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450 करोड का लोन लेने से पीछे हटा इंदौर नगर निगम

Last updated: जून 23, 2026 12:32 पूर्वाह्न
By Jitendra 4 घंटे पहले
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5 Min Read
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इंदौर नगर निगम द्वारा 450 करोड़ रुपए लागत की निगम मुख्यालय की नई बिल्डिंग अब पीपीपी पर बनाने का फैसला लिया गया है। अब तक निगम कर्ज लेकर यह बिल्डिंग खुद बनाने वाला था। नए प्रस्ताव के अनुसार बिल्डिंग बनाने वाले बिल्डर को निगम आधी जमीन देगा।

नगर निगम के कृष्णपुरा के समीप स्थित मुख्यालय की जमीन पर नई आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव पिछले कुछ सालों से लगातार चल रहा है। इसके लिए निगम द्वारा बिल्डिंग की ड्राइंग-डिजाइन भी बनवा ली गई है। निगम के आकलन के अनुसार इस बिल्डिंग के निर्माण पर 450 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च होना है। अब तक निगम द्वारा यह तय किया गया था कि कर्ज लेकर इस बिल्डिंग का निर्माण वह खुद करवाएगा। निगम के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के साथ चर्चा की।

चर्चा में फैसला लिया गया कि इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य पीपीपी पर कराया जाए। इसके लिए प्रस्ताव बनाने का फैसला लिया गया। चर्चा के दौरान बताया गया कि निगम के पास मुख्यालय वाले स्थान पर कुल 9 एकड़ जमीन है। इस जमीन में से 4.5 एकड़ जमीन पर निगम के मुख्यालय की बिल्डिंग तैयार करने का काम कराया जाए। शेष बची हुई 4.5 एकड़ जमीन बिल्डर को इस प्रोजेक्ट की लागत निकालने के लिए दी जाए। इस जमीन पर बिल्डर चाहे तो कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण करे और चाहे तो माल बनाए। इसके लिए बिल्डर पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाए। इस स्थान पर बिल्डिंग का निर्माण करने पर एफएआर ज्यादा मिल जाएगा। ऐसी स्थिति में बड़ी और ज्यादा ऊंची इमारत का निर्माण किया जा सकता है। इस प्रस्ताव पर प्रारंभिक रूप से सहमति बनने के बाद निगम की योजना शाखा द्वारा पीपीपी मॉडल पर निगम मुख्यालय के भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने का काम शुरू किया गया है।

दुकानों का मार्केट नहीं बनाएंगे
महापौर और अधिकारियों के बीच हुई चर्चा में फैसला हुआ कि निगम मुख्यालय के भवन में बाहर मार्ग की तरफ दुकानों का निर्माण कर मार्केट नहीं बनाया जाएगा। आगे मार्केट और पीछे कार्यालय बनाए जाने से अच्छा नहीं लगता है। इसके साथ ही नीचे दुकान और ऊपर कार्यालय बनाने से भी खराब नजर आता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए फैसला किया गया है कि अब मुख्यालय के भवन में नीचे या बाहर की तरफ दुकानों का निर्माण नहीं किया जाएगा।

आठ मंजिला इमारत बनाने की योजना
पूर्व में मंजूर किए गए प्रस्ताव के अनुसार निगम मुख्यालय वाले स्थान पर नगर निगम के उपयोग के लिए दो खंड में 8 मंजिला इमारत बनाने की योजना तैयार की गई थी। इस इमारत को आधुनिक शैली से इस तरह से तैयार किया जाना है, जिससे कि इमारत के अंदर सामान्य तापमान से तापमान कम भी रहे और इमारत में सभी के लिए सुविधाजनक हालात रहें। ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर इसका निर्माण करने की योजना बनाई गई थी।

क्या है नए भवन की योजना
– 45 विभागों के 2500 कर्मचारियों के बैठने की रहेगी व्यवस्था।
– 500 लोगों की बैठक क्षमता वाला जनशिकायत केंद्र भी करेंगे तैयार।
– 620 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
– जमीन का 25त्न क्षेत्र हरियाली का रहेगा।
– भवन इस तरह से बनाया जाएगा कि उसमें अगले 20 साल तक रंगाई-पुताई करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
– बिना पंखे के भवन में ठंडक रहेगी और पर्याप्त सूर्य की रोशनी की व्यवस्था रहेगी। छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था रहेगी।
– बिल्डिंग में 500 नागरिकों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा।
–
कई बार बनी है कागज पर योजनाएं
नगर निगम मुख्यालय के लिए नया भवन बनाने की योजनाएं नगर निगम द्वारा कई बार कागज पर बनाई गईं। इनमें से एक भी योजना आकार नहीं ले सकी। मुख्यालय के वर्तमान भवन के स्थान पर कॉस्मो सर्कल के निर्माण की योजना भी बनाई गई थी।

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