इस वर्ष Raksha Bandhan का पर्व भद्रा के व्यवधान के बिना मनाया जाएगा। 28 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर दिनभर रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार, इस दिन शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग, बव उपरांत कौलव करण और मीन राशि के चंद्रमा की साक्षी रहेगी। शुक्रवार को सुकर्मा योग होने के कारण इस दिन को विशेष शुभ फलदायी माना गया है।
Raksha Bandhan पर भद्रा का नहीं रहेगा प्रभाव
इस बार Raksha Bandhan के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। बताया गया है कि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 9 मिनट से भद्रा शुरू होगी और रात 9 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। इसके बाद 28 अगस्त को सूर्योदय से रक्षाबंधन पर्व मनाने का क्रम शुरू किया जा सकेगा। भद्रा समाप्त होने के कारण श्रद्धालुओं को राखी बांधने के लिए विशेष रोक का सामना नहीं करना पड़ेगा।
Raksha Bandhan पर दिनभर बांध सकेंगे राखी
Raksha Bandhan पर बहनें अपनी पारिवारिक परंपरा और सुविधा के अनुसार राखी बांध सकेंगी। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार मध्याह्न काल के आसपास रक्षा सूत्र बांधना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं कई परिवारों में प्रदोष काल के आसपास Raksha Bandhan मनाने की परंपरा भी है। इस बार भद्रा का व्यवधान नहीं होने से परिवारों को पर्व मनाने के लिए अधिक सुविधा रहेगी।
सुकर्मा योग बनाएगा Raksha Bandhan को खास
ज्योतिषाचार्य के अनुसार 28 अगस्त को Raksha Bandhan के दिन शतभिषा नक्षत्र और सुकर्मा योग का संयोग रहेगा। इसके साथ बव उपरांत कौलव करण और मीन राशि के चंद्रमा की स्थिति रहेगी। शुक्रवार का दिन और सुकर्मा योग होने के कारण इसे शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। यही वजह है कि इस वर्ष Raksha Bandhan को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहेगा।
भद्रा को शुभ कार्यों में क्यों माना जाता है वर्जित
धर्मशास्त्रीय मान्यताओं में भद्रा को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। इसी कारण कई धार्मिक पर्वों और मांगलिक कार्यों में भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। Raksha Bandhan पर भी राखी बांधने के समय भद्रा की स्थिति को महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि इस वर्ष 28 अगस्त को भद्रा का व्यवधान नहीं होने से बहनें दिनभर रक्षा सूत्र बांध सकेंगी।
शिप्रा तट पर होगा श्रावणी उपाकर्म
Raksha Bandhan के अवसर पर उज्जैन की मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर सुबह से श्रावणी उपाकर्म का आयोजन होगा। इस दौरान ब्राह्मण वैदिक रीति-रिवाजों के साथ नई यज्ञोपवीत धारण करेंगे। धार्मिक परंपराओं में श्रावणी पूर्णिमा का यह अनुष्ठान महत्वपूर्ण माना जाता है। पर्व के दौरान धार्मिक स्थलों पर भी विशेष आयोजन होंगे।
इस बार Raksha Bandhan पर क्या खास
इस वर्ष Raksha Bandhan को लेकर सबसे खास बात 28 अगस्त को भद्रा का व्यवधान नहीं होना है। इसके चलते बहनें अपनी सुविधा के अनुसार दिनभर भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। मध्याह्न काल को शास्त्रीय रूप से श्रेष्ठ माना गया है, जबकि प्रदोष काल में पर्व मनाने की परंपरा वाले परिवार भी अपनी परंपरा के अनुसार Raksha Bandhan मना सकेंगे।
