By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
June 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: Nuclear क्रांति भारत का खुद से फ्यूल बनाने वाला रिएक्टर बना पावर गेमचेंजर
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
IMG 20260408 WA0023 - The Fourth
India

Nuclear क्रांति भारत का खुद से फ्यूल बनाने वाला रिएक्टर बना पावर गेमचेंजर

PFBR की सफलता से भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता और थोरियम युग की ओर तेजी से बढ़ा

Last updated: अप्रैल 8, 2026 4:25 अपराह्न
By Divisha 2 महीना पहले
Share
7 Min Read
SHARE

भारत ने अपनी Nuclear ऊर्जा यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर को सफलतापूर्वक क्रिटिकल बना दिया है। यह केवल एक तकनीकी सफलता नहीं बल्कि भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा भविष्य की दिशा तय करने वाला बड़ा कदम है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने अपने तीन-चरणीय Nuclear कार्यक्रम के दूसरे चरण में औपचारिक प्रवेश कर लिया है।

PFBR क्या है और यह क्यों खास है?

प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर एक ऐसा Nuclear रिएक्टर है जो पारंपरिक रिएक्टरों से बिल्कुल अलग तरीके से काम करता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जितना ईंधन उपयोग करता है उससे अधिक नया ईंधन पैदा कर सकता है।यह रिएक्टर प्लूटोनियम और यूरेनियम का उपयोग करता है और Nuclear रिएक्शन के दौरान अतिरिक्त फ्यूल उत्पन्न करता है। इसी वजह से इसे “ब्रीडर रिएक्टर” कहा जाता है। इसकी क्षमता लगभग 500 मेगावाट है और यह भारत का अब तक का सबसे उन्नत परमाणु रिएक्टर माना जा रहा है।

“क्रिटिकल” होने का क्या मतलब है

जब किसी Nuclear रिएक्टर में चेन रिएक्शन अपने आप लगातार चलने लगती है, तो उसे “क्रिटिकल” कहा जाता है।

सरल भाषा में कहें तो अब यह रिएक्टर बिना किसी बाहरी सहायता के खुद से ऊर्जा पैदा करने की स्थिति में पहुंच गया है।यह किसी भी Nuclear रिएक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण शुरुआती चरण होता है, जिसके बाद आगे जाकर बिजली उत्पादन शुरू किया जाता है।

भारत के तीन-चरणीय Nuclear कार्यक्रम में भूमिका

भारत का Nuclear प्रोग्राम तीन चरणों में विकसित किया गया है। पहला चरण यूरेनियम आधारित रिएक्टरों का था। दूसरा चरण फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का है। तीसरा चरण थोरियम आधारित ऊर्जा पर आधारित होगा। PFBR का क्रिटिकल होना इस बात का संकेत है कि भारत अब दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। यह भविष्य में थोरियम आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है।

थोरियम क्यों है भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण

भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े थोरियम भंडारों में से एक है, लेकिन अभी तक उसका उपयोग सीमित रहा है। फास्ट ब्रीडर रिएक्टर इस थोरियम को उपयोगी ईंधन में बदलने का रास्ता खोलते हैं। इसका मतलब यह है कि भविष्य में भारत को ऊर्जा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और देश लंबे समय तक ऊर्जा सुरक्षित रह सकेगा।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

PFBR की सफलता भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब भारत को आयातित यूरेनियम पर कम निर्भर रहना पड़ेगादेश खुद अपना Nuclear फ्यूल तैयार कर सकेगा। लंबे समय तक स्थिर और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत को आने वाले 100 से 200 वर्षों तक ऊर्जा सुरक्षा दे सकती है।

वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत

इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक विकसित की है।

दुनिया में केवल कुछ ही देश इस स्तर की Nuclear तकनीक रखते हैं, जिनमें रूस प्रमुख है। भारत का यह कदम उसे वैश्विक Nuclear शक्ति के रूप में स्थापित करता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तकनीकी क्षमता को मजबूत बनाता है।

