बॉलीवुड अभिनेता Sanjay Dutt इन दिनों अपनी फिल्म खलनायक 2 की तैयारियों में व्यस्त हैं, लेकिन इस बीच एक पुराना विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ रहा। यह विवाद किसी किरदार या फिल्म की कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि उनकी कन्नड़ फिल्म केडी द डेविल के एक गाने से जुड़ा है, जिसने उन्हें राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचा दिया। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मनोरंजन के नाम पर किसी भी तरह का कंटेंट दिखाना सही है, और कलाकारों की जिम्मेदारी आखिर कितनी होनी चाहिए।
‘डेविल’ बना विवाद की वजह
यह पूरा विवाद फिल्म केडी द डेविल के गाने सरके चुनर तेरी से शुरू हुआ। इस गाने में Sanjay Dutt के साथ Nora Fatehi नजर आई थीं। गाने के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसकी कड़ी आलोचना शुरू हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि गाने के डांस स्टेप्स और बोल अश्लील हैं और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं। देखते ही देखते यह मुद्दा सोशल मीडिया से निकलकर राष्ट्रीय स्तर का विवाद बन गया। बढ़ते विरोध को देखते हुए आखिरकार इस गाने को यूट्यूब से हटा भी दिया गया।
महिला आयोग की एंट्री और नोटिस
मामला जब ज्यादा बढ़ा तो राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस पर संज्ञान लिया। आयोग ने Sanjay Dutt, गाने से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं को नोटिस जारी किया। आयोग का मानना था कि गाने के कुछ हिस्से महिलाओं के सम्मान के खिलाफ हैं और इस पर जवाब देना जरूरी है। इसके बाद सभी संबंधित लोगों को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया।
Sanjay Dutt ने मांगी बिना शर्त माफी
विवाद के बीच Sanjay Dutt खुद राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश हुए। उन्होंने पूरे मामले पर बिना शर्त माफी मांगी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। संजय दत्त ने यह भी स्पष्ट किया कि जब गाने की शूटिंग हुई थी, तब यह कन्नड़ भाषा में था। बाद में इसे हिंदी में डब किया गया, जिसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। उनका कहना था कि अगर उन्हें पहले से इसकी जानकारी होती, तो शायद वह इस पर ध्यान देते।
माफी के साथ बड़ा वादा
इस मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब Sanjay Dutt ने सिर्फ माफी मांगकर ही बात खत्म नहीं की, बल्कि एक बड़ा सामाजिक कदम भी उठाया। उन्होंने 50 आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का शपथपत्र दिया। यह फैसला उनके लिए एक तरह से जिम्मेदारी निभाने का संकेत था। इस कदम की कई लोगों ने सराहना की और इसे एक सकारात्मक पहल बताया।

बाकी टीम ने भी मानी गलती
सिर्फ Sanjay Dutt ही नहीं, बल्कि इस गाने से जुड़े अन्य लोगों ने भी अपनी गलती स्वीकार की। गीतकार रकीब आलम, फिल्म के निर्देशक प्रेम और प्रोडक्शन कंपनी के प्रतिनिधि भी आयोग के सामने पेश हुए। उन्होंने लिखित में माफीनामा दिया और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने का भरोसा दिलाया।
Nora Fatehi को भी भेजा गया नोटिस
इस गाने में नजर आईं अभिनेत्री Nora Fatehi को भी राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से नोटिस भेजा गया था। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोग की सख्ती के बावजूद वह पेश नहीं हुईं। इसको लेकर भी चर्चा तेज रही और सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आया। एक तरफ लोग गाने की आलोचना कर रहे थे और इसे आपत्तिजनक बता रहे थे। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग Sanjay Dutt के कदम की तारीफ भी कर रहे हैं। खासकर 50 बालिकाओं की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने के फैसले को सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
इंडस्ट्री के लिए सबक
यह मामला सिर्फ एक गाने तक सीमित नहीं है। यह पूरे फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ा संदेश है। आज के समय में दर्शक ज्यादा जागरूक हैं और किसी भी तरह के कंटेंट पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। ऐसे में कलाकारों और निर्माताओं को पहले से ज्यादा जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। मनोरंजन जरूरी है, लेकिन उसके साथ संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम है।
