इंदौर । महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा है कि शहर के 35 क्षेत्र में डाटा फॉर्म के माध्यम से लोगों के नक्शे की मंजूरी का कार्य जल्द ही शुरू किया जा रहा है। इस बारे में राज्य सरकार के स्तर पर हमारी बातचीत हो गई है।
शहर की पुरानी आबादी वाले इन सभी क्षेत्र के साइड प्लान बने हुए नहीं है। ऐसे में इन क्षेत्र में लोगों के प्लाट, मकान के नक्शे मंजूर नहीं हो रहे हैं। जिन लोगों के द्वारा पहले से ही मकान बने हुए हैं उन लोगों के भी मकान के नक्शे मंजूर नहीं हो पा रहे हैं। नक्शा मंजूर नहीं होने के कारण इन लोगों को बैंक या अन्य संस्थाओं से कर्जा नहीं मिल पाता है। इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के द्वारा अपने भवन का नक्शा मंजूर करवाने के लिए कई बार कोशिश की गई लेकिन नियम प्रक्रिया के कारण इनके नक्शे मंजूर नहीं हो सके।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इस बारे में हमारे द्वारा कई बार राज्य सरकार के स्तर पर बात की गई। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गी के समक्ष भी इस विषय को रखा गया था। उन्होंने भी मंत्रालय में अधिकारियों के समक्ष इस विषय को रखकर इसका समाधान करवाने की कोशिश की। इसके अलावा पिछले दिनों जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इंदौर आए थे तो इंदौर के सभी विधायकों के द्वारा भी उनके समक्ष यह मुद्दा रखा गया था। इन सब स्थितियों का परिणाम यह हुआ है कि अब इंदौर की इन सभी कॉलोनीयों के नक्शे मंजूर करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बारे में इंदौर नगर निगम के अधिकारियों की नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हो गई है। इस चर्चा में वह सभी तथ्य शामिल कर लिए गए हैं जिनके आधार पर यहां पर नक्शा मंजूर किया जाना है।
उन्होंने कहा कि अब जल्द ही इन सभी क्षेत्रों में नागरिकों के भवन के नक्शे मंजूर हो जाएंगे। इस व्यवस्था को जल्दी आकार देने की दिशा में हमारी ओर से भरपूर कोशिश की जा रही है। हम चाहते हैं कि यह व्यवस्था जल्दी से जल्दी लागू हो ताकि नागरिकों को सालों पुरानी परेशानी से मुक्ति मिले। नागरिकों को जब सुविधा होगी तो उससे सारी स्थिति बेहतर बनेगी।
