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Reading: 57 दिनों तक चलेगी पवित्र Amarnath यात्रा
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Religion

57 दिनों तक चलेगी पवित्र Amarnath यात्रा

3 जुलाई से शुरू होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन

Last updated: मई 21, 2026 2:42 अपराह्न
By Divisha 2 सप्ताह पहले
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10 Min Read
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भारत की सबसे पवित्र और कठिन धार्मिक यात्राओं में शामिल Amarnath यात्रा को लेकर इस वर्ष बड़ा ऐलान किया गया है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि वर्ष 2026 की Amarnath यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। इस बार Amarnath यात्रा कुल 57 दिनों तक आयोजित की जाएगी। यात्रा का समापन रक्षाबंधन के दिन होगा। जम्मू कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़े इंतजाम किए हैं।

बाबा बर्फानी के दर्शन का विशेष महत्व

हिमालय की ऊंची पहाड़ियों में स्थित पवित्र गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों को पार करके भगवान शिव के दर्शन करने पहुंचते हैं। मान्यता है कि इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। इसी कारण Amarnath यात्रा को अत्यंत पवित्र माना जाता है।

समुद्र तल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गुफा जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में मौजूद है। ऊंचाई अधिक होने के कारण यहां ऑक्सीजन का स्तर कम रहता है और मौसम बेहद तेजी से बदलता है। यही वजह है कि Amarnath यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की गई है।

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3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी यात्रा

इस वर्ष Amarnath यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई 2026 से होगी और 28 अगस्त 2026 को समाप्त होगी। यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी। इससे पहले ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर प्रथम पूजा आयोजित की जाएगी। Amarnath यात्रा की अवधि बढ़ाने का उद्देश्य अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर देना बताया जा रहा है। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में Amarnath यात्रा की तारीखों को अंतिम मंजूरी दी गई। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, आपदा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू

Amarnath यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इस वर्ष ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। श्रद्धालु श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में भी ऑफलाइन पंजीकरण कराया जा सकता है। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र जरूरी होगा। इसके साथ ही अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जमा करना भी जरूरी है। यह प्रमाणपत्र केवल अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल द्वारा जारी किया जाएगा।

कौन कर सकता है Amarnath यात्रा?

Amarnath यात्रा के लिए आयु सीमा भी तय की गई है। केवल 13 वर्ष से 70 वर्ष तक के लोग ही यात्रा कर सकेंगे। छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि ऊंचाई और कठिन मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि Amarnath यात्रा शुरू करने से कम से कम एक महीने पहले नियमित पैदल चलना, योग और प्राणायाम शुरू कर दें ताकि शरीर ऊंचाई वाले वातावरण के लिए तैयार हो सके।

दो प्रमुख मार्गों से होगी Amarnath यात्रा

Amarnath यात्रा के लिए इस बार भी दो प्रमुख मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग और दूसरा छोटा लेकिन कठिन बालटाल मार्ग।

पहलगाम मार्ग
यह पारंपरिक रास्ता माना जाता है। यह मार्ग लंबा जरूर है लेकिन अपेाकृत आसान माना जाता है। इस रास्ते में श्रद्धालु पहलगाम, चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी जैसे पड़ावों से गुजरते हैं। प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग को चुनते हैं।

बालटाल मार्ग
यह मार्ग छोटा है लेकिन काफी कठिन माना जाता है। इस रास्ते में चढ़ाई ज्यादा है और रास्ता संकरा भी है। शारीरिक रूप से फिट श्रद्धालु अक्सर इसी मार्ग को चुनते हैं क्योंकि इससे कम समय में गुफा तक पहुंचा जा सकता है।

आरएफआईडी कार्ड रहेगा अनिवार्य

इस वर्ष Amarnath यात्रा में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आरएफआईडी कार्ड अनिवार्य किया गया है। बिना आरएफआईडी कार्ड किसी भी श्रद्धालु को यात्रा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कार्ड यात्रियों की लोकेशन ट्रैक करने और आपात स्थिति में मदद पहुंचाने के लिए उपयोग किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि Amarnath यात्रा के दौरान आरएफआईडी टैग हमेशा गले में पहनकर रखें। इससे किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य को लेकर जारी हुई सलाह

ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी के कारण कई श्रद्धालुओं को सांस लेने में परेशानी और ऊंचाई से जुड़ी बीमारी की समस्या हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सलाह जारी की है। श्रद्धालुओं को पर्याप्त पानी पीने, गर्म कपड़े पहनने और अत्यधिक थकान से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि Amarnath यात्रा के दौरान शराब, धूम्रपान और कैफीन युक्त पेय पदार्थों से दूरी बनाकर रखें। यात्रा मार्ग पर हर दो किलोमीटर की दूरी पर चिकित्सा सहायता केंद्र और ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष टीम तैनात की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी बेहद सख्त

पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए इस बार Amarnath यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और सेना के जवान पूरे यात्रा मार्ग पर तैनात रहेंगे। ड्रोन कैमरों और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से लगातार निगरानी की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा सकती है। प्रशासन ने कहा है कि Amarnath यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

हेलीकॉप्टर सेवा की भी सुविधा

जो श्रद्धालु पैदल यात्रा नहीं कर सकते उनके लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहेगी। हेलीकॉप्टर के जरिए श्रद्धालु पंचतरणी या बालटाल के नजदीकी स्थान तक पहुंच सकते हैं। हालांकि हेलीकॉप्टर सेवा लेने वाले यात्रियों के लिए भी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्य रहेगा।

हिमालयी क्षेत्र में मौसम कभी भी बदल सकता है। अचानक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं Amarnath यात्रा को प्रभावित कर सकती हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करें और केवल निर्धारित मार्गों पर ही यात्रा करें। श्रद्धालुओं को रेनकोट, गर्म कपड़े, जलरोधक जूते और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि किसी भी शॉर्टकट रास्ते का उपयोग न करें क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा जोर

Amarnath यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन ने प्लास्टिक के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा मार्ग को साफ रखें और कचरा इधर उधर न फैलाएं।
यात्रा मार्ग पर सफाई कर्मचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।

Amarnath यात्रा की तारीखों की घोषणा होते ही देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है। कई राज्यों से श्रद्धालुओं ने अभी से यात्रा की तैयारी शुरू कर दी है। होटल बुकिंग और यात्रा पैकेजों की मांग भी बढ़ने लगी है। धार्मिक संगठनों का कहना है कि इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने भी अनुमान लगाया है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार Amarnath यात्रा में यात्रियों की संख्या अधिक हो सकती है।

आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेगी पूरी जानकारी

श्रद्धालु Amarnath यात्रा से जुड़ी सभी जानकारी श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं। यहां पंजीकरण, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, यात्रा मार्ग, मौसम अपडेट और सुरक्षा निर्देशों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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