Indore में साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कनाडिया थाना क्षेत्र में एक कपड़ा व्यापारी को क्रेडिट कार्ड ऑफर के नाम पर ठगों ने निशाना बनाया और महज कुछ ही मिनटों में उसके खाते से करीब साढ़े आठ लाख रुपए निकाल लिए। यह घटना बताती है कि कैसे आजकल साइबर अपराधी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को आसानी से जाल में फंसा रहे हैं।
कैसे हुई पूरी ठगी?
पुलिस के अनुसार, फरियादी रोहित विजयवर्गीय, जो आस्कर टाउनशिप बिचौली मर्दाना के निवासी हैं, पेशे से कपड़ा व्यापारी हैं और उनका खुद का शोरूम भी है। 13 मार्च को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताया और उन्हें एचएसबीसी का नया क्रेडिट कार्ड ऑफर किया।
रोहित पहले से ही पांच अलग अलग क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर रहे थे, इसलिए उन्होंने इस ऑफर में रुचि दिखाई और हामी भर दी। यही वह पल था जब ठगों ने अपनी चाल चलनी शुरू की।
लिंक के जरिए मोबाइल हुआ हैक
कॉल के बाद ठगों ने रोहित को एक लिंक भेजा और एक एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही उन्होंने उस लिंक के जरिए ऐप डाउनलोड किया, उनका मोबाइल पूरी तरह से हैक हो गया। ठगों ने कुछ समय तक उनके फोन को रिमोटली ऑपरेट किया और फिर कॉल काट दिया। इस दौरान रोहित को किसी भी तरह की असामान्य गतिविधि का अंदाजा नहीं हुआ। लेकिन असली नुकसान कुछ ही देर बाद सामने आया।
बैंक मैसेज से खुला राज
कुछ समय बाद रोहित की पत्नी ने उन्हें बताया कि उनके फोन पर कॉल नहीं आ रहे हैं, जबकि मोबाइल चालू था। जब उन्होंने फोन को रीस्टार्ट किया, तब कई बैंक मैसेज सामने आए। इन मैसेज में जानकारी थी कि अमेरिकन एक्सप्रेस, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से करीब साढ़े आठ लाख रुपए निकाल लिए गए हैं। यह देखकर रोहित के होश उड़ गए और उन्हें समझ में आ गया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
पुलिस में दर्ज हुई शिकायत
घटना के बाद रोहित ने तुरंत साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद मामला कनाडिया थाने को सौंप दिया गया, जहां बुधवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
किस तरह काम करते हैं साइबर ठग
यह मामला दिखाता है कि साइबर अपराधी अब पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और तकनीकी रूप से सक्षम हो चुके हैं। वे लोगों को कॉल करके भरोसा जीतते हैं और फिर लिंक या ऐप के जरिए उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लेते हैं। इसके बाद वे बिना किसी बाधा के बैंकिंग जानकारी और ओटीपी का इस्तेमाल कर पैसे निकाल लेते हैं।
कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से?
इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं। किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप्लीकेशन डाउनलोड करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक कर्मचारी बताकर जानकारी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
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