इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के नवाचार केंद्र से जुड़े KriyaServe Robot ने तकनीकी क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा की हैं। इस Robot को होटल, रेस्तरां और अन्य सेवा क्षेत्रों में सामान पहुंचाने जैसे रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे क्रियेशन रोबोटिक्स से जुड़े कार्तिक पांडे की टीम ने विकसित किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसके अनुसंधान और विकास पर करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। Robot को इस तरह तैयार किया गया है कि वह आसपास के वातावरण को समझकर रास्ते में आगे बढ़ सके और सामने आने वाली बाधाओं से बचते हुए अपना काम कर सके।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में तैयार हुआ Robot
KriyaServe Robot का विकास इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के नवाचार केंद्र से जुड़े तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र में हुआ है। विश्वविद्यालय के नवाचार केंद्र की आधिकारिक जानकारी में क्रियेशन रोबोटिक्स को अपने नवाचार से जुड़े उपक्रमों में शामिल किया गया है। इस Robot को मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे दोहराव वाले कामों को आसान बनाना है, जिनमें कर्मचारियों को लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक सामान पहुंचाना पड़ता है।
20 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ Robot
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, इस Robot के अनुसंधान और विकास पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसे तैयार करने का उद्देश्य केवल एक स्वचालित मशीन बनाना नहीं, बल्कि कम लागत में उपयोगी तकनीकी समाधान उपलब्ध कराना है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का नवाचार केंद्र भी इसे कम लागत वाली स्वचालित तकनीक की दिशा में विकसित किए गए नवाचार के रूप में प्रस्तुत करता है। इससे छोटे और मध्यम स्तर के होटल तथा रेस्तरां कारोबारों में भी भविष्य में ऐसी तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
Robot में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल
KriyaServe Robot में आसपास के वातावरण को समझने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके लिए द्वि-आयामी लाइडार और दोहरे कैमरों की तकनीक को एक साथ जोड़ा गया है। लाइडार तकनीक Robot को आसपास की दूरी और वस्तुओं की स्थिति समझने में मदद करती है, जबकि दोहरे कैमरे वातावरण की दृश्य जानकारी उपलब्ध कराते हैं। दोनों तकनीकों से मिलने वाली जानकारी को मिलाकर Robot को अपने आसपास की परिस्थितियों को समझने में सहायता मिलती है। इसी तकनीक के कारण Robot रास्ते की पहचान, आसपास का नक्शा तैयार करने, वस्तुओं को पहचानने और रास्ते में आने वाली बाधाओं से बचने जैसे काम कर सकता है।
रास्ते में बाधा आने पर बच सकता है Robot
होटल और रेस्तरां जैसे स्थानों पर लगातार लोगों की आवाजाही होती है। इसके अलावा कुर्सियां, मेज और अन्य सामान भी रास्ते में आ सकते हैं। ऐसे वातावरण में किसी स्वचालित Robot के लिए केवल आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसे आसपास की स्थिति समझकर सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ना भी जरूरी होता है। KriyaServe Robot में इस्तेमाल की गई तकनीक इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। Robot आसपास की वस्तुओं और बाधाओं की जानकारी लेकर अपने मार्ग में बदलाव कर सकता है।
होटल और रेस्तरां में काम आएगा Robot
KriyaServe Robot का प्रमुख इस्तेमाल होटल और रेस्तरां जैसे सेवा क्षेत्रों में किया जा सकता है। इन जगहों पर कर्मचारियों को खाना, पेय पदार्थ और अन्य सामान अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने के लिए लगातार आवाजाही करनी पड़ती है। ऐसे दोहराव वाले काम Robot के जरिए करवाए जा सकते हैं। इससे कर्मचारियों का समय बचाने और उन्हें दूसरे महत्वपूर्ण कामों पर ध्यान देने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका उद्देश्य इंसानों को पूरी तरह हटाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सहयोगी के रूप में काम करना है। खासतौर पर ऐसे कामों में Robot उपयोगी हो सकता है, जिनमें बार-बार एक ही रास्ते पर सामान पहुंचाना पड़ता है।
एक बार चार्ज होकर तीन से चार घंटे काम
उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, पूरा चार्ज होने के बाद KriyaServe Robot करीब तीन से चार घंटे तक काम कर सकता है। इसे लगातार सेवा देने वाले वातावरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। काम पूरा होने के बाद Robot के अपने चार्जिंग स्थान पर वापस जाने की व्यवस्था भी बताई गई है। हालांकि वास्तविक काम करने का समय रास्ते, सामान के भार और इस्तेमाल की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है।
करीब 15 किलो वजन और दो फीट ऊंचाई
रिपोर्ट के अनुसार KriyaServe Robot का वजन करीब 15 किलोग्राम और ऊंचाई लगभग दो फीट है। इसका छोटा आकार इसे होटल और रेस्तरां जैसे सीमित जगह वाले स्थानों में चलने के लिए उपयोगी बना सकता है। छोटे आकार के कारण इसे मेज-कुर्सियों के बीच से गुजरने और सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि अलग-अलग जगहों पर इसके वास्तविक प्रदर्शन का आकलन वहां की बनावट और उपलब्ध जगह के आधार पर ही किया जाएगा।
कम लागत वाली स्वचालित तकनीक पर जोर
स्वचालित तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अत्याधुनिक Robot की कीमत कई छोटे कारोबारों के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है। KriyaServe Robot इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए कम लागत में स्वचालन उपलब्ध कराने की दिशा में विकसित किया गया है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के नवाचार केंद्र के अनुसार, इसमें लाइडार और दोहरे कैमरों को मिलाकर ऐसी प्रणाली तैयार की गई है, जो कम लागत में रास्ता पहचानने, नक्शा बनाने और बाधाओं से बचने में मदद करती है।
कार्तिक पांडे की टीम ने किया विकास
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के नवाचार केंद्र की जानकारी में क्रियेशन रोबोटिक्स से जुड़े कार्तिक पांडे का नाम दर्ज है। KriyaServe इसी तकनीकी पहल का प्रमुख उत्पाद बताया गया है। इस परियोजना में रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कैमरा आधारित पहचान और स्वचालित मार्ग-निर्धारण जैसी तकनीकों को एक साथ इस्तेमाल किया गया है। इसका लक्ष्य तकनीक को वास्तविक जीवन की जरूरतों से जोड़ना है। इंदौर में तैयार किया गया यह Robot स्थानीय स्तर पर विकसित तकनीकी समाधानों की बढ़ती क्षमता को भी दिखाता है। खास बात यह है कि इसमें आधुनिक तकनीक को किसी जटिल औद्योगिक काम के बजाय होटल और रेस्तरां जैसे रोजमर्रा के सेवा क्षेत्र से जोड़ा गया है। यदि इसका व्यावसायिक इस्तेमाल सफल रहता है, तो भविष्य में ऐसे Robot होटल, रेस्तरां, अस्पताल और अन्य सेवा संस्थानों में सामान पहुंचाने जैसे दोहराव वाले कामों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
