इंदौर में BRTS कॉरिडोर को हटाने का काम आखिरकार तेज हो गया है। फरवरी में हाईकोर्ट ने साफ निर्देश दिया था कि शहर की ट्रैफिक जरूरतों और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट को देखते हुए लगभग बारह किलोमीटर लंबे BRTS कॉरिडोर को हटाया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी पूछा था कि जब भोपाल कुछ ही दिनों में BRTS कॉरिडोर हटाकर मुख्य मार्ग खोल सकता है तो इंदौर में यह प्रक्रिया इतनी धीमी क्यों है। इसी फटकार के बाद नगर निगम ने तेजी से काम शुरू कर दिया है।
बुधवार शाम करीब छह बजे शिवाजी वाटिका से LIG चौराहे तक रैलिंग हटाने का काम शुरू किया गया। शुरुआत में काम धीमा था, लेकिन आधी रात के बाद मजदूरों ने रफ्तार पकड़ ली। कुल बीस गैस सिलेंडर लाए गए थे जो LIG तक की रैलिंग हटाने में ही खत्म हो गए। योजना के अनुसार काम को देवास नाका तक बढ़ाया जाना था, लेकिन सामग्री की कमी के कारण यह संभव नहीं हो पाया। सुबह पांच बजे अधिकारी स्वयं निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंचे। यहां पांच गैस कटर लगातार चल रहे थे और छह हेल्पर दो पालियों में नियुक्त किए गए थे। मजदूर एक के बाद एक शिफ्ट में आराम करते हुए बिना रुके काम करते रहे। रात में रैलिंग काटते हुए उसे वहीं पर रख दिया गया है। सुरक्षा दृष्टि से यह चिंता का विषय है क्योंकि कई जगह लोहे के नुकीले खूंटे खुले खड़े हैं। अंधेरे में काम चलने की वजह से खतरा और बढ़ जाता है। ट्रैक्टर ट्रॉली और अतिरिक्त मजदूरों की उपलब्धता भी पर्याप्त नहीं थी, जिसके कारण काटी गई सामग्री रोड पर ही पड़ी हुई दिखाई दे रही है।
BRTS बस स्टॉप तोड़ने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, हालांकि आइ बस सेवा जारी है। यात्रियों को अब सामान्य सड़क पर उतारा और चढ़ाया जा रहा है जबकि टिकट अभी भी बस स्टॉप से कट रहे हैं। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि BRTS हटाने के बावजूद बस सेवा बंद नहीं की जाएगी और आने वाले महीनों में नई व्यवस्था के तहत बस स्टॉप का पुनर्निर्माण किया जाएगा। शहर की मुख्य सड़कों पर यह काम दिन में अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन शाम के समय ट्रैफिक दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। नगर निगम ने हटाने की प्रक्रिया का ठेका भी तय कर दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में पूरा कॉरिडोर चरणबद्ध तरीके से हट जाएगा। हाईकोर्ट की फटकार के बाद भले ही काम में तेजी आई हो, लेकिन तैयारियों की कमी और अस्थायी अव्यवस्था ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिर भी प्रशासन का दावा है कि BRTS हटने के बाद शहर का यातायात अधिक सुगम और चौड़ा होगा, और इसका लाभ आम नागरिकों को मिलेगा।
