इंदौर ने लगातार 8वीं बार देश में स्वच्छता सर्वेक्षण में पहला स्थान हासिल कर सफाई के लिए अपनी commitment को साबित किया है। अब शहर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में भी 10 लाख+ आबादी वाले शहरों में 200 में से 200 points के साथ पहला स्थान पाया। Mayor पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यह सफलता शहर के हर नागरिक की मेहनत और जागरूकता का परिणाम है।
शहर ने हवा और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रोजाना machines से 700-800 किलोमीटर लंबी सड़कों की सफाई होती है। Door-to-door कचरा collection के जरिए करीब 1200 ton कचरे की पूरी processing की जाती है। Industries में bio fuel का इस्तेमाल किया जाता है। हरियाली बढ़ाने के लिए बिजासन टेकरी, रेवती range और airport के आसपास 30 लाख+ पौधे लगाए गए हैं।
हवा को और साफ रखने के लिए खास उपाय किए जाते हैं। सुबह 4 से 6 बजे के बीच 300 km इलाके में वाहनों से पानी और perfume का छिड़काव किया जाता है। लोग भी खुद गंदगी नहीं फैलाते और शहर की सफाई बनाए रखने में मदद करते हैं। खुले में कचरा फैलाने पर 100 से 5000 रूपए तक का fine लगाया जाता है। पिछले एक साल में इस नियम का पालन न करने वालों के लिए 200+ चालान बनाए गए हैं।
हालांकि, हवा में धूल (PM10) का स्तर अभी थोड़ा ज्यादा है और इसे कम करने की ज़रूरत है। 10 लाख+ आबादी वाले शहरों में इस बार जबलपुर 199 points के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों में देवास पहले स्थान पर रहा। इंदौर की ये उपलब्धि पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई है।
