Indore। Indore नगर निगम का नए वित्त वर्ष का बजट आज महापौर पुष्यमित्र भार्गव के द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस बजट में किसी नए प्रोजेक्ट को हाथ में नहीं लिया गया है। अभी जिन प्रोजेक्ट का काम चल रहा है उन्हीं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है। शहर के नागरिकों को सौगात के लिहाज से यह बजट नीरस बजट है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के द्वारा वित्तीय वर्ष 2026 – 27 का बजट आज प्रस्तुत किया गया। इस बजट में 8455 करोड रुपए की आय और 8443 करोड़ रुपए के खर्च को बताया गया है। बजट में महापौर ने घोषणा की है कि शहर में जिन आवासीय भवनों में हॉस्टल का संचालन किया जा रहा है उन भवनों से व्यावसायिक दर पर संपत्ति कर लिया जाएगा। अपने बजट भाषण में उन्होंने सबसे पहले भागीरथपुरा में पिछले दिनों हुए दूषित जल हादसे का जिक्र किया और यह संकल्प दोहराया कि इस तरह का हादसा दूसरी बार शहर में कहीं नहीं होने दिया जाएगा। भविष्य की बात समग्र दृष्टि के साथ टैगलाइन देते हुए यह बजट प्रस्तुत किया गया है। इसमें हाल ही में शुरू किए गए नर्मदा पेयजल योजना के चतुर्थ चरण और मास्टर प्लान की 23 सड़कों के साथ चंदन नगर के ब्रिज का जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में हमारे द्वारा शहर में 150 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया, 700 किलोमीटर में ड्रेनेज लाइन डाली गई और डेढ़ सौ किलोमीटर में पानी की लाइन डाली गई है। शहर के 25000 घरों में डिजिटल पता दिया गया 30 लाख दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन किया गया। अब स्वच्छता के क्षेत्र में नगर निगम के द्वारा बेकार कपड़े, फाइबर और उपयोग किए गए तेल को रियुसेबल बनाया जाएगा। आरडीएफ से चारकोल बनाकर हरित ईंधन तैयार किया जाएगा। ऑन डिमांड कूड़ा कलेक्शन को डिजिटलाइज किया जाएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 200 टीपीडी का नया प्लांट लगाया जाएगा।उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में नगर निगम के द्वारा संपत्ति कर से 571 करोड रुपए हासिल किए गए हैं। इसके साथ ही विभिन्न स्रोत से 1086 करोड़ की आय प्राप्त की गई है। इस वर्ष में दो लोक अदालत से नगर निगम के द्वारा 200 करोड रुपए की राशि प्राप्त की गई। कायाकल्प योजना के अंतर्गत 76 करोड़ के काम शुरू किए गए और उसमें से 42 करोड़ के काम पूरे कर लिए गए। शहरी अधो संरचना विकास योजना के अंतर्गत 25 करोड़ के काम किए गए। शहर के सभी 85 वार्ड में संजीवनी क्लिनिक और पाली क्लीनिक के निर्माण और उन्नयन का काम किया जा रहा है। नगर निगम के द्वारा शहर में दो स्थानों पर स्पोर्ट्स कांपलेक्स भी बनाए जा रहे हैं। हर वार्ड में योग केंद्र बनाने की दिशा में काम करते हुए अब तक 31 योग शेड बना दिए गए हैं और चार का काम किया जा रहा है। रेवती रेंज पर एक पेड़ मां के नाम अभियान में 14.25 लाख पौधे लगाए गए। इन पौधे को पानी देने के लिए एसटीपी के पानी की 7.5 किलोमीटर की लंबी लाइन डालने का काम चल रहा है। शहर के बगीचों में चार करोड़ के ओपन जिम और झूले लगाए जा रहे हैं। महापौर ने कहा कि कबीट खेड़ी में एसटीपी प्लांट के लिए इस बार 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही