मध्य प्रदेश सरकार के नए अत्याधुनिक विमान को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav और प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण यात्राओं के लिए खरीदा गया नया विमान जल्द ही भोपाल पहुंच सकता है। हालांकि, विमान के संचालन से पहले पायलटों की प्रशिक्षण प्रक्रिया चर्चा में आ गई है। विमान उड़ाने के लिए प्रशिक्षण ले रहे मध्य प्रदेश के दो भारतीय पायलट पहली कोशिश में जरूरी परीक्षा पास नहीं कर सके। इसके बाद शुरुआती संचालन के लिए विदेशी पायलट की व्यवस्था की गई है। भारतीय पायलट सह-पायलट के रूप में विमान में मौजूद रहेंगे।
सितंबर के अंत तक भोपाल पहुंच सकता है विमान
मध्य प्रदेश सरकार ने नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान खरीदा है। इसे कनाडा के टोरंटो से भारत लाया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विमान के सितंबर के अंतिम सप्ताह में भारत पहुंचने की संभावना है। इसके 30 सितंबर तक भोपाल के राजा भोज विमानतल पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। टोरंटो से भोपाल की दूरी विमान की अधिकतम उड़ान क्षमता से काफी अधिक है। इसलिए विमान को सीधे उड़ाकर भारत लाना संभव नहीं होगा। रास्ते में ईंधन और तकनीकी जरूरतों के लिए ठहराव किया जाएगा। रिपोर्टों में यूरोप के किसी प्रमुख विमानतल पर ठहराव की संभावना बताई गई है।
भारतीय पायलटों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
नए विमान के संचालन के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने दो भारतीय पायलटों को विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा था। उन्हें चैलेंजर 3500 विमान की तकनीकी व्यवस्था, संचालन और उड़ान से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद दोनों पायलटों को आवश्यक परीक्षा और प्रमाणन प्रक्रिया से गुजरना था। रिपोर्टों के अनुसार दोनों भारतीय पायलट पहली कोशिश में जरूरी परीक्षा पास नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें दोबारा प्रशिक्षण और संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। अब शुरुआती उड़ानों के दौरान दोनों भारतीय पायलट सह-पायलट की भूमिका में रहेंगे। इस पूरी प्रक्रिया के कारण Mohan Yadav के नए विमान के शुरुआती संचालन में विदेशी पायलट की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
शुरुआत में विदेशी पायलट संभालेंगे विमान
भारतीय पायलटों की आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने तक विमान की मुख्य कमान विदेशी पायलट के पास रहेगी। इसके लिए विदेशी विमान चालक को भारत में निर्धारित अस्थायी अनुमति के तहत संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस व्यवस्था के तहत विदेशी पायलट मुख्य पायलट के रूप में विमान उड़ाएगा, जबकि मध्य प्रदेश के दोनों भारतीय पायलट सह-पायलट के रूप में उसके साथ रहेंगे। इससे भारतीय पायलटों को विमान के वास्तविक संचालन का अनुभव भी मिलेगा। यह व्यवस्था स्थायी नहीं मानी जा रही है। आवश्यक प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारतीय पायलट स्वयं मुख्य पायलट के रूप में विमान संचालित कर सकेंगे।
क्या है चैलेंजर 3500 विमान?
चैलेंजर 3500 एक आधुनिक सुपर मिड साइज व्यावसायिक विमान है। इसे लंबी दूरी की व्यावसायिक और विशेष यात्राओं के लिए तैयार किया गया है। विमान की अधिकतम उड़ान सीमा करीब 6,300 किलोमीटर बताई जाती है। इसकी अधिकतम गति करीब 870 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम उड़ान ऊंचाई करीब 45,000 फीट है। विमान के अंदर यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक संचार और मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसकी बनावट लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के उद्देश्य से की गई है।
Mohan Yadav की यात्राओं में होगा इस्तेमाल
मध्य प्रदेश सरकार का नया विमान मुख्यमंत्री Mohan Yadav और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा दूसरे राज्यों और जरूरत के अनुसार विदेश यात्राओं पर भी जाना होता है। ऐसे में सरकारी विमान के जरिए यात्रा के समय और संचालन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। विमान का इस्तेमाल निर्धारित सरकारी प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा। नए विमान के आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार के हवाई परिवहन से जुड़े संसाधनों में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
विमान की कीमत को लेकर अलग-अलग दावे
नए विमान की कीमत को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में इसकी कीमत करीब 230 करोड़ रुपये से 250 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में राशि को लेकर अंतर होने के कारण किसी एक आंकड़े को अंतिम सरकारी कीमत के रूप में बताना उचित नहीं होगा। विमान की खरीद से जुड़ी वास्तविक लागत में विमान के अलावा प्रशिक्षण और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं की राशि भी शामिल हो सकती है।
