बिहार में चुनाव का समय बेहद नजदीक है लेकिन इस अहम समय में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बहुत बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC घोटाला मामले में लालू परिवार पर आरोप तय किए हैं. लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 14 लोग इस घोटाले के आरोपी हैं।
बिहार में चुनाव का समय बेहद नजदीक है लेकिन इस अहम समय में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बहुत बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC घोटाला मामले में लालू परिवार पर आरोप तय किए हैं. लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 14 लोग इस घोटाले के आरोपी हैं।
क्या है IRCTC स्कैम?
रेलवे में कथित रूप से नौकरी के बदले जमीन मांगने से जुड़े घोटाले को IRCTC स्कैम कहा जाता है। बात उस समय की है जब लालू यादव रेल मंत्री थे। 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके रेल मंत्री रहते हुए रेलवे भर्ती में घोटाला हुआ। मई, 2004 में लालू यादव यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री बने इसके आठ महीने बाद फरवरी, 2005 में रेल मंत्रालय IRCTC के दो होटल किराए पर चलाने देने का फैसला करता है। कुछ रिपोर्ट के मुताबिक लीज के फैसले के कुछ ही दिनों बाद पटना में एक जमीन बिकती है। कथित तौर पर यहीं से घोटाले की शुरुआत हुई। ये जमीन थी मेसर्स सुजाता होटल्स नाम की कंपनी की जो पटना में होटल चाणक्या चलाती है। स्कैम के आरोप इसी जमीन से संबंधित है।
आरोप लगा कि रेलवे में नौकरी लगवाने के बदले आवेदकों से जमीन और प्लॉट लिए गए थे। मामले में CBI की तरफ से दर्ज FIR में लालू यादव, राबड़ी यादव और उनकी दो बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव का नाम है। इसके अलावा कुछ प्राइवेट प्लेयर्स को भी आरोपी बनाया गया। उन पर नौकरी के बदले जमीन देने का आरोप है।
नवंबर, 2006 में रेलवे ने लीज का टेंडर निकाला था। रांची और पुरी स्थित उन्हीं दो होटलों के लिए, जिनका पहले जिक्र किया। टेंडर की शर्तें ऐसी थीं कि सुजाता होटल्स बिड के लिए योग्य नहीं थी। आरोप लगाया गया कि टेंडर निकाले जाने के कुछ ही हफ्तों के अंदर टेंडर की शर्तों में बदलाव कर दिया गया। नई शर्तों के बाद सुजाता होटल्स बिडिंग के लिए इलिजिबल हो गई थी। करीब डेढ़ महीने बाद दिसंबर 2006 में सुजाता होटल्स को रांची और पुरी वाले होटल चलाने के लिए लीज दे दी गई थी।
साल 2018 में CBI और ED, सुशील मोदी के आरोपों के आधार पर केस फाइल किया था। ED की अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग का केस चार्जशीट फाइल हुई। वहीं सीबीआई की अदालत में भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का केस शुरू हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक सारी जमीनें राबड़ी देवी और मीसा भारती के नाम पर ली गई थीं। CBI की जांच में पता चला था कि आरोपियों ने सेंट्रल रेलवे के तत्कालीन जनरल मैनेजर और CPO के साथ मिलकर घोटाले की साजिश रची थी। जांच एजेंसी का कहना था कि इन भर्तियों के लिए कोई भी विज्ञापन या पब्लिक नोटिस नहीं जारी किया गया था। बावजूद इसके, पटना में रहने वाले लोगों को मुंबई, पटना, जबलपुर, कोलकाता और हाजीपुर में अलग-अलग जोनल रेलवे सब्स्टिट्यूट के रूप में नियुक्त किया गया था।
राउज एवेन्यू कोर्ट में क्या हुआ?
आज यानी 13 अक्टूबर को जब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव से पूछा, “क्या आप अपना अपराध मानते हैं?” इस पर लालू यादव समेत राबड़ी और तेजस्वी ने अपना अपराध मनाने से इनकार किया।
हालांकि कोर्ट ने कहा, ‘लालू की जानकारी में टेंडर घोटाले की पूरी साजिश रची गई। टेंडर में उनका हस्तक्षेप था। इससे लालू परिवार को फायदा हुआ।’
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू यादव को कहा कि आपने षड्यंत्र रचा, आपने लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया, टेंडर प्रोसेसिंग में दखल दिया, और टेंडर हासिल करने की शर्तों में हेराफेरी की गई।
कोर्ट ने लालू यादव को कहा कि आपने कोचर से ज़मीन के टुकड़ों की कम कीमत पर खरीद की साजिश रची, और बाद में इन जमीनों पर प्रभावी नियंत्रण राबड़ी और तेजस्वी को हस्तांतरित करने के लिए अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची गई।
वहीं लालू ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगे। लालू यादव की ओर से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने तर्क दिया कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है और कहा, ‘ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चले कि जमीन के बदले उम्मीदवारों को नौकरी दी गई।’
ये मामला अब आगे बढ़ेगा। लालू यादव पर भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का आरोप है। इसके अलावा, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप लगे हैं। अगर तीनों के खिलाफ आरोप साबित हुए तो इन्हें एक से 7 साल तक की सजा हो सकती है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि ये ख़बर कुछ हद तक RJD को नुकसान जरूर पहुंचाएगी ख़ासकर बिहार की अर्बन सीटों पर। हालांकि बहुत ज्यादा नुकसान हो इसकी संभावना कम है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, ‘हम इस मामले की कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। हमने शुरू से ही कहा था कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आएंगे, ऐसी बातें होंगी। हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं और अदालत में अपनी बात रखेंगे। जिस व्यक्ति ने रेलवे को 90,000 करोड़ रुपए का मुनाफा दिया, जिसने हर बजट में किराया घटाया, वह ऐतिहासिक रेल मंत्री के रूप में जाने जाते हैं। हार्वर्ड और IIM के छात्र लालू जी से सीखने आए थे। उन्हें मैनेजमेंट गुरु कहा जाता है। बिहार और देश की जनता सच्चाई जानती है।’
