अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अपने लंबे और उल्लेखनीय स्पेस करियर को अलविदा कह दिया है। NASA में 27 वर्षों से अधिक समय तक सेवाएं देने के बाद उन्होंने स्टार एस्ट्रोनॉट्स से रिटायरमेंट ले लिया। अपने करियर के दौरान सुनीता विलियम्स ने तीन अंतरिक्ष मिशनों में भाग लिया और कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए। अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उनका योगदान नासा के इतिहास में विशेष स्थान रखता है।
नासा में 27 साल का लंबा और प्रेरणादायक सफर
सुनीता विलियम्स ने नासा के साथ अपने करियर में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वे उन चुनिंदा अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल रहीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर लंबे समय तक रहकर वैज्ञानिक प्रयोगों और मिशन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 608 दिन अंतरिक्ष में बिताना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
स्टारलाइनर मिशन बना चुनौती
सुनीता विलियम्स हाल ही में अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटी हैं। वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तय समय से कहीं अधिक समय तक रहीं। इसकी वजह बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल की टेस्ट फ्लाइट में आई तकनीकी खामियां रहीं। इस मिशन में उनके साथ क्रू मेंबर बुच विल्मोर भी शामिल थे। यह मिशन शुरुआत में केवल एक सप्ताह के लिए तय किया गया था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते सुनीता विलियम्स और उनके साथी को लगभग नौ महीने अंतरिक्ष स्टेशन पर रहना पड़ा। आखिरकार मार्च महीने में दोनों सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटे। यह मिशन NASA और बोइंग दोनों के लिए एक अहम सबक साबित हुआ।
क्रू मेंबर पहले ही छोड़ चुके थे नासा
इस मिशन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि सुनीता के साथ उड़ान भरने वाले बुच विल्मोर ने पिछले साल ही नासा छोड़ दिया था। इसके बावजूद मिशन के दौरान दोनों ने कठिन परिस्थितियों में पेशेवर जिम्मेदारी और संयम बनाए रखा।
अब 60 वर्ष की उम्र में सुनीता विलियम्स ने सक्रिय अंतरिक्ष करियर से आगे बढ़ने का फैसला लिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब समय है कि अगली पीढ़ी अंतरिक्ष की खोज में अपनी जगह बनाए। नासा में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड ने सुनीता विलियम्स की सराहना करते हुए उन्हें अंतरिक्ष में रास्ता दिखाने वाली शख्सियत बताया। NASA के अनुसार, सुनीता ने न केवल मिशनों को सफल बनाया, बल्कि आने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार किया।
रिटायरमेंट को लेकर सुनीता विलियम्स ने मजाकिया लहजे में कहा कि वे चांद पर जाना चाहती हैं, लेकिन उनके पति उन्हें इसकी इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब घर और जिम्मेदारियों को संभालने का वक्त आ गया है। सुनीता विलियम्स का मानना है कि अंतरिक्ष की खोज कभी नहीं रुकेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाली पीढ़ी इस यात्रा को और आगे ले जाएगी। उनका सफर युवाओं और खासतौर पर महिलाओं के लिए प्रेरणा बना रहेगा। सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष करियर भले ही यहां विराम ले रहा हो, लेकिन उनकी उपलब्धियां आने वाले समय में भी अंतरिक्ष विज्ञान को दिशा देती रहेंगी
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