फर्जी वोटर मुद्दे को ताकत दे रहे प्रशांत किशोर का वोट ही गड़बड़ निकला है। दो राज्यों में वोटर होना बताया जा रहा है। पश्चिम बंगाल और बिहार के वोटर हैं। अंग्रेजी वेबसाइट “इंडियन एक्सप्रेस” की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है की चार साल पहले बंगाल में ममता बनर्जी के साथ थे। अब दावा है कि 2021 में प्रशांत ने ममता की ही विधानसभा भबनीपुर में वोट डाला। टीएमसी ऑफिस के ऊपर वाले माले पर रहते थे। पता 121, कालीघट रोड बताया जाता है। इलाके के सेंट हेलन स्कूल में मतदान किया था। प्रशांत किशोर पर लगे इस आरोप के मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशांत का भी पक्ष नहीं आया है।
बंगाल के बाद बिहार में भी वोट
बिहार की सासाराम लोकसभा इलाके में भी प्रशांत का वोट है। यहां की काराघर विधानसभा के कोनार गांव के वोटर हैं। यही उनका पैतृक गांव भी है। प्रशांत के करीबी और उनकी पार्टी (जन सुराज) के नेता का कहना है कि बंगाल का वोट रद करवा दिया है। चुनाव आयोग को चिट्ठी भी लिख दी थी। अब वो बिहार के वोटर हो गए हैं। ममता बनर्जी की रिश्तेदार और टीएमसी नेता कजारी बनर्जी ने माना है कि हां, कालीघट रोड पर रहते थे। उनके वोट की जानकारी नहीं है। पिछले लोकसभा चुनाव में सीपीएम ने भी प्रशांत के खिलाफ शिकायत की थी। दो राज्यों का वोटर होने सहित कई और नियम तोडऩे का आरोप लगाया था।
सुशांत की बहन ने दिलचस्प बनाया चुनाव
पटना और आसपास की विधानसभाओं में भाजपा मजबूत मानी जाती है। कायस्थ समुदाय के वोट एकतरफा मिलते हैं, लेकिन इस बार कहानी अलग है। तीन पुराने विधायकों में से दो का टिकट कटने पर लोग गुस्सा हैं। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की चचेरी बहन को जन सुराज पार्टी ने टिकट दिया है। दिव्या गौतम को लोग पसंद कर रहे हैं। पटना यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष रह चुकी हैं। चप्पा-चप्पा जानती हैं। बंकीपुर से भाजपा विधायक नितिन नाबिन, कुम्हारर से अरुण सिन्हा और नरकटियागंज से रश्मि वर्मा को टक्कर दे रही हैं। अपनी सीट के अलावा दूसरे इलाकों में भी प्रचार कर रही हैं। सुशांत-केस के कारण भी लोग, दिव्या को भावनात्मक रूप से पसंद कर रहे हैं। बिहार के कई इलाकों में कायस्थ गुस्सा हैं कि उनके पुराने नेताओं को आराम दे दिया। वहां बात चल रही है कि ‘इस बार तो भाजपा ने भी लालाजी लोगों को छोड़ दिया।’
