Nepal की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रैपर से राजनेता बने 35 साल के बालेंद्र शाह, जिन्हें बालेन शाह के नाम से जाना जाता है, देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। ताजा चुनावी रुझानों में उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को भारी समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।
काठमांडू समेत कई शहरों में युवाओं के बीच उत्साह का माहौल है। सड़कों पर संगीत और जश्न का माहौल देखने को मिल रहा है। कई लोग इसे Nepal की राजनीति में नई पीढ़ी के उभार के रूप में देख रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को मिल रहा मजबूत जनसमर्थन
165 सीटों में से 110 पर बढ़त
Nepal में हुए हालिया संसदीय चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया है। चुनावी रुझानों के अनुसार पार्टी 165 सीटों में से करीब 110 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अगर यह रुझान परिणाम में बदलते हैं तो पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिल सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं और शहरी मतदाताओं का समर्थन इस जीत के पीछे बड़ा कारण है। सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर चलाए गए अभियान ने भी पार्टी को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जेन जी आंदोलन के बाद बदला राजनीतिक माहौल
Nepal में सितंबर 2025 में जेन जी के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ था। यह आंदोलन भ्रष्टाचार और पारंपरिक राजनीति के खिलाफ था। कई जगहों पर यह आंदोलन हिंसक भी हो गया था जिसके बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई। इसी पृष्ठभूमि में नई सरकार के गठन के लिए चुनाव कराए गए। इन चुनावों में बड़ी संख्या में युवाओं ने मतदान किया और बदलाव की मांग को खुलकर सामने रखा।
इंजीनियर से रैपर और फिर नेता बने बालेन शाह
बालेंद्र शाह का जन्म Nepal में हुआ और उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने Nepal से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद भारत के कर्नाटक स्थित विश्वेश्वरैया तकनीक विश्वविद्यालय से एमटेक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इंजीनियर के रूप में काम करना शुरू किया। इसी दौरान उन्हें संगीत का शौक हुआ और उन्होंने हिप हाप गाने लिखना और गाना शुरू किया। उनके गाने Nepal के युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गए।
नेपाली हिप हाप का बड़ा चेहरा बने
बालेन शाह ने अपने गानों के जरिए सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक व्यवस्था पर भी खुलकर बात की। उनकी यह शैली युवाओं को काफी पसंद आई। धीरे धीरे वह नेपाली हिप हाप म्यूजिक के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
उनकी लोकप्रियता केवल संगीत तक सीमित नहीं रही बल्कि उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखनी शुरू कर दी। इसी वजह से युवाओं के बीच उनकी छवि एक प्रभावशाली आवाज के रूप में बनी।
काठमांडू के मेयर से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर
बालेन शाह ने राजनीति में कदम रखते हुए काठमांडू के मेयर का चुनाव लड़ा। उन्होंने यह चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ा था और बड़ी जीत हासिल की। मेयर बनने के बाद उन्होंने शहर में सफाई व्यवस्था, अवैध निर्माण और प्रशासनिक सुधार जैसे कई मुद्दों पर काम किया। उनकी कार्यशैली और फैसलों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना दिया।
संसद चुनाव लड़ने के लिए छोड़ा मेयर पद
जनवरी 2026 में बालेन शाह ने राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया और प्रतिनिधि सभा के चुनाव में उतर गए। उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने चुनाव में कई नए चेहरों को मौका दिया। पार्टी का मुख्य एजेंडा पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और युवाओं की भागीदारी बढ़ाना बताया जा रहा है।
युवाओं की उम्मीदों का केंद्र बने बालेन शाह
Nepal की नई पीढ़ी पारंपरिक राजनीति से अलग नेतृत्व की तलाश में रही है। बालेन शाह की छवि एक ऐसे नेता की बनी है जो सिस्टम में बदलाव की बात करते हैं और युवाओं की समस्याओं को समझते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि चुनावी रुझान परिणाम में बदलते हैं तो यह नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा। पहली बार एक ऐसा नेता देश की सत्ता तक पहुंच सकता है जिसकी पहचान संगीत और युवा संस्कृति से जुड़ी रही है। फिलहाल पूरे नेपाल में चुनाव परिणामों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि क्या रैपर से नेता बने बालेन शाह वास्तव में देश के अगले प्रधानमंत्री बनते हैं या नहीं।
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