देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल IIT Indore अब केवल शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी विकसित तकनीकें उद्योगों और स्टार्टअप्स तक भी पहुंच रही हैं। संस्थान ने अपनी 8 स्वदेशी तकनीकों का लाइसेंस उद्योगों और कंपनियों को दिया है, जबकि 20 स्टार्टअप इन तकनीकों को अपनाकर व्यावसायिक उत्पाद और सेवाएं विकसित कर रहे हैं। यह उपलब्धि संस्थान में हो रहे शोध को सीधे समाज और उद्योग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पेटेंट के क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रहा IIT Indore
IIT Indore ने अब तक 307 पेटेंट दाखिल किए हैं, जिनमें से 151 पेटेंट मंजूर हो चुके हैं। संस्थान की रिसर्च एंड डेवलपमेंट गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और नई तकनीकों को उद्योगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पेटेंट के साथ-साथ तकनीकों का व्यावसायीकरण संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
20 स्टार्टअप कर रहे तकनीकों का व्यावसायिक उपयोग
संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों को 20 स्टार्टअप ने लाइसेंस लेकर अपने उत्पादों और सेवाओं में शामिल किया है। इससे नई कंपनियों को अत्याधुनिक तकनीक मिल रही है, वहीं शोध का लाभ आम लोगों तक भी पहुंच रहा है। IIT Indore से अब तक 31 स्पिन-ऑफ स्टार्टअप भी निकल चुके हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में नवाचार कर रहे हैं।
इन क्षेत्रों में हो रहा तकनीकों का इस्तेमाल
IIT Indore की लाइसेंस प्राप्त तकनीकों का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं—
- ग्रीन अमोनिया उत्पादन
- बायोमेडिकल सेंसर
- कृषि के लिए M-AgriVision तकनीक
- बायोडीजल उत्पादन
- प्लास्टिक कचरे से ईंधन बनाने की तकनीक
- ऊर्जा भंडारण के लिए थर्मल बैटरी
- स्मार्ट निर्माण सामग्री
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित औद्योगिक समाधान
इन तकनीकों का उद्देश्य स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण और निर्माण जैसे क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना है।
रिसर्च में भी लगातार बढ़ रहा संस्थान
तकनीकी नवाचार के साथ-साथ IIT Indore शोध के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। संस्थान के शोधकर्ताओं द्वारा अब तक 1,199 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं, जबकि 927 शोधार्थी पीएचडी कर रहे हैं। यह आंकड़े संस्थान की मजबूत रिसर्च संस्कृति को दर्शाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पेटेंट हासिल करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उन तकनीकों का उद्योगों तक पहुंचना और आम लोगों के जीवन में उपयोग होना अधिक महत्वपूर्ण है। IIT Indore की तकनीकों का लाइसेंसिंग मॉडल इसी दिशा में काम कर रहा है। इससे एक ओर उद्योगों को नई तकनीक मिल रही है, वहीं स्टार्टअप्स को भी नवाचार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
