिति में यदि जायस के प्रत्याशी भी मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा। वैसे अभी सरकार के द्वारा यह फैसला नहीं लिया गया है कि छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली पर हर विद्यार्थी के द्वारा मतदान किए जाने के साथ कराए जाएंगे या फिर प्रवीण सूची के विद्यार्थियों की छात्र परिषद का गठन कर दिया जाएगा।
