भोपाल। Madhya Pradesh में करीब ढाई दशक से सत्ता पर काबिज भाजपा के नेताओं की बदजुबानी बढ़ती जा रही है। बीते डेढ़ साल में 12 बार जहर उगला है। ताजा हंगामा विधायक प्रीतम लोधी पर है। उन्होंने पुलिस अधिकारी को खुलेआम धमकी दी। कांग्रेसी भी पीछे नहीं हैं। या तो बुरा बोलते हैं या फिर ओछी हरकत करते हैं।
पिछले साल हुए कई मामले
पिछले साल 27 अगस्त को भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने भिंड कलेक्टर पर हाथ उठा दिया था। बहसबाजी के फोटो-वीडियो आम हुए थे। 1 सितंबर, 2026 को भाजपा विधायक सुदेश राय ने कांग्रेस प्रदर्शन के बारे में ऊटपटांग कहा था। अप्रैल, 2025 में ही भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने मंच पर अधिकारियों को धमकाया था। 20 अगस्त, 2025 को कांग्रेसियों ने कलेक्टर का अपमान किया था। कुत्ते के गले में कलेक्टर लिखी तख्ती टांग दी थी। 22 अगस्त, 2025 को कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा कलेक्टर को भाजपा का नौकर बता दिया था। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तो अकसर बोलते रहते हैं। भागीरथपुरा कांड के बाद पत्रकार से बदजुबानी की थी।लोधी के विरोध में आवाज चार दिन पहले शिवपुरी में हुए कांड के बाद जब विधायक लोधी ने अफसरों को धमकाया, तो दो कर्मचारी संगठन मैदान में आ गए हैं। मंत्रालय सेवा कर्मचारी-अधिकारी संघ और तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने सीएम से शिकायत की है। आइपीएस एसोसिएशन ने भी ऐतराज जताया है। सोशल मीडिया पर भी मुहिम है। लोधी का इस्तीफा मांग रहे हैं।
