भोपाल में 24 फरवरी को Congress पार्टी की ओर से किसान महा पंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और Congress अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। प्रदेश Congress कमेटी ने इसे किसानों, मजदूरों, युवाओं और छोटे व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा का बड़ा आंदोलन बताया है। पार्टी के अनुसार यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनहित के मुद्दों को लेकर व्यापक जनजागरण का प्रयास है।
Congress का कहना है कि प्रस्तावित भारत अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों, मजदूरों, युवाओं, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्ग के हितों के खिलाफ है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस तरह के समझौते से देश की अर्थव्यवस्था विदेशी दबाव में आ सकती है और स्थानीय उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। Congress ने इसे आम जनता के हितों पर सीधा हमला करार देते हुए कहा है कि वह इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी।
प्रदेश Congress के संगठन महामंत्री संजय कामले ने सभी जिला और शहर इकाइयों को पत्र जारी कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि यह आयोजन गरीबों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आमजन के अधिकारों की रक्षा के लिए जनशक्ति का प्रदर्शन है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया है कि वे पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ इस महा पंचायत में भाग लें और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें।
प्रदेश Congress अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी जिला प्रभारियों को तत्काल अपने क्षेत्रों में सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित कर जिम्मेदारियां तय की जाएं। विधानसभा प्रभारी, मोर्चा, विभाग, प्रकोष्ठ, प्रदेश और जिला पदाधिकारी, सांसद, विधायक, प्रत्याशी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम की रूपरेखा मजबूत की जाए।
Congress का लक्ष्य है कि हर ब्लॉक से बड़ी संख्या में किसान, युवा, मजदूर, छोटे और मध्यम व्यापारी तथा बेरोजगार नागरिक 24 फरवरी को सुबह 11 बजे भोपाल पहुंचें और किसान महा पंचायत में भाग लें। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह आयोजन प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक संदेश देगा। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की उपस्थिति से कार्यक्रम को राष्ट्रीय महत्व मिलने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी समय में केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर विपक्ष और आक्रामक रुख अपना सकता है। ऐसे में भोपाल की यह किसान महा पंचायत Congress के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट करने का मंच साबित हो सकती है। मध्य प्रदेश में Congress संगठन को भी इससे नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Congress का दावा है कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है बल्कि देश के हर उस नागरिक के लिए है जो आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा चाहता है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और यदि नीतियां जनविरोधी होंगी तो उनका विरोध किया जाएगा।
24 फरवरी को आयोजित होने वाली यह किसान महा पंचायत अब राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कार्यक्रम बन चुकी है। सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि भोपाल में जुटने वाली भीड़ और नेताओं के संबोधन से क्या संदेश निकलता है और इसका प्रदेश तथा राष्ट्रीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।
