राज्यसभा चुनाव की नाकामी को मिटाना है और सफलता का इतिहास दोहराना है, दिग्गी राजा को साथ में लेकर पहुंचे दतिया
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव के लिए हलचल तेज हो गई है। यह चुनाव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए परीक्षा की घड़ी है। राज्यसभा के चुनाव में कांग्रेस को मिली नाकामी को मिटाने और दतिया के विधानसभा चुनाव की पुरानी सफलता को दोहराने की चुनौती उनके सामने है।
दतिया की सीट के लिए कांग्रेस और भाजपा में हलचल तेज हो गई है। भाजपा की ओर से पिछले विधानसभा चुनाव में पराजित हुए दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। उनके अलावा भाजपा से टिकट की दावेदारी कोई और कर भी नहीं रहा है। उनके नाम की भाजपा प्रत्याशी के रूप में घोषणा होने में मात्र औपचारिकता शेष बची है। वैसे भाजपा के द्वारा रविवार को इस चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश मुख्यालय पर एक बड़ी बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और मध्य प्रदेश भाजपा के प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह शामिल होंगे। निश्चित तौर पर इस चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की होगी।
पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट से जीत दर्ज करने वाले राजेंद्र भारती को अयोग्य घोषित कर दिए जाने के बाद यह उपचुनाव हो रहा है। राजेंद्र भारती चाहते हैं कि इस सीट से उनके बेटे को कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया जाए। इसके अलावा भी कांग्रेस में तीन बड़े दावेदार सक्रिय हो गए हैं। पार्टी के लिए पिछले विधानसभा चुनाव की जीत को इस उपचुनाव में कायम रखना मुश्किल साबित हो रहा है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच चल रही अदावत भी कांग्रेस की संभावना को बिगाड़ देती है। कांग्रेस हाई कमान के द्वारा दिए गए निर्देश के कारण शनिवार के दिन पटवारी और दिग्गी राजा एक साथ ट्रेन से दतिया पहुंचे और अपनी एकता का संदेश देने की कोशिश की।
