Indore । शहर में ‘जल-रथ’ घूम रहा है… मकसद है बारिश का पानी जमीन में उतारने के लिए लोगों को समझाना… इस काम में मदद करना… जानकारी के लिए दो विकल्प हैं… पहला 311 एप और दूसरा फोन नंबर-0731-2499888… लोग दिलचस्पी तो दिखा रहे हैं, लेकिन न एप पर मदद मिल रही, न फोन नंबर पर… समझ नहीं आता कि जल-रथ फिर चलाया क्यों जा रहा है?
ये है कोशिश
बरसात से पहले नगर निगम इस तरह की कोशिश हर साल करता है। उम्मीद की जाती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग को समझें, क्योंकि जमीनी पानी लगातार नीचे जा रहा है। फरवरी में ही तमाम बोरिंग का सूख जाना नगर निगम के लिए सिरदर्द बन गया है। इसके सहारे रहने वालों के यहां नर्मदा टंकी से टैंकर भरकर पानी पहुंचाना पड़ता है। सैकड़ों की तादाद में टैंकर किराए पर लिए जाते हैं, जिस पर करोड़ों रुपए खर्च आता है। फिर भी शिकायत बनी ही रहती है कि सबको पानी नहीं मिल रहा। जमीनी पानी का स्तर ठीकठाक हो तो ये समस्या न आए, जिसका उपाय यही है कि बारिश का पानी बह जाने की बजाय जमीन में उतरे।
मकसद नेक, लेकिन काम गड़बड़
जल-रथ के लिए नगर निगम का मकसद तो नेक है, लेकिन काम हवा में हो रहा है। कोई देखने वाला नहीं है कि जो विकल्प इस पर दिए हैं, वे कारगर हैं या नहीं। कितने लोग संपर्क कर रहे हैं, इसका भी लेखा-जोखा नहीं। एक भी अधिकारी ऐसा नहीं, जो इसकी मानिटरिंग करे, जबकि रेन वाटर हार्वेस्टिंग कितनी खास है, ये अधिकारी भी अच्छी तरह से समझते हैं और नगर निगम में हुकूमत करने वाले नेता भी।
