इंदौर। मध्य प्रदेश के जीएसटी विभाग में पूरे देश में एक नया कीर्तिमान बना दिया है। यह देश का पहला ऐसा राज्य का कार्यालय बन गया है जहां पर की सारा काम पेपर लेस और कांटेक्ट लेस कर दिया गया है। इस नए सिस्टम से प्रदेश में जीएसटी कार्यालय में कामकाज तेजी के साथ शुरू हो गया है।
सरकार की ओर से अब तक तो कार्यालय का डिजिटलाइजेशन करते हुए यह कोशिश की जाती रही है कि सरकारी कार्यालय में कामकाज पेपरलेस तरीके से ऑनलाइन शुरू हो। इस ऑनलाइन काम के शुरू होने से भी जनता की शिकायतों में कहीं कोई कमी नहीं आती है। लोगों को अपना काम करवाने के लिए सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ते हैं। जीएसटी विभाग तो एक ऐसा विभाग है जिस पर की हमेशा से भ्रष्टाचार को लेकर उंगली उठती रही है। जब विभाग में सारा काम ऑफलाइन होता था तो भ्रष्टाचार के किस्से आम होते थे। इसके साथ ही ऑफलाइन कामकाज में कोई अकाउंटेबिलिटी की स्थिति भी नहीं थी।
इन हालात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार के द्वारा मध्य प्रदेश के जीएसटी विभाग को ऑफलाइन से ऑनलाइन काम करने के लिए निर्देशित किया गया। प्रदेश के जीएसटी के इंदौर स्थित मुख्यालय में इसके लिए पिछले 6 महीने से तैयारी की जा रही थी।
विभाग का लक्ष्य कामकाज को केवल पेपर लेस करना नहीं था बल्कि पूरे कामकाज को कांटेक्ट लेस करना भी था। इस लक्ष्य के अनुसार विभाग के द्वारा काम करते हुए पूरे प्रदेश में एक नया कीर्तिमान बना दिया गया है। अब जीएसटी विभाग में कोई भी शिकायत यदि दर्ज करना है तो वह ऑनलाइन ही भेजी जा सकती है। इसके साथ ही यदि असेसमेंट और अपील से संबंधित भी कोई काम है तो उसके लिए भी आपको ऑनलाइन ही आवेदन देना होगा। विभाग की ओर से न केवल ऑनलाइन आवेदन को समय सीमा के अंदर देखा जाता है बल्कि उसका संबंधित पक्ष को समय सीमा में ही जवाब भी भेजा जा रहा है। जीएसटी में अपील से संबंधित जो मामले होते हैं उसमें संबंधित व्यक्ति और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट की जीएसटी विभाग के मुख्यालय में भीड़ लगी रहती थी। अब यह भीड़ पूरी तरह से गायब हो गई है। इसके पीछे कारण यह है कि अब विभाग के द्वारा ऑनलाइन ही हर मामले की सुनवाई शुरू कर दी गई है।
विभाग के आयुक्त अन्य द्विवेदी ने बताया कि अब जीएसटी विभाग के सारे कामकाज को कांटेक्ट लेस बना दिया गया है। कोई भी व्यक्ति अपील के संबंध में कोई आवेदन ऑनलाइन देता है तो विभाग के द्वारा उस आवेदन की सुनवाई के लिए संबंधित व्यक्ति को लिंक भेज दी जाती है। इस लिंक के माध्यम से गूगल मीट के द्वारा सुनवाई हो जाती है। इसमें अपील प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति और अपील सुनने वाले अधिकारी के बीच में कहीं कोई संवाद और संपर्क नहीं होता है। सारे अरगुमेंट और डॉक्यूमेंट भी इसी तरीके से प्रस्तुत होते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरीके से काम करने पर विभाग में समय और श्रम की बचत होने के साथ-साथ पारदर्शिता की स्थिति भी बन गई है। पूरे देश में मध्य प्रदेश का जीएसटी विभाग ही एकमात्र ऐसा विभाग है जिसके द्वारा कांटेक्ट लेस वर्किंग को शुरू किया गया है।
दो राज्यों की व्यवस्था पिछड गई
पूरे देश में जीएसटी विभाग में पेपर लेस वर्किंग और डिजिटल वर्किंग के लिए पश्चिम बंगाल और दिल्ली राज्य को बेस्ट माना जाता था। इन राज्यों के द्वारा सबसे पहले इस व्यवस्था को आकार दिया गया। यह व्यवस्था इन राज्यों में बेहतर स्थिति में चल रही है। मध्य प्रदेश में की गई व्यवस्था ने इन राज्यों को भी पीछे की पायदान पर धकेल दिया है। इन राज्यों में ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था के साथ में संबंधित पक्ष के द्वारा आवेदन किए जाने पर ऑफलाइन सुनवाई की भी व्यवस्था रखी गई है। इस स्थिति के कारण इन राज्यों में आधा अधूरा कॉन्टैक्टलेस वर्किंग है। मध्य प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जिसमें कि अब ऑफलाइन सुनवाई की कोई व्यवस्था नहीं है।
कार्यालय का परिसर रहता है सुना
जीएसटी विभाग के कार्यालय का मोती बंगला स्थित परिसर अब सुना रहता है। पहले इस परिसर में वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ-साथ व्यापारी और उद्योगपतियों की भीड़ लगी रहती थी। बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही इस कार्यालय में बनी हुई थी। अब यह स्थिति बीते कल की बात हो गई है। अब तो यह हालत है कि इस कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा अमूमन कोई भी नहीं आता है।
