उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा, आध्यात्मिकता और सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास को पुलिस ने महिलाओं के कथित शोषण और धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने खुद को आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित कर देशभर में अनुयायियों का एक नेटवर्क खड़ा कर लिया था।
मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं ने मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
कौन है IIT अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास
अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है। उसकी मां सरकारी विद्यालय में प्रधानाध्यापिका थीं। अभिषेक ने देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एक निजी कंपनी में नौकरी करने के लिए मुंबई चला गया।
शुरुआती करियर सामान्य इंजीनियरों की तरह ही दिखाई देता, लेकिन कुछ समय बाद उसने नौकरी छोड़ दी और आध्यात्मिक जीवन की ओर रुख कर लिया। बताया जाता है कि वर्ष 2022 में उसकी मां धार्मिक साधना के लिए मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में रहने लगी थीं। बाद में अभिषेक भी वहीं पहुंच गया और धीरे-धीरे उसने खुद को एक आध्यात्मिक व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत करना शुरू कर दिया।

सोशल मीडिया के जरिए बनाया प्रभाव
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पारंपरिक आश्रम या धार्मिक संगठन की बजाय डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया। उसने यूट्यूब, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मीटिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों को जोड़ना शुरू किया। ऑनलाइन प्रवचनों, आध्यात्मिक चर्चाओं और धार्मिक ज्ञान के नाम पर वह युवाओं तक पहुंच बनाने लगा। उसके वीडियो और ऑनलाइन सत्रों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई।
पुलिस के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों से युवक और युवतियां उसके संपर्क में आए। कई लोग उसे आध्यात्मिक मार्गदर्शक मानने लगे थे। जांच में यह भी सामने आया कि उसके समर्थन में सोशल मीडिया पर सक्रिय एक समूह भी मौजूद था जो उसका प्रचार करता था।
कथित तौर पर महिलाओं को बनाया निशाना
मामले का सबसे गंभीर पहलू महिलाओं से जुड़े आरोप हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी ने आध्यात्मिक विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का फायदा उठाकर उन्हें अपने प्रभाव में लिया। पुलिस के अनुसार कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी ने धार्मिक और आध्यात्मिक अवधारणाओं का इस्तेमाल करके अपने अनुयायियों पर प्रभाव बनाए रखा। महिलाओं के आरोपों के आधार पर दर्ज एफआईआर में कई गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। पुलिस अब सभी आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटा रही है।
शिकायत के बाद खुला पूरा मामला
मामले की शुरुआत तब हुई जब कुछ महिलाओं ने गोवर्धन थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने विश्वास हासिल करने के बाद उनका शोषण किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए जिनके आधार पर मामला गंभीर माना गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया।
डिजिटल उपकरणों की हो रही जांच
जांच एजेंसियां अब आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था, कितने लोग उसके ऑनलाइन समूहों से जुड़े हुए थे और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इस नेटवर्क में भूमिका थी। डिजिटल साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि आरोपी का अधिकांश प्रभाव ऑनलाइन माध्यमों के जरिए स्थापित हुआ बताया जा रहा है।
दो दर्जन से अधिक अनुयायियों की भूमिका पर नजर
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के समर्थन में कई युवक और युवतियां सक्रिय थे। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दो दर्जन से अधिक लोग उसका महिमामंडन करते थे और नए लोगों को उससे जोड़ने में मदद करते थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि कौन लोग केवल अनुयायी थे और कौन लोग सक्रिय रूप से उसके नेटवर्क का हिस्सा थे।
फिलहाल IIT अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी जानकारी है या वह स्वयं पीड़ित है तो वह आगे आकर पुलिस को जानकारी दे। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी, लेकिन फिलहाल यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
