वेतन की इस विसंगति को दूर करने के लिए ही आंदोलन कर रहे हैं सफाई मित्र
इंदौर । इंदौर नगर निगम के द्वारा सफाई के एक समान काम को करने के लिए किसी कर्मचारी को 12000 रु का वेतन दिया जा रहा है तो किसी को 60000 रु का। वेतन की इस विसंगति को दूर करने के लिए ही सफाई मित्रों के द्वारा आंदोलन किया जा रहा है।
इतनी नियमितिकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई मित्रों के आंदोलन के कारण के बारे में जब जानकारी निकाली गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। नगर निगम में काम करने वाले दैनिक वेतन भोगी सफाई कर्मियों को ₹12000 वेतन दिया जाता है। इसमें से 1500 रुपए ईपीएफ के कट जाते हैं। इस तरह उन्हें केवल 10500 मिलते हैं। इस तरह के कर्मचारियों की संख्या 3200 है। इसके साथ ही विनियमित कर्मचारियों के रूप में काम करने वाले 1970 कर्मचारियों को सफाई के कार्य के लिए ₹21000 प्रति माह का वेतन मिलता है। सफाई की स्थाई कर्मचारियों के रूप में 960 लोग काम कर रहे हैं। इन लोगों को नगर निगम के द्वारा ₹25000 से लेकर ₹60000 प्रति माह तक का वेतन दिया जाता है। आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से सफाई के कार्य में 1600 लोगों को लगाया गया है। इन लोगों को नगर निगम के द्वारा प्रतिमाह 13000 रुपए का वेतन दिया जाता है। वेतन की यह विसंगति ही इस समय सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का कारण बनी है।
69 बर्खास्त किए गए कर्मचारी बहाल
आंदोलन कर रहे सफाई मित्रों के द्वारा यह मांग की जा रही थी कि पिछले दिनों में उनके जिन साथियों को नगर निगम के द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है उन्हें वापस सेवा में लिया जाए। इस मांग को मानते हुए नगर निगम के द्वारा इस तरह के कर्मचारियों को फिर से सेवा में लेने के लिए दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। पहले आदेश में 25 कर्मचारियों को और दूसरे आदेश में 44 कर्मचारियों को फिर से सेवा में ले लिया गया है। ध्यान रहे कि काम में लापरवाही करने के कारण इन लोगों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। सफाई कर्मचारियों की यूनियन के दबाव में निगम प्रशासन के द्वारा इन सभी लोगों को फिर से सेवा में शामिल कर दिया गया ह
