भारत ने Pulwama आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 14 फरवरी को देशभर में आयोजित कार्यक्रमों और सोशल मीडिया संदेशों के जरिए नेताओं ने शहीदों के साहस और बलिदान को याद किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश उनके सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेगा। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वीर जवानों का साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जवानों की प्रतिबद्धता अद्वितीय है और देश उनके परिवारों के साथ खड़ा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हमले में जान गंवाने वाले जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान देश के लिए अमूल्य है और उनकी याद हमेशा जीवित रहेगी। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र उनकी वीरता को कभी नहीं भूलेगा।
कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सुरक्षा बलों के कैंपों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां अधिकारियों और जवानों ने दो मिनट का मौन रखकर अपने साथियों को याद किया। देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने कैंडल मार्च निकाले और स्मारकों पर पुष्प अर्पित किए।
14 फरवरी 2019 को क्या हुआ था
14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के Pulwama जिले में श्रीनगर जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के काफिले को निशाना बनाया गया था। उस दिन लगभग 78 वाहनों का काफिला ड्यूटी के लिए आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान विस्फोटकों से भरी एक कार ने काफिले की बस से टक्कर मार दी।
इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास का क्षेत्र दहल उठा। यह घटना हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक मानी जाती है।
किस संगठन का नाम जांच में सामने आया
Pulwama आतंकी हमले के बाद जांच एजेंसियों ने बताया कि इस हमले में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed की भूमिका सामने आई थी। घटना के तुरंत बाद इस संगठन ने अपने आधिकारिक चैनलों के माध्यम से हमले को अंजाम देने का दावा किया था। जांच में सामने आया कि विस्फोटकों से भरी गाड़ी चलाने वाला हमलावर जम्मू कश्मीर का स्थानीय युवक था, जिसे कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर आतंकी संगठन से जोड़ा गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले की विस्तृत जांच की और हमले से जुड़े नेटवर्क की पहचान करने के लिए कई स्थानों पर कार्रवाई की।
इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस मुद्दे को उठाया। सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए और देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
