नई दिल्ली। दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन में चल रहे IPL पास घोटाले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने स्टेडियम से लगे पेट्रोल पंप में काम करने वाले सुपरवाइजर पंकज यादव को पकड़ा है। मालूम पड़ा है कि पंकज ने डीडीसीए के बड़े अधिकारियों के नाम लिए हैं। पुलिस ने डीडीसीए के चार लोगों से पांच घंटे पूछताछ की। मामले में अध्यक्ष रोहन जेटली चुप हैं।
डीडीसीए के हिस्से 6000 पास
हर राज्य संघ को दस से बीस फीसद IPL पास मिलते हैं। डीडीसीए के हिस्से 6000 पास आते हैं। इनमें से 4000 सदस्यों बंट जाते हैं। बाकी पास से खेल कर दिया जाता है। पंकज यादव के बारे में पता चला है कि उसके पास हजार से बारह सौ पास होते थे।
मैच और सितारे के हिसाब से टिकट के रेट
मैच और सितारे के हिसाब से टिकट के रेट तय होते थे। 8000 से भाव शुरू होता था औ मैच शुरू होने से पहले तक रेट 80,000 पहुंच जाते थे। पूरी टीम थी जो पास जुगाड़ करती थी। पुलिस को शक है कि बाकी शहरों में भी यह टीम इसी तरह खेल करती होगी। सट्टेबाजी और दूसरे एंगल पर भी जांच चल रही है।
