By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
October 21, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: 13 साल से कोमा में पड़े युवक को Supreme Court ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
13 साल से कोमा में पड़े युवक को Supreme Court ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति
India

13 साल से कोमा में पड़े युवक को Supreme Court ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति

गाजियाबाद के हरीश राणा केस में ऐतिहासिक फैसला

Last updated: मार्च 14, 2026 4:32 अपराह्न
By Divisha 7 महीना पहले
Share
6 Min Read
SHARE

भारत के Supreme Court ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय में गाजियाबाद के 31 वर्षीय युवक हरीश राणा को इच्छामृत्यु यानी पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी है। यह मामला देश में जीवन के अंतिम अधिकार से जुड़े सबसे संवेदनशील मामलों में से एक माना जा रहा है। अदालत ने डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि हरीश राणा को दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक प्रक्रिया के तहत लाइफ सपोर्ट हटाने की व्यवस्था की जाए।

Supreme Court का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में पहली बार किसी व्यक्ति के मामले में अदालत ने इस तरह जीवन रक्षक चिकित्सा हटाने की अनुमति दी है। इस निर्णय ने देश में सम्मानजनक मृत्यु के अधिकार और इच्छामृत्यु को लेकर व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ला दिया है।

कौन हैं हरीश राणा?

WhatsApp Image 2026 03 14 at 4.26.32 PM 1 - The Fourth

हरीश राणा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं और वर्तमान में उनकी उम्र लगभग 30 वर्ष बताई जा रही है। वर्ष 2013 में उनके साथ एक गंभीर दुर्घटना हुई थी। जानकारी के अनुसार वह एक इमारत की चौथी मंजिल से गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और वे स्थायी वेजिटेटिव स्टेट यानी कोमा जैसी स्थिति में चले गए।

दुर्घटना के बाद से हरीश राणा सामान्य जीवन नहीं जी सके। डॉक्टरों के अनुसार उनके मस्तिष्क को इतनी गंभीर क्षति पहुंची कि उनके ठीक होने की संभावना लगभग समाप्त हो गई थी। पिछले करीब 13 वर्षों से वह बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े हुए थे और पूरी तरह परिवार की देखभाल पर निर्भर थे।

मेडिकल जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनकी स्थिति अपरिवर्तनीय है और भविष्य में सुधार की कोई संभावना नहीं है।

माता पिता ने क्यों मांगी इच्छामृत्यु

हरीश राणा की इस हालत को देखते हुए उनके माता पिता ने अदालत में याचिका दायर कर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी थी। उनका कहना था कि उनका बेटा पिछले कई वर्षों से सिर्फ सांस ले रहा है लेकिन उसकी चेतना पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।

परिवार का तर्क था कि लगातार इलाज और देखभाल के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है और यह स्थिति केवल पीड़ा और मानसिक कष्ट को बढ़ा रही है। इसलिए उन्होंने अपने बेटे के लिए सम्मानजनक मृत्यु की अनुमति देने की मांग की।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने परिवार की भावनाओं और मेडिकल रिपोर्ट दोनों को गंभीरता से सुना और कई चरणों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय ली।

कोर्ट में लंबी चली कानूनी प्रक्रिया

हरीश राणा के मामले में कानूनी लड़ाई काफी लंबी चली। सबसे पहले उनके परिवार ने वर्ष 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि उस समय हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि मरीज पूरी तरह मशीनों पर निर्भर नहीं है।

इसके बाद मामला Supreme Court पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की संवेदनशीलता को देखते हुए कई मेडिकल बोर्ड गठित किए और विस्तृत रिपोर्ट मंगाई। इन रिपोर्टों में बताया गया कि हरीश राणा की स्थिति स्थायी है और उनके ठीक होने की संभावना नहीं है।

इन सभी तथ्यों और परिवार की स्थिति को देखते हुए अंततः Supreme Court ने इच्छामृत्यु की अनुमति देने का निर्णय लिया।

इच्छामृत्यु क्या होती है

इच्छामृत्यु का अर्थ है ऐसी स्थिति में व्यक्ति को प्राकृतिक रूप से मृत्यु प्राप्त करने की अनुमति देना जब उसके ठीक होने की कोई संभावना न हो। इसमें मरीज को जीवित रखने वाली कृत्रिम चिकित्सा सुविधाओं को हटाया जाता है।

भारत में सक्रिय इच्छामृत्यु यानी किसी दवा या इंजेक्शन के जरिए जानबूझकर मृत्यु देना अभी भी गैरकानूनी है। लेकिन पैसिव इच्छामृत्यु में केवल जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाली चिकित्सा सहायता को हटाया जाता है।

Supreme Court ने पहले भी कुछ मामलों में सम्मानजनक मृत्यु के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार से जोड़ा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला

हरीश राणा केस का फैसला भारत की न्यायिक और चिकित्सा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

इस निर्णय के बाद देश में जीवन के अंतिम अधिकार, चिकित्सा नैतिकता और इच्छामृत्यु से जुड़े कानूनों पर नई चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भविष्य में ऐसे मामलों के लिए कानूनी और नैतिक दिशा तय करने में मदद मिलेगी।

साथ ही Supreme Court ने यह भी संकेत दिया है कि सरकार को इच्छामृत्यु से जुड़े स्पष्ट कानून और दिशा निर्देशों पर विचार करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में स्पष्ट प्रक्रिया अपनाई जा सके।

https://www.instagram.com/p/DVvW-ThCK-6/?igsh=dnliN2pvYmY2YnRx

You Might Also Like

Indore में नर्मदा की मेन लाइन फूटी तो 15 फीट उछला पानी

Hema Malini ने 77 की उम्र में निभाया माता पार्वती का किरदार

Navratri 2026 की शुरुआत आज से जानें खास बातें

Nana Patekar के निधन से सिनेमा में छाया गहरा सन्नाटा

Vidisha का भक्तिग्राम, आधुनिक सुविधाओं से दूर जीवन

TAGGED: Euthanasia, Ghaziabad, Harish Rana, Supreme Court, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

iit-indore-ki-8-taknikon-ko-mila-udyogon-ka-bharosa
Cities

IIT Indore की 8 तकनीकों को मिला उद्योगों का भरोसा

3 महीना पहले

अखिलेश यादव और मुख्तार अंसारी के रिश्ते पर उठे सवाल

अफगानिस्तान से भागकर ऑस्ट्रेलिया में खेलने वाली महिलाओं की ये कहानी मार्मिक!

डागडुशेठ गणपति मंदिर में माघी गणेश जयंती का आयोजन

WORLD CUP FINAL : ट्रैविस हेड के शतक ने दिलाई पोंटिंग की याद

You Might Also Like

nehru-patel-jahan-thehre-the-us-200-saal-purani-residency-kothi-me-badlav-ki-yojana
Cities

नेहरू-पटेल जहां ठहरे थे, उस 200 साल पुरानी Residency Kothi में बदलाव की योजना

3 सप्ताह पहले
mppsc-aur-group-2-pariksha-ek-din-hone-se-badhi-mushkil
Education

MPPSC और ग्रुप-2 परीक्षा एक दिन होने से बढ़ी मुश्किल

3 सप्ताह पहले
IMG 20261002 WA0003 - The Fourth
Cities

Indore : भागीरथपुरा की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

3 सप्ताह पहले
cm-mohan-yadav-ke-naye-jet-ki-kaman-videshi-pilot-sambhalenge
Cities

सीएम Mohan Yadav के नए जेट की कमान विदेशी पायलट संभालेंगे

4 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?