इंदौर। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब आकाश जाटव नामक युवक ने कथित रूप से अपने ऊपर ज्वलनशील द्रव्य डाल लिया। युवक के पास बोतल में थिनर जैसा तरल पदार्थ था। वह आग लगाने की कोशिश करता, इससे पहले ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों और लोगों ने उसे पकड़ लिया। तत्काल उसकी शर्ट खुलवाई गई और स्थिति को संभाला गया। घटना के बाद कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए।
बताया जा रहा है कि युवक वाहन की बकाया राशि को लेकर विवाद के निराकरण के लिए जनसुनवाई में पहुंचा था। अधिकारियों ने मामले में पूछताछ की तो वाहन की खरीद-बिक्री से जुड़ा विवाद सामने आया। युवक का कहना था कि लंबे समय से मामले को लेकर चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। हालांकि, उसके पास राशि देने अथवा अन्य दावे से संबंधित कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं होने के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
हेलमेट की जांच में व्यस्त रहे जवान, बोतल लेकर पहुंच गया युवक
घटना ने कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। पिछले कुछ समय से कार्यालय में प्रवेश करने वाले लोगों की जांच को लेकर सख्ती की जा रही है। हेलमेट पहनकर आने वालों को ही प्रवेश देने के लिए होमगार्ड जवान मुख्य द्वार सहित अन्य प्रवेश मार्गों पर तैनात हैं। इसी व्यवस्था का फायदा उठाते हुए युवक बोतल में थिनर जैसा ज्वलनशील पदार्थ लेकर जनसुनवाई तक पहुंच गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि प्रवेश के दौरान सामान की जांच क्यों नहीं हुई। सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर अब अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। यदि हेलमेट की कार्रवाई चल रही थी तो अमला बढ़ाया जाना था और काम आवेदन की जांच की जानी थी।
एसडीएम करेंगे जांच, युवक पर भी हो सकता है प्रकरण
इंदौर एसडीएम घनश्याम धनगर मामले की जांच करेंगे। जांच में यह भी देखा जाएगा कि युवक ज्वलनशील पदार्थ लेकर कार्यालय में कैसे पहुंचा और सुरक्षा जांच में किस स्तर पर लापरवाही हुई। वहीं, युवक द्वारा खुद पर ज्वलनशील द्रव्य डालकर आग लगाने की कोशिश करने के मामले में उसके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
यह है पूरा मामला
आकाश जाटव नामक व्यक्ति में अपने किसी परिचित से वहां और डीजे साउंड सिस्टम खरीदने के लिए 11 लख रुपए की राशि चुकाने का करार किया था 2 किश्तों में 4:30 लख रुपए तक की राशि जमा की गई लेकिन उसके बाद राशि नहीं जमा हुई और अतिरिक्त 4 महीने का समय देने के बावजूद भी युवके 1 साल में भी पैसा जमा नहीं कर पाया तो संबंधित परिचित ने वाहन और डीजे सिस्टम जप्त कर लिया। जिसे लेकर एसडीम बाद में कार्यालय में शिकायत कराई थी लेकिन व्यक्ति के पास कोई भी पुख्ता सबूत नहीं तेजस के कारण मामला बिचारधीन था।