स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण के लिए लाभ

Nuclear ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है क्योंकि इसमें कार्बन उत्सर्जन बहुत कम होता है। PFBR जैसे रिएक्टर भारत को कोयले पर निर्भरता कम करने में मदद करेंगे। ग्रीनहाउस गैसों में कमी आएगी। जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायता मिलेगी। यह भारत के पर्यावरणीय लक्ष्यों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लंबे समय की चुनौतियाँ और देरी

हालांकि यह उपलब्धि बड़ी है, लेकिन इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में काफी समय लगा है। इस परियोजना को शुरू हुए दो दशक से अधिक समय हो चुका है। लागत में भी काफी वृद्धि हुई है। तकनीकी जटिलताओं के कारण कई बार देरी हुई। फास्ट ब्रीडर रिएक्टर एक जटिल तकनीक है और इसे सुरक्षित तरीके से संचालित करना एक बड़ी चुनौती होती है।

आगे क्या होगा

PFBR के क्रिटिकल होने के बाद अब अगला चरण इसका परीक्षण और धीरे-धीरे पूर्ण क्षमता पर संचालन है। आने वाले समय में यह रिएक्टर व्यावसायिक स्तर पर बिजली उत्पादन शुरू करेगा। इसके बाद भारत और अधिक ब्रीडर रिएक्टर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। यह भारत के Nuclear नेटवर्क को और मजबूत करेगा।

सरकार और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

इस उपलब्धि को भारत के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया गया है। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की Nuclear यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ कहा है। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने इसे तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया है। यह सफलता भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की वर्षों की मेहनत का परिणाम है।

कलपक्कम का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं बल्कि भारत के ऊर्जा भविष्य की नई शुरुआत है। यह देश को आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में ले जाने के साथ-साथ वैश्विक मंच पर उसकी स्थिति को मजबूत करता है। आने वाले वर्षों में यह तकनीक भारत को स्वच्छ, सस्ती और स्थायी ऊर्जा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भारत की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि देश न केवल तकनीकी रूप से सक्षम है बल्कि भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों का समाधान भी खुद तैयार कर रहा है।

You Might Also Like

Brown में दिखा करिश्मा कपूर का सबसे अलग अवतार

World Environment Day 2026 क्यों पूरी दुनिया के लिए अहम है

Indore में मासूम की माैत, परिवार ने गलत इलाज का आरोप लगाया

Indore में पानी चारी रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगा रहे

मध्यप्रदेश में मंदिरों के लिए ‘Temple-Bond’

TAGGED: energy, Kalpakkam reactor, nuclear, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

justintrudeau b 1736135475 1 - The Fourth
World

जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे की अटकलें तेज़, क्यूं बन गई ऐसी स्थिति?

1 वर्ष पहले

देश के 544 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास होगा !

इंदौर में 16 साल के बच्चे ने 5 साल की लड़की के साथ किया रेप

जॉर्जिया से आई बहू..चुनाव में सास के लिए मांग रही वोट !

बदायूं में दो हिन्दू बच्चों की हत्या का एक आरोपी एनकाउंटर में हुआ ढेर!

You Might Also Like

uttarakhand-me-fir-khila-valley-of-flowers-ka-saundarya
Fourth Special

उत्तराखंड में फिर खिला Valley of Flowers का सौंदर्य

2 दिन पहले
IIT-baba-adikarta-narayan-shoshan-ke-case-me-giraftar
National

IIT बाबा आदिकर्ता नारायण शोषण केस में गिरफ्तार

2 दिन पहले
IMG 20260601 WA0004 - The Fourth
India

केदारनाथ मंदिर के दान के पैसों से VIP की खातिरदारी, हंगामा

4 दिन पहले
Harmanpreet-kaur-ne-kaise-tay-kiya-Padma-Shri-tak-ka-safar
National

हरमनप्रीत कौर ने कैसे तय किया Padma Shri तक का सफर

2 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?