कमर्शियल उपयोग के लिए गैस का सिलेंडर देने कि नहीं बन सकी नीति Indore। कई देशों के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारत में पैदा हुए गैस की टंकी के संकट का असर Indore में नजर आना शुरू हो गया है। अब होटल पर कोयले की भट्टी में कचोरी, समोसे बनना शुरू हो गए हैं तो इंडेक्स चूल्हे पर चाय बनाई जा रही है।
Indore में लोगों को घर में उपयोग के लिए तो गैस की टंकी मिल सकें इसके लिए जिला प्रशासन के द्वारा भरसक कोशिश की जा रही है। प्रशासन की इस कोशिश का ही यह परिणाम था कि रविवार के दिन भी इस बार गैस एजेंसी चालू रही और एजेंसी के द्वारा नागरिकों की गैस के सिलेंडर की न केवल बुकिंग की गई बल्कि उसकी घर पर जाकर डिलीवरी भी की गई। प्रशासन की ओर से नागरिकों को आसानी से गैस उपलब्ध कराने की दिशा में हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं।
इन सारी कोशिशें के बीच में अब समस्या उन लोगों को आने लगी है जो की गैस का व्यवसायिक उपयोग करते हैं। इन लोगों के द्वारा गैस की व्यावसायिक उपयोग की टंकी ही ली जाती है। अभी किसी भी गैस एजेंसी के द्वारा व्यावसायिक उपयोग की टंकी का सप्लाई नहीं किया जा रहा है। इस स्थिति के कारण एक तरफ जहां होटल वालों को समस्या आ रही है तो वहीं दूसरी तरफ छोटे-छोटे नाश्ते के ठिकाने पर भी समस्या आना शुरू हो गई है। Indore का सबसे प्रमुख नाश्ता पोहा के साथ में कचोरी, समोसा, आलू बड़ा, ब्रेड बड़ा होता है। अब कई दुकानों पर यह नाश्ता कोयले की भट्टी में बनाने का काम शुरू हो गया है। कोठारी मार्केट में जिस स्थान पर अब तक गैस की टंकी से चलने वाली भट्टी पर यह नाश्ता बनाया जाता था वहां पर कल से कोयले की भट्टी में नाश्ता बनना शुरू हो गया है। इसके साथ ही बहुत सारी चाय की दुकान पर अब चाय इंडेक्स चूल्हा पर बनने लगी है। इन स्थानों पर भी अब तक चाय गैस की टंकी से चलने वाले स्टोव पर बनती थी।
चूल्हे की कीमत में भी बढ़ गई कोठारी मार्केट में जिस दुकान पर अब कोयले की भट्टी में नाश्ता बनाने का काम हो रहा है वहां पर दुकान के संचालक ने कहा कि अभी तक कोयले की यह भट्टी ₹1000 में आ जाती थी। अब बदले हुए हालात में इसकी कीमत बढ़कर ₹4000 हो गई है। इसके साथ ही कोयले और लकड़ी के दाम भी मनमाने तरीके से बढ़ा दिए गए हैं।
