By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
June 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: बच्चों की की दवाएं सस्ती… करोड़ रु का खर्च लाख तक आया !
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
49a6a0f0 668d 11ed b7f8 ce09d82c1fb2 1668713554290 e1700917648668 - The Fourth
Health

बच्चों की की दवाएं सस्ती… करोड़ रु का खर्च लाख तक आया !

इनमें से ज्यादातर बीमारियां बच्चों में होने वाली बीमारी है।

Last updated: नवम्बर 27, 2023 2:38 अपराह्न
By Parikshit 3 वर्ष पहले
Share
3 Min Read
SHARE

नई दिल्ली। सरकारी एजेंसियों की सहायता से भारतीय दवा कंपनियों ने एक साल में चार दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए दवाएं विकसित करने में कामयाब हुई हैं। इससे इलाज का खर्च सौ गुना तक कम हो गया है। इनमें से ज्यादातर बीमारियां बच्चों में होने वाली बीमारी है। उदाहरण के लिए, टाइरोसेमिया टाइप-1 के इलाज के लिए 2.2 करोड़ से 6.5 करोड़ वार्षिक खर्च होता था, लेकिन अब वही खर्च घटकर 2.5 लाख तक हो गया है। यह बच्चों में होने वाली वह बीमारी है, जिसका इलाज नहीं किया जाए तो करीबन 10 वर्ष की उम्र तक बच्चों की मौत हो जाती है।

इन बीमारियों का भी खर्च भी कम हुआ

तीन अन्य दुर्लभ बीमारियों में गौचर भी शामिल है, जिसके कारण यकृत बढऩा और हड्डियों में दर्द होता है। गौचर के इलाज के लिए प्रति वर्ष 1.8 से 3.6 करोड़ रुपये खर्च बैठता था, लेकिन अब यही खर्च घटकर 3.6 लाख रुपये तक हो गया है। ऐसे ही दुर्लभ बीमारियों में विल्सन भी है, जो यकृत में तांबा जमा होने और अन्य मनोरोग संबंधी लक्षणों के कारण होता है। इसके इलाज में प्रति वर्ष ट्रिनटीन कैप्सूल के साथ 2.2 करोड़ रुपये तक खर्च होता था, जो कि अब घटकर 2.2 लाख रुपये हो चुका है। वहीं ड्रावेट या लेनॉक्स के इलाज के लिए पहले प्रति वर्ष सात से 34 लाख रुपये खर्च होता था, लेकिन अब इसके इलाज का खर्च 1.5 लाख रुपये हो गया है।

करोड़ों मरीज को दुर्लभ बीमारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में 8.4 करोड़ से 10 करोड़ तक मरीज दुर्लभ बीमारी का शिकार होते हैं। उनमें से 80 फीसदी अनुवांशिक होते हैं, जिसका मतलब इसका इलाज कराना जरूरी है। एक साल पहले बायोफोर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, लॉरस लैब्स लिमिटेड, एमएसएन फार्मास्यूटिकल और एकुम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिक्स जैसी कंपनियों ने 13 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों पर काम करना शुरू किया था। उनमें से चार के इलाज के लिए दवाइयां विकसित कर ली गई हैं, वहीं बाकी के बीमारियों के लिए जल्द ही दवाएं विकसित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

You Might Also Like

Hanta Virus 23 देशों तक कैसे पहुंचा संक्रमण

Momos की लत ने 10 साल की बच्ची को पहुंचाया ICU: Plasmapheresis से बची जान

देश में 46% Indians को नहीं मिल रही 6 घंटे की भी नींद

Cancer से महिला-मौत में मध्यप्रदेश अव्वल

14 साल का Banking Experience रखने वाला आदमी Footpath पर

TAGGED: Gaucher, pharmaceutical companies, rare disease
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

women - The Fourth
India

जितिया व्रत पर नहाने गई 5 लड़कियों की मौत, सेल्फ़ी बनी मौत का कारण।

3 वर्ष पहले

WORLD CUP FINAL : ट्रैविस हेड के शतक ने दिलाई पोंटिंग की याद

जल्द ही driving assistant feature के साथ आएगी Maruti Suzuki की यह SUV

मध्यप्रदेश चुनाव मे दिखेगी ‘इंडिया’ की झलक… कॉंग्रेस ‘आप’ और सपा होंगे एक

सूरत एयरपोर्ट को मिला इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा !

You Might Also Like

world malaria day - The Fourth
Health

25 अप्रैल: मलेरिया के खिलाफ वैश्विक जागरूकता का दिन

1 वर्ष पहले
world health day quotes - The Fourth
Fourth Special

World Health Day: सेहत है तो सब कुछ है

1 वर्ष पहले
WhatsApp Image 2025 02 24 at 1.22.20 PM - The Fourth
Health

क्या है Dessert Stomach? जब पेट भर जाए, लेकिन मीठे की भूख बाकी रहे!

1 वर्ष पहले
WhatsApp Image 2025 02 19 at 2.42.11 PM - The Fourth
Health

Motion Sickness: क्यों कुछ लोगों को सफर में होती है घबराहट

1 वर्ष पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?