इंदौर नगर निगम परिषद की बैठक में शुरू हुआ वंदे मातरम का विवाद अब Congress के अंदरूनी विवाद के रूप में तब्दील हो गया है। इस विवाद की आड़ में नेता एक दूसरे को निपटाने में लग गए हैं। Congress में एक समूह ने शहर Congress अध्यक्ष चिंटू चौक से को भी इस मामले में निपटने का खेल शुरू कर दिया है इस खेल को खत्म करने के लिए कल प्रदेश Congress अध्यक्ष जीतू पटवारी को मोर्चा संभालना पड़ा कोई भी मामला हो विरोधी दल से निपटने से पहले तो कांग्रेसी एक दूसरे को लटकाने में ही लग जाते हैं। नगर निगम परिषद की बैठक में वंदे मातरम को लेकर हुआ विवाद लगातार पल पड़ रहा है। Congress की दोनों महिला पार्षद फोजिया अलीम और रुबीना खान के द्वारा वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया गया। इस मौके पर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कह दिया कि हर पार्षद को वंदे मातरम तो कहना होगा। चिंटू के इस रुख के कारण भाजपा के पार्षद Congress को राष्ट्र विरोधी और वंदे मातरम विरोधी नहीं कह सकें। सर हमला इन दो पार्षदों पर केंद्रित होकर रह गया। इस मामले में इन दोनों पार्षदों पर Congress की तरफ से कार्रवाई करने का मामला अटक गया है। देवास में इन दोनों पार्षदों को बुलाकर उनका पक्ष जाना गया। इसके साथ ही Congress के दूसरे नेताओं को बुलाकर उनसे भी जानकारी जांच कमेटी के प्रभारी संजय दत्त और उषा नायडू के द्वारा ली गई। अब Congress की ओर से इन पार्षदों पर कार्रवाई होगी या नहीं होगी यह तो अभी निश्चित नहीं है।
इसी बीच Congress के एक गुट के द्वारा इस मामले को आधार बनाकर शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे को हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया। प्रदेश Congress की ओर से भी यह कहा जाने लगा कि संगठन सृजन के तहत नियुक्त किए गए अध्यक्षों के कार्य की समीक्षा करने के उपरांत आने वाले समय में 10 अध्यक्ष बदलने पर विचार किया जा रहा है। इस जानकारी में यह भी कहा गया था कि इंदौर शहर के अध्यक्ष को भी बदला जा रहा है। यह जानकारी तुल पकड़ती उसके पहले प्रदेश Congress अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मैदान संभाल लिया। उन्होंने कल इंदौर में मीडिया को बुलाकर कहा कि संगठन सृजन में नियुक्त किए गए किसी भी अध्यक्ष को नहीं हटाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने चिंटू चौक से के खिलाफ किसी तरह की कारवाई होने से भी इंकार कर दिया। इस तरह से Congress में गुटीय राजनीति एक बार फिर जोर मारती हुई नजर आ रही है।दोनों पार्षद को देंगे चेतावनी वंदे मातरम विवाद में फंसे हुए दोनों पार्षदों के खिलाफ कांग्रेस की ओर से कोई कार्रवाई होने की संभावना खत्म होती हुई नजर आ रही है। बदलते माहौल में दोनों पार्षद भी माफी मांगती हुई नजर आ रही है। ऐसे में संभव है कि आने वाले समय में कांग्रेस के द्वारा इन दोनों पार्षदों को चेतावनी देकर मामले को समाप्त कर दिया जाएं। वैसे भी Congress अपने कोर वोटर समझे जाने वाले दो मुस्लिम पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई कर शेष मुस्लिम पार्षदों को नाराज करना नहीं चाहेगी।
