By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
June 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: ट्रंप का टैरिफ केस अब सुप्रीम कोर्ट में, भारत पर टैरिफ को उचित साबित करने के लिए भी अजीबोगरीब तर्क दे रहे ट्रंप
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
b20c1ae0 8524 11f0 a172 2d379cd1f7b4 - The Fourth
World

ट्रंप का टैरिफ केस अब सुप्रीम कोर्ट में, भारत पर टैरिफ को उचित साबित करने के लिए भी अजीबोगरीब तर्क दे रहे ट्रंप

निचली अदालतें पहले ही बार बार इन टैरिफ को गैरकानूनी ठहरा चुकी हैं

Last updated: सितम्बर 5, 2025 4:54 अपराह्न
By Rajneesh 9 महीना पहले
Share
4 Min Read
SHARE

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी व्यापक टैरिफ नीति को बचाने के लिए अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गए हैं। यह मामला इस बात पर निर्णायक कानूनी और राजनीतिक लड़ाई बन गया है कि आर्थिक नीतियों में राष्ट्रपति की शक्तियों की सीमा कहाँ तक है और टैक्स लगाने का असली अधिकार केवल कांग्रेस का है या नहीं। निचली अदालतें पहले ही बार बार इन टैरिफ को गैरकानूनी ठहरा चुकी हैं और अब मामला देश की सर्वोच्च अदालत में है।

ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां कानून यानी IEEPA का इस्तेमाल करते हुए लगभग हर देश से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ लगाए। इसमें चीन, मैक्सिको, कनाडा और भारत पर भी कठोर शुल्क शामिल थे। उन्होंने व्यापार घाटे और नशीली दवाओं की तस्करी को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर इन कदमों को जायज ठहराया।

इसके खिलाफ कई मुकदमे दायर हुए जिनमें छोटे व्यवसायियों और लिबर्टी जस्टिस सेंटर जैसी संस्थाओं ने चुनौती दी। उनका कहना था कि अमेरिकी संविधान और ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार टैरिफ लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है राष्ट्रपति के पास नहीं।

29 अगस्त 2025 को फेडरल सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने 7-4 के फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ने अपनी शक्तियों का अतिक्रमण किया है। अदालत ने साफ कहा कि IEEPA राष्ट्रपति को अनिश्चित काल तक और इतने व्यापक स्तर पर टैरिफ लगाने की इजाजत नहीं देता। टैरिफ लगाना मूल रूप से कांग्रेस की शक्ति है।

इससे पहले मई 2025 में कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड भी यही कह चुका था। हालांकि दोनों अदालतों ने यह भी कहा कि टैरिफ फिलहाल लागू रहेंगे ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील का समय मिल सके।

3 सितंबर 2025 को ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की और कहा कि निचली अदालत का फैसला अमेरिका की आर्थिक ताकत को कमजोर कर देगा। उनका तर्क था कि इससे कूटनीतिक दबाव कम होगा और व्यापारिक समझौते टूट सकते हैं।

ट्रंप की टीम ने सुप्रीम कोर्ट से तेज सुनवाई की मांग की और नवंबर में बहस कराने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि व्यापार घाटा और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी आपात स्थितियाँ राष्ट्रपति को IEEPA के तहत यह अधिकार देती हैं।

सुनवाई के दौरान ट्रंप प्रशासन भारत पर लगाए गए टैरिफ को उचित साबित करने के लिए भी अजीबोगरीब तर्क दे रहा है। ट्रंप के प्रशासन ने अदालती दस्तावेजों में चेतावनी दी है कि भारत सहित अन्य देशों पर टैरिफ कम करने से अमेरिका को दूसरे देशों से बदले का सामना करना पड़ सकता है। यह भी कहा गया है कि इससे दुनिया में शांति स्थापित करने की कोशिशों को भी झटका लगेगा। वहीं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में एक अपील में, सॉलिसिटर जनरल जॉन सॉयर ने जजों से कहा है कि यूक्रेन जंग में शांति बनाए रखने के लिए भारत पर टैरिफ लगाना बहुत जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिकी सत्ता संतुलन की बड़ी परीक्षा होगी। करीब 750 अरब डॉलर के टैरिफ दांव पर लगे हैं। अगर अदालत ट्रंप के पक्ष में जाती है तो राष्ट्रपति की आर्थिक शक्तियाँ बहुत बढ़ जाएंगी। लेकिन अगर फैसला खिलाफ आता है तो अरबों डॉलर के टैरिफ वापस करने पड़ सकते हैं और अमेरिका की व्यापार नीति और आपातकालीन शक्तियों की परिभाषा बदल सकती है। साथ ही ट्रम्प के घमंड की किरकिरी होगी सो अलग।

सितंबर 2025 तक सुप्रीम कोर्ट ने यह तय नहीं किया है कि वह इस मामले की सुनवाई करेगा या नहीं। लेकिन दोनों पक्ष मानते हैं कि जल्द से जल्द समाधान जरूरी है। इसीलिए पूरा राजनीतिक और कानूनी जगत अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

You Might Also Like

Brown में दिखा करिश्मा कपूर का सबसे अलग अवतार

World Environment Day 2026 क्यों पूरी दुनिया के लिए अहम है

Indore में मासूम की माैत, परिवार ने गलत इलाज का आरोप लगाया

Indore में पानी चारी रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगा रहे

मध्यप्रदेश में मंदिरों के लिए ‘Temple-Bond’

TAGGED: india, India US Relations, Supreme Court, thefourth, thefourthindia, trump, trump tariff, US, us news
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

download 1 1 - The Fourth
India

रूस गए 4 भारतीय मजबूर हुए रूसी युद्ध लड़ने

2 वर्ष पहले

इंदौर में डबल मर्डर का खुलासा, गोवा से गिरफ्तार हुआ पिता और बहन का हत्यारा

तुर्किये के राष्ट्रपति ने कश्मीर मामले में की थी टिप्पणी, अब भारत ने करारा जवाब दिया!

पिता की यादों वाला बंगला बेटी को दान किया बच्चन ने !

प्रियांश के शतक से पंजाब की जीत, चेन्नई 18 रन से हारी

You Might Also Like

uttarakhand-me-fir-khila-valley-of-flowers-ka-saundarya
Fourth Special

उत्तराखंड में फिर खिला Valley of Flowers का सौंदर्य

2 दिन पहले
IIT-baba-adikarta-narayan-shoshan-ke-case-me-giraftar
National

IIT बाबा आदिकर्ता नारायण शोषण केस में गिरफ्तार

2 दिन पहले
IMG 20260601 WA0004 - The Fourth
India

केदारनाथ मंदिर के दान के पैसों से VIP की खातिरदारी, हंगामा

4 दिन पहले
Harmanpreet-kaur-ne-kaise-tay-kiya-Padma-Shri-tak-ka-safar
National

हरमनप्रीत कौर ने कैसे तय किया Padma Shri तक का सफर

1 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?