इंदौर। मंदिरों की बेहतरी के लिये मध्यप्रदेश में ‘Temple-bond’ जारी किए जा रहे हैं। उज्जैन सहित मालवा के मंदिरों के लिये पैसा जुटाएंगे। Bond जारी कर सरकार 200 करोड़ रुपये चाहती है। जुलाई के आखिरी हफ्ते से शुरुआत हो जाएगी। 1100 करोड़ रुपये की मंदिर सुधारने के लिये हैं। पहले 11 नामी मंदिरों का रंग-रोगन किया जाएगा।
इन मंदिरों में तैयारी है
उज्जैन के कालभैरव मंदिर, मंगलनाथ, सांदिपनी आश्रम, नवग्रह मंदिर, 84 मंदिर, अंगारेश्वर महादेव मंदिर, भूखी माता मंदिर, गढ़कालिका मंदिर, सिद्धवट मंदिर, बगलामुखी माता मंदिर और आगर-मालवा की कुछ जगह शामिल की जाएंगी। सिंहस्थ के पहले ज्यादा से ज्यादा मंदिरों को इसमें लाना है। 1100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में से 200 करोड़ Temple-Bond से, करीब 625 करोड़ रुपये शहरी इलाकों की संस्थाओं और 275 करोड़ रुपये अन्य जरियों से जुटाना है।
मंदिरों में जनभागीदारी बढ़ाना है
आय के दूसरे जरियों के भरोसे नहीं रह सकते। सरकारी अनुदान भी कम करना है। कर्नाटक और केरल के कुछ मंदिरों में Temple-bond चलता है। उसी को देखकर मध्यप्रदेश में भी शुरुआत की जा रही है। सतना का मैहर, सल्कनपुर की देवी, देवास की चामुंडा देवी, इंदौर की बिजासन माता, अन्नपूर्णा माता को जोड़ा जा सकता है।
