Indore। शहर की बरसों पुरानी हुकमचंद मिल की 42 एकड़ से ज्यादा जमीन बिक गई। अब दुकानों को बेचने की बारी है। क्लॉथ मार्केट में 28 दुकान हैं, जिनकी नीलामी से पहले कल नंबरिंग की गई। पहले भी दो दुकान और दो गोदाम बेचे जा चुके हैं। कल शाम चार बजे हुकमचंद मिल के परिसमापक क्लॉथ मार्केट पहुंचे। उनके साथ मिल की संघर्ष समिति के हरनामसिंह धालीवाल, नरेंद्र श्रीवंश, किसनलाल बोकरे के अलावा बैंकों के नुमाइंदे भी थे। आमने-सामने की बिल्डिंग में जहां 27 दुकान हैं, वहीं एक दुकान अलग है। सभी लोगों की मौजूदगी में हर दुकान पर नंबर डाले गए।
28 दुकान बेचने की तैयारी
मिल जब चालू थी, तब इन्हीं दुकानों से कपड़ा बेचा जाता था। कुछ का इस्तेमाल गोदाम की तरह, तो कुछ का दुकान की तरह होता है। महावीर चौक में भी दो दुकान थीं, जो पहले ही बेची जा चुकी हैं। पंचकुइया इलाके के दो गोदाम भी बिक चुके हैं। अब 28 दुकान बेचने की तैयारी है। इससे पहले इनकी कीमत निकलवाई गई, अब नंबर डाले। रिपोर्ट हाइकोर्ट में पेश की जाएगी। फिर अदालत के आदेश पर नीलामी का इश्तेहार निकलेगा।इन दुकानों में बरसों पुराने किरायेदार हैं। दूसरी-तीसरी पीढ़ी दुकान संभाल रही है। ऐसी दुकान भी हैं, जिन्हें मूल किरायेदारों ने बाद में दूसरों को किराये पर दे दी। तमाम लोगों के पास दुकान के कागज ही नहीं हैं कि उन्हें किसने किराये से दुकान दी और कब। कुछ तो बरसों से किसी को किराया भी नहीं दे रहे।
मिल खरीद चुका हाउसिंग बोर्ड
हुकमचंद मिल की जमीन हाउसिंग बोर्ड ने ली है। इसके बदले चार सौ करोड़ रुपए से ज्यादा मजदूरों को चुकाए गए। लीज की जमीन होने के कारण नगर निगम ने हाउसिंग बोर्ड के नाम रजिस्ट्री की, जिस पर कम स्टांप ड्यूटी चुकाने की शिकायत हुई थी। मामला हाइकोर्ट पहुंच गया। हाउसिंग बोर्ड यहां 25-25 माले की आवासीय और व्यावसायिक इमारत बनाना चाहता है। सरकार की इजाजत का इंतजार है। बोर्ड से मिला पैसा अभी भी मजदूरों को बांटा जा रहा है।
