हर साल NEET में हो रही गड़बड़ी से बच्चों का सिर्फ वक्त ही बर्बाद नहीं हो रहा, करोड़ों की चपत भी लगी है। बीते पांच साल में NEET कराने वाली NTA को बतौर फीस 3512 करोड़ रुपए मिले। इनमें तीन हजार करोड़ रुपए खर्च हो गए। 500 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। हर साल 20 से 25 लाख बच्चे NEET की परीक्षा देते हैं। कोचिंग, किताब, टेस्ट सीरिज, होस्टल… सब मिला कर एक बच्चा दो से पांच लाख रुपए खर्च करता है। 20 लाख के हिसाब से जोड़ा जाए, तो नीट तैयारी का कारोबार 40 हजार करोड़ रुपए का है। पांच साल में यह आंकड़ा दो लाख करोड़ को पार कर जाएगा।
जुडऩे के लिए 5 हजार रुपए
NEET फर्जीवाड़े में ऐसे वाट्सएप ग्रुप का पता चला है, जिसमें जुडऩे के लिए 5 हजार रुपए लिए जाते थे। सिर्फ ग्रुप एडमिन को ही मैसेज करने की इजाजत थी। ग्रुप की जानकारी और कागज कहीं और शेयर करने पर पता लग जाता था।इस कांड की शुरुआत नासिक से होना पता चला है। ग्रुप का नाम गेस पेपर रखा था। भोपाल से भी तार जुड़ रहे हैं। अलग-अलग जगह से कई लोगों को हिरासत में लिया है। धरपकड़ जारी है।
