By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
October 20, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: कान्हा में CM Mohan Yadav ने जंगली भैंसों का वन में पुनर्वास किया
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
cm-mohan-yadav-ne-kanha-mein-jangli-bhainse-chhodi
Cities

कान्हा में CM Mohan Yadav ने जंगली भैंसों का वन में पुनर्वास किया

Last updated: अप्रैल 29, 2026 2:01 अपराह्न
By Divisha 6 महीना पहले
Share
6 Min Read
SHARE

मध्य प्रदेश एक बार फिर देश में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मिसाल पेश करता नजर आ रहा है। राज्य सरकार ने उन प्रजातियों को वापस लाने का अभियान तेज कर दिया है जो कभी यहां के जंगलों की पहचान हुआ करती थीं लेकिन समय के साथ गायब हो गईं। इसी कड़ी में अब जंगली भैंसों की वापसी की शुरुआत की गई है। CM Mohan Yadav ने बालाघाट जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार रेंज में चार जंगली भैंसों को छोड़कर इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की।

कान्हा में जंगली भैंसों की वापसी

कान्हा टाइगर रिजर्व, जो पहले से ही बाघों और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है, अब एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। यहां चार जंगली भैंसों को लाकर बसाया गया है। इन भैंसों में तीन मादा और एक नर शामिल हैं। इन्हें असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से विशेष व्यवस्था के तहत मध्य प्रदेश लाया गया। करीब दो हजार किलोमीटर का लंबा सफर तय करने के बाद ये भैंसें कान्हा पहुंचीं। फिलहाल इन्हें एक सुरक्षित घेराबंदी क्षेत्र में रखा गया है ताकि वे नए वातावरण के अनुसार खुद को ढाल सकें। विशेषज्ञों की निगरानी में इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

Kanha-mein-CM-Mohan-Yadav-ne-jangli-bhainson-ka-van-mein-punarvas-kiya

क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट

जंगली भैंसें कभी मध्य प्रदेश के जंगलों का अहम हिस्सा थीं। लेकिन शिकार, आवास के नुकसान और अन्य कारणों से यह प्रजाति धीरे-धीरे यहां से खत्म हो गई। आखिरी बार इन्हें कई दशक पहले देखा गया था। ऐसे में इस प्रजाति की वापसी न केवल एक प्रतीकात्मक कदम है बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। जंगली भैंसें घास के मैदानों को संतुलित रखने में मदद करती हैं और पूरे इकोसिस्टम को मजबूत बनाती हैं।

मगरमच्छ से शुरू हुआ सफर

मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण का यह अभियान नया नहीं है। इसकी शुरुआत नर्मदा नदी में मगरमच्छों को छोड़ने से हुई थी। इस पहल का उद्देश्य नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना था। मगरमच्छों की वापसी से जल जीवन संतुलित हुआ और यह प्रयास सफल भी साबित हुआ।

आसमान में गिद्धों की वापसी

CM Mohan Yadav ने मगरमच्छों के बाद अगला कदम गिद्धों को बचाने और उनकी संख्या बढ़ाने का था। गिद्ध पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी होते हैं क्योंकि वे मृत पशुओं को साफ कर बीमारियों को फैलने से रोकते हैं।

चीतों की वापसी से मिली वैश्विक पहचान

वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को सबसे बड़ी पहचान चीता प्रोजेक्ट से मिली। दशकों पहले भारत से विलुप्त हो चुके चीतों को नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाकर कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया। यह परियोजना न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी। इससे मध्य प्रदेश को एक अग्रणी वन्यजीव संरक्षण राज्य के रूप में पहचान मिली।

अब जंगली भैंसों से नई उम्मीद

अब जंगली भैंसों की वापसी इस श्रृंखला का अगला और महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है और इन्हें अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में भी बसाया जा सकता है। यह कदम यह भी दर्शाता है कि राज्य सरकार केवल संरक्षण तक सीमित नहीं है बल्कि विलुप्त हो चुकी प्रजातियों को वापस लाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से पर्यटन को भी बड़ा फायदा होता है। कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है और अब जंगली भैंसों की मौजूदगी इसे और आकर्षक बनाएगी।

CM Mohan Yadav का दृष्टिकोण

CM Mohan Yadav ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयासों से आने वाली पीढ़ियों को एक समृद्ध प्राकृतिक विरासत मिलेगी।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी प्रजाति को नए क्षेत्र में बसाना एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसके लिए सही वातावरण, भोजन की उपलब्धता और सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। कान्हा टाइगर रिजर्व इन सभी मानकों पर खरा उतरता है, इसलिए इसे इस प्रोजेक्ट के लिए चुना गया। मध्य प्रदेश आज वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक नई कहानी लिख रहा है। मगरमच्छों से शुरू होकर गिद्धों और चीतों तक पहुंची यह यात्रा अब जंगली भैंसों तक आ चुकी है। यह केवल जानवरों को वापस लाने की कहानी नहीं है बल्कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाने का एक बड़ा प्रयास है।

You Might Also Like

Indore में नर्मदा की मेन लाइन फूटी तो 15 फीट उछला पानी

Hema Malini ने 77 की उम्र में निभाया माता पार्वती का किरदार

Navratri 2026 की शुरुआत आज से जानें खास बातें

Nana Patekar के निधन से सिनेमा में छाया गहरा सन्नाटा

Vidisha का भक्तिग्राम, आधुनिक सुविधाओं से दूर जीवन

TAGGED: Balaghat, buffalo, cm mohan yadav, kanha national park, madhya pradesh, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

109702183 - The Fourth
India

बाबा रामदेव के 14 पतंजलि प्रोडक्ट्स पर उत्तराखंड सरकार ने लगाया बैन

2 वर्ष पहले

क्यों मनाया जाता है, हर साल 12 जनवरी को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ !

दिल्ली महिला आयोग के 223 कर्मचारी बर्खास्त

इधर श्रीलंकन टीम की हार, वहां पूरा बोर्ड हुआ साफ!

UPSC Result 2025 में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन, धार के पथाल ने हासिल की 8वीं रैंक

You Might Also Like

nehru-patel-jahan-thehre-the-us-200-saal-purani-residency-kothi-me-badlav-ki-yojana
Cities

नेहरू-पटेल जहां ठहरे थे, उस 200 साल पुरानी Residency Kothi में बदलाव की योजना

2 सप्ताह पहले
mppsc-aur-group-2-pariksha-ek-din-hone-se-badhi-mushkil
Education

MPPSC और ग्रुप-2 परीक्षा एक दिन होने से बढ़ी मुश्किल

2 सप्ताह पहले
IMG 20261002 WA0003 - The Fourth
Cities

Indore : भागीरथपुरा की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

3 सप्ताह पहले
cm-mohan-yadav-ke-naye-jet-ki-kaman-videshi-pilot-sambhalenge
Cities

सीएम Mohan Yadav के नए जेट की कमान विदेशी पायलट संभालेंगे

4 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?