इंदौर। मेट्रो कंपनी लिमिटेड के द्वारा पलासिया चौराहे पर भी मेट्रो लाइन डालने के लिए टेस्टिंग का काम आज सुबह से शुरू कर दिया गया है। इस कंपनी के द्वारा बंगाली चौराहा से लेकर पलासिया चौराहा तक अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन डाली जाएगी।
इंदौर में मेट्रो रेल के लिए बनाई गई योजना में बंगाली चौराहा से पलासिया चौराहा तक मेट्रो रेल को एलिवेटेड स्वरूप में लाया जाना था। जब इसके लिए काम शुरू किया जा रहा था तो उस समय पर इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के द्वारा इस योजना का विरोध किया गया था। इस विरोध का कारण यह था कि इस योजना के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मकान के हिस्से तोड़ने की स्थिति बन रही थी। ऐसे में लोगों का कहना था कि इस क्षेत्र से भी मेट्रो रेल को अंडरग्राउंड रूप में ही ले जाया जाए। ध्यान रहे कि वैसे भी पलासिया चौराहे से लेकर बड़ा गणपति चौराहा तक मेट्रो रेल को अंडरग्राउंड रूप में ही ले जाने की योजना है।
इस योजना को आकार देने के लिए इस समय एक तरफ जहां एरोड्रम थाने के आगे की तरफ काम चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बड़ा गणपति चौराहा, छोटा गणपति चौराहा और इंदौर नगर निगम के पास में भी काम किया जा रहा है। रीगल चौराहा पर स्थित पुलिस कार्यालय रानी सराय में भी मेट्रो रेल कंपनी के द्वारा तेज गति के साथ खुदाई और लाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया है। इसी बीच अब आज से पलासिया चौराहे पर भी यह काम शुरू हो गया है।
आज सुबह जब मेट्रो रेल कंपनी की टीम पलासिया चौराहे पर काम करने के लिए पहुंची और टीम के द्वारा वहां पर स्थित सेल्फी प्वाइंट के पास वाले स्थान पर मशीन लगाकर काम शुरू किया गया तो उस क्षेत्र में कोतूक हो गया। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग उस स्थान पर आकर खड़े हो गए जहां पर की यह काम किया जा रहा था। कुछ लोग कामकाज में लगे हुए कर्मचारियों से यह पूछने में लग गए कि यहां पर क्या काम हो रहा है और काम कितने दिन तक चलेगा। इसके साथ ही कुछ लोगों की रुचि यह जानने में थी कि क्या यहां पर काम करने के कारण इस चौराहे के कुछ क्षेत्र को यातायात से बंद कर दिया जाएगा। इस तरह की बातें पूछ रहे लोगों को मेट्रो कंपनी के कर्मचारियों के द्वारा बताया गया कि अभी तो यहां पर केवल मिट्टी की टेस्टिंग का काम शुरू हुआ है। बाकी का काम आने वाले समय में इस टेस्टिंग की रिपोर्ट के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
अटका हुआ है संचालन
मेट्रो रेल का सुपर कॉरिडोर से लेकर होटल रेडिसन तक का संचालन अभी अटका हुआ है। यहां पर रेल की पूरी पटरी डाली जा चुकी है। रेल चलाने की ट्रायल भी कर लिया गया है। सेफ्टी एजेंसी के द्वारा जाकर जांच कर सेफ्टी का सर्टिफिकेट भी दिया जा चुका है। इसके बाद नेता नगरी के पास टाइम नहीं होने के कारण इस स्थान पर रेल के संचालन का शुभारंभ नहीं हो सका। अब एक बार फिर सेफ्टी एजेंसी को जांच के लिए बुलवाया गया है। इस एजेंसी के द्वारा जांच कर अपनी रिपोर्ट देने के बाद इस बात के अवसर बनेंगे कि इस क्षेत्र में रेल का संचालन शुरू किया जा सके।