पहले से चल रहे प्लांट के मेंटेनेंस के लिए पांच करोड़ का भी प्रावधान किया गया है। शहर में ड्रेनेज लाइनों का संचालन संधारण नालियों का निर्माण करने के कार्य के लिए 291 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सिरपुर, खजराना, बिलावली सहित अन्य तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए 30 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। कुए बावड़ी के लिए 20 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। कान्ह नदी को शुद्ध करने के लिए 825 करोड रुपए की योजना बनाई गई है।
सड़क निर्माण पर खर्च होंगे 620 करोड
इंदौर नगर निगम के द्वारा इस बजट में नए वित्त वर्ष में 620 करोड रुपए सड़क निर्माण पर खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत जन सहयोग से सड़क निर्माण पर 3 करोड़, गरीब बस्ती में 20 करोड़, वार्ड में 30 करोड़, जोनल कार्यालय के क्षेत्र की मुख्य सड़कों के निर्माण में 10 करोड़, रिंग रोड पर 5 करोड़, मेटलीकरण पर 5 करोड़, सीमेंटीकरण पर 2 करोड़ और डामरीकरण पर 3 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 2 करोड़ की सड़कों का निर्माण किया जाएगा। फीडर रोड पर 2 करोड़, लिंक रोड पर 35 करोड़, मास्टर प्लान की सड़कों पर 50 करोड़, मुख्यमंत्री अधो संरचना योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण पर 70 करोड़, इंदौर विकास प्राधिकरण से प्राप्त राशि से सड़क निर्माण पर 55 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से प्राप्त राशि से 50 करोड़ की सड़कों का निर्माण, केंद्रीय विषय सहायता निधि से प्राप्त 300 करोड रुपए की राशि से सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
पानी के लिए 550 करोड
नर्मदा पेयजल योजना के अंतर्गत नर्मदा के कनेक्शन के बिजली के बल के लिए 260 करोड, इंटक वेल की क्षमता बढ़ाने के लिए 10 करोड़, टंकी के निर्माण पर 10 करोड़, पानी के मीटर खरीदने पर 10 करोड़, पानी की लाइन पुरानी पाइपलाइन बदलने पर 5 करोड़ अमृत योजना में लाइन के मेंटेनेंस पर 5 करोड़, सभी लाइन के मेंटेनेंस पर 12 करोड़ ट्यूबवेल का बिजली का खर्च 70 करोड़ ट्यूबवेल के रखरखाव पर 15 करोड़, नई पाइपलाइन डालने पर 50 करोड़ नई टंकी के निर्माण पर 35 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना के परिसर में पेयजल व्यवस्था पर 10 करोड़, वार्ड में पाइपलाइन डालने पर 30 करोड़, जोनल कार्यालय क्षेत्र में पाइपलाइन के कार्य के लिए 10 करोड़, नए ट्यूबवेल के लिए 10 करोड़, पंप सेट खरीदने पर 9 करोड़ रुपए के खर्च का प्रावधान किया गया है।
ड्रेनेज लाइन के लिए 460 करोड़
ड्रेनेज लाइन के रखरखाव पर 60 करोड़, कुए बावड़ी की सफाई पर 10 करोड, शौचालय के रखरखाव पर 10 करोड़, नदी नालों की सफाई पर 20 करोड़, जल पुनर्भरण पर 5 करोड़, एसटीपी के मेंटेनेंस पर 5 करोड़, तालाबों के विकास पर 10 करोड़, नई ड्रेनेज लाइन डालने पर 150 करोड़, नए एसटीपी के निर्माण पर 20 करोड़, तालाबों पर नए काम पर 10 करोड़, नदी में मिलने वाले ड्रेनेज के आउटफाल की टैपिंग पर 5 करोड़, स्वच्छ गंगा मिशन के कामों के लिए 200 करोड़, जोनल कार्यालय क्षेत्र में ड्रेनेज के काम के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
