By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
October 16, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: डॉक्टरों को समर्पित है 1 जुलाई जानिए इसका महत्व
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
IMG 20260701 WA0018 - The Fourth
Fourth Special

डॉक्टरों को समर्पित है 1 जुलाई जानिए इसका महत्व

Last updated: जुलाई 1, 2026 5:44 अपराह्न
By Indira 4 महीना पहले
Share
3 Min Read
SHARE

राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस क्या है?

भारत में हर साल 1 जुलाई का राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाता है । यह दिन उन डॉक्टरों स्वास्थ्यकर्मियों को समर्पित है, जो अपने ज्ञान , समर्पण और सेवा भावना से लाखों लोगों का जीवन बचाते हैं। यह केवल डाक्टरों का सामना करने का दिन नहीं बल्कि समाज में स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को समझने और उनके योगदान को याद करने का भी अवसर है।

1 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है?

राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस डॉ.बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि की स्मृति में मनाया जाता है। उनका जन्म 1 जुलाई 1882 को हुआ था और उनका निधन भी 1 जुलाई 1962 इसी दिन हुआ था। उनके समान में भारत सरकार ने 1991 से हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाने की शुरुआत की।

1000151998 - The Fourth

कौन थे डॉ.बिधान चंद्र रॉय?

डॉ.बिधान चंद्र रॉय भारत के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सकों में से एक थे। वे एक कुशल होने के साथ-साथ स्वतंत्रा सेनानी, समाजसेवी और दूरदर्शी नेता भी थे। उनका मानना था कि डॉक्टर का काम केवल मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि एक बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना और समाज के विकास में योगदान देने भी है।

1000152002 - The Fourth

चिकित्सा और समाज के लिए योगदान

डॉ. रॉय ने चिकित्सा शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कई अस्पतालों के विकास में योगदान दिया। उनके प्रयासों से लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलीं। वे आने आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने। पश्चिम बंगाल में विकास में अहम भूमिका डॉ. रॉय स्वतंत्र भारत में पश्चिम बंगाल के पहले मुख्यमंत्री बने उनके नेतृत्व में बिधाननगर, कल्याणी और दुर्गापुर जैसे आधुनिक शहरों का विकास हुआ। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाया।

भारत रत्न से सम्मानित

देश के प्रति उनके असाधारण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 1961 में भारत रत्न से सम्मानित किया। यह सम्मान चिकित्सा और जनसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों की पहचान हैं।

राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस का महत्व

राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस हमें उन सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर देता है, जो हर परिस्थिति में मरीजों की सेवा के लिए तात्पर रहते है।महामारी या सामान्य दिनों में भी उनका योगदान समाज के लिए अमूल्य है। डॉ. बिधान चंद्र रॉय की यह सिखाती है कि एक महान डॉक्टर केवल बीमार का इलाज नहीं करता, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था बनाकर पूरे समाज के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करते है। राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस उन सभी डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है 1 जुलाई हमें डॉ. बिधान चंद्र रॉय के आदर्शों को याद करने और डाक्टरों के प्रति सम्मान व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।

You Might Also Like

Indore में नर्मदा की मेन लाइन फूटी तो 15 फीट उछला पानी

Hema Malini ने 77 की उम्र में निभाया माता पार्वती का किरदार

Navratri 2026 की शुरुआत आज से जानें खास बातें

Nana Patekar के निधन से सिनेमा में छाया गहरा सन्नाटा

Vidisha का भक्तिग्राम, आधुनिक सुविधाओं से दूर जीवन

TAGGED: 1 July, doctors, National Doctors Day, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

r2uu58ds s jaishankar 640x480 16 November 23 - The Fourth
India

एस जयशंकर लंदन से वापस लाएंगे भारत से चोरी हुई 8वीं शताब्दी की 2 मूर्तियां

3 वर्ष पहले

रुद्रप्रयाग में मूसलधार बारिश.. पहाड़ गिरे, 13 लापता

वही दिन, वही दास्तां : 5 फ़रवरी और गांधीजी से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण घटनाएं।

मंडला, रायसेन, भोपाल, इंदौर और अब जबलपुर…मध्यप्रदेश में तेजी से फैल रहा है धर्मांतरण का जाल

इंदौर, ऋषिकेश अलग – अलग रेल्वे स्टेशनो पर टुकड़ों में मिला महिला का शव!

You Might Also Like

nehru-patel-jahan-thehre-the-us-200-saal-purani-residency-kothi-me-badlav-ki-yojana
Cities

नेहरू-पटेल जहां ठहरे थे, उस 200 साल पुरानी Residency Kothi में बदलाव की योजना

2 सप्ताह पहले
mppsc-aur-group-2-pariksha-ek-din-hone-se-badhi-mushkil
Education

MPPSC और ग्रुप-2 परीक्षा एक दिन होने से बढ़ी मुश्किल

2 सप्ताह पहले
IMG 20261002 WA0003 - The Fourth
Cities

Indore : भागीरथपुरा की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

2 सप्ताह पहले
cm-mohan-yadav-ke-naye-jet-ki-kaman-videshi-pilot-sambhalenge
Cities

सीएम Mohan Yadav के नए जेट की कमान विदेशी पायलट संभालेंगे

3 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?