भारत के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल Padma Shri पुरस्कार हर साल देश की उन हस्तियों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो। लेकिन 2026 के Padma Shri पुरस्कार समारोह की सबसे खास बात सिर्फ पुरस्कार नहीं थे, बल्कि उन चेहरों के पीछे छिपी संघर्ष की कहानियां थीं। राष्ट्रपति भवन में जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर Padma Shri लेने पहुंचीं, तो सोशल मीडिया पर उनके एथनिक लुक की चर्चा जरूर हुई, लेकिन उससे कहीं बड़ी कहानी उस लड़की की थी जिसने पंजाब के छोटे शहर से निकलकर भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाई।
इसी समारोह में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेन्द्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनकी ओर से यह सम्मान हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। यह सिर्फ एक पुरस्कार नहीं था, बल्कि उस अभिनेता की यात्रा का सम्मान था जिसने गांव की मिट्टी से निकलकर हिंदी सिनेमा में ‘ही-मैन’ की पहचान बनाई।

इस बार का पद्म समारोह इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसमें खेल, सिनेमा, संगीत और कला जगत की कई ऐसी हस्तियां शामिल थीं जिनकी जिंदगी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल रही है।
हरमनप्रीत कौर: खेतों से क्रिकेट स्टेडियम तक का सफर
आज भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे मजबूत आवाजों में शामिल हरमनप्रीत कौर का सफर आसान नहीं था। पंजाब के मोगा में जन्मीं हरमनप्रीत ऐसे दौर में क्रिकेट खेलना चाहती थीं जब लड़कियों के लिए क्रिकेट को करियर मानना बहुत आम बात नहीं थी। उनके पिता खुद क्रिकेट प्रेमी थे और उन्होंने बेटी के सपने को समझा। हरमनप्रीत अक्सर लड़कों के साथ अभ्यास करती थीं। शुरुआती दिनों में उन्हें सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ा। छोटे शहर में प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिलना आसान नहीं था। कई बार उन्हें लंबे सफर तय करके प्रैक्टिस के लिए जाना पड़ता था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

भारतीय महिला क्रिकेट में उनकी असली पहचान 2017 महिला वर्ल्ड कप से बनी, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। उस पारी ने सिर्फ मैच नहीं बदला बल्कि भारत में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता भी बदल दी। इसके बाद हरमनप्रीत भारतीय महिला टीम का चेहरा बन गईं। उनकी कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार दमदार प्रदर्शन किया। यही वजह है कि उन्हें 2026 में Padma Shri से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में उनका सम्मान ग्रहण करना करोड़ों लड़कियों के लिए प्रेरणा का क्षण बन गया।
एथनिक लुक क्यों बना चर्चा का विषय?
Padma Shri पुरस्कार समारोह में हरमनप्रीत का सादा लेकिन बेहद ग्रेसफुल एथनिक लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आमतौर पर मैदान पर स्पोर्ट्स जर्सी में नजर आने वाली हरमनप्रीत को ट्रेडिशनल अंदाज में देखकर फैन्स काफी प्रभावित हुए। फैशन की चर्चा इसलिए भी हुई क्योंकि यह सिर्फ ग्लैमर नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और उपलब्धि का मिश्रण दिखाई दे रहा था।
धर्मेंद्र: गांव के लड़के से सुपरस्टार बनने तक
आज की पीढ़ी शायद धर्मेंद्र को सिर्फ एक बड़े अभिनेता के रूप में जानती हो, लेकिन उनकी जिंदगी संघर्ष से भरी रही। पंजाब के एक साधारण परिवार में जन्मे धर्मेंद्र का बचपन बेहद सामान्य था। उनके पिता स्कूल शिक्षक थे। धर्मेंद्र फिल्मों के बहुत बड़े शौकीन थे। कहा जाता है कि उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्में कई-कई बार देखीं। लेकिन गांव के एक युवक के लिए मुंबई जाकर अभिनेता बनना किसी सपने जैसा था।
1958 में उन्होंने फिल्मफेयर टैलेंट हंट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। यही उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना। इस प्रतियोगिता ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री तक पहुंचाया। शुरुआती दिनों में उन्हें संघर्ष करना पड़ा। छोटे रोल, आर्थिक परेशानी और पहचान सब कुछ उनकी यात्रा का हिस्सा रहा। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और वे हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए। ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘फूल और पत्थर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया।

उनकी सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने एक्शन, रोमांस और कॉमेडी, हर शैली में खुद को साबित किया। यही कारण है कि दशकों बाद भी धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में गिने जाते हैं। 2026 में उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में जब हेमा मालिनी ने यह सम्मान ग्रहण किया, तो वहां मौजूद परिवार भावुक हो उठा। यह सिर्फ एक अभिनेता का सम्मान नहीं था, बल्कि भारतीय सिनेमा के एक युग का सम्मान था।
Padma Shri पुरस्कार और सितारों की विरासत
भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले Padma Shri पुरस्कार देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। Padma Shri, पद्म भूषण और पद्म विभूषण तीन स्तरों पर दिए जाने वाले ये सम्मान कला, खेल, साहित्य, विज्ञान, समाजसेवा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। सालों से कई बड़ी हस्तियों को यह सम्मान मिल चुका है। खेल जगत में सचिन तेंदुलकर, एमएस. धोनी, मैरी कॉम, और पी वी सिंधु जैसे खिलाड़ियों को पद्म सम्मान मिल चुका है। वहीं फिल्म इंडस्ट्री में अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, वहीदा रहमान, कंगना रनौत और आर माधवन जैसे कलाकारों को भी सम्मानित किया जा चुका है।
संघर्ष की कहानियां ही असली प्रेरणा
आज सोशल मीडिया के दौर में अक्सर लोग सिर्फ सफलता देखते हैं, संघर्ष नहीं। लेकिन हरमनप्रीत और धर्मेंद्र जैसे नाम याद दिलाते हैं कि किसी भी बड़ी उपलब्धि के पीछे वर्षों की मेहनत, असफलताएं और धैर्य छिपा होता है। हरमनप्रीत ने उस दौर में क्रिकेट चुना जब महिला क्रिकेट को उतनी पहचान नहीं मिलती थी। धर्मेंद्र ने उस समय फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाई जब बाहर से आए कलाकारों के लिए संघर्ष बहुत कठिन माना जाता था। राष्ट्रपति भवन में मिला सम्मान उनके करियर का अंत नहीं बल्कि उस यात्रा का उत्सव था जिसने लाखों लोगों को प्रेरित किया।
आज Padma Shri पुरस्कार सिर्फ मेडल नहीं रह गए हैं। वे उन कहानियों का प्रतीक बन चुके हैं जो भारत के युवाओं को यह विश्वास दिलाती हैं कि छोटे शहरों और साधारण परिवारों से निकले लोग भी देश का सबसे बड़ा सम्मान हासिल कर सकते हैं।
