Indore। यहूदियों ने चारों तरफ़ अशांति फैला रखी है। फिलिस्तीन हो या सीरिया या इरान हर जगह इंसानियत के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है वह निंदनीय है। बेकसूर मासूमों को मारा जा रहा है, अस्पताल पर बमबारी की जा रही है, राहतकर्मी भी मारे जा रहे है, पर दुनिया भर की मानव अधिकार से जुड़ी तंजीमें खामोश है। यूनओ भी खामोश है। हमें यहूदी प्रोडक्ट का बायकाट करना चाहिए और देशी सामान का इस्तेमाल ज्यादा करें।
ईद की नमाज से पहले शहर काज़ी डॉ मोहम्मद इशरत अली ने सदर बाजार ईदगाह पर आवाम को संबोधित करते हुए कहा कि आज समय आ गया है कि हमें एकजुट होकर मानव अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। मिडिल ईस्ट में जो हो रहा है, सब दिख रहा है पर अफसोस तो इस बात का है कि पूरी दुनिया इस जुल्म के खिलाफ खामोश हैं। हमको चाहिए कि हम यहूदी सामान का उपयोग नहीं करें और ज्यादा से ज्यादा देशी सामान का इस्तेमाल करें। शहर काज़ी ने कहा कि नीट एग्जाम में टॉप करने वालों बच्चों से पूछा गए था, कहा के वे सिर्फ कीपैड मोबाइल का उपयोग करते थे स्मार्ट फोन से दूरी बना कर रखी। मैं कहना चाहता हूं कि बच्चें स्मार्ट फोन का उपयोग ना करें और अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाए। देखने में आता हे कि स्मार्ट फोन की वजह से इंसानों में वास्तविक दुनिया के रिश्तों को छोड़कर वर्चुअल दुनिया में खोए रहने से अकेलापन बढ़ता है। स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर नुकसान पहुंचाता हैं। अकेलेपन की भावना और सोशल मीडिया की लत का कारण बनता है, जिससे याददाश्त कमजोर हो सकती है।
शहर को नशा मुक्त बनाना होगा
जिस तरह से हमारा Indore शहर स्वच्छता में आठ बार नंबर वन रहा, इसी तरह कोशिश करना चाहिए कि नशा मुक्ति में भी हम अव्वल आए। आज नौजवान नशे की लत में पड़कर अपनी जिंदगी खत्म कर रहा है। हम सब की कोशिश होना चाहिए कि नशा बेचने वाले की खबर पुलिस को दें। शहर काज़ी ने कहा कि आज समय आ गया है कि हम एकजुट होकर नशा माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाएं। नौजवानों को नशे की लत से छुड़ाना पहली जरूरत है। नशे से परिवार में टूट रहे हैं।
शहर काज़ी ने कहा कि देखने में आ रहा है शहर में चारों ओर नशा बिक रहा है और नौजवान पीढ़ी नशे की लत में है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में नशा मुक्ति केंद्र खोले जाना चाहिए जहां पर नशा करने वालों का निशुल्क इलाज किया जाए।
पर्यावरण को बचाने के लिए दरख़्त लगाएं
आज के दौर में पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंच रहा है। गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। हम पर्यावरण सुधार के लिए आगे आए और दरख़्त लगाएं। हमारी कोशिशों से ही पर्यावरण में सुधार होगा और जिंदगी आसान होगी। शहर काज़ी ने कहा कि आज समय आ गया है कि हमें एकजुट होकर पर्यावरण बचाने के लिए आगे आना चाहिए। महिला के लिए फ्री सिलाई केंद्र शहर काजी ने कहा कि महिला और बच्चियों को दीनी और दुनियावी तालीम के साथ-साथ हुनर भी सीखना चाहिए। इसी को बात को ध्यान में रखते हुए ईदगाह कमेटी द्वारा ईदगाह कैंपस में फ्री महिलाओं और बच्चियों के लिए सिलाई, कढ़ाई , बुनाई केंद्र शुरू किया गया है। शहर काज़ी ने कहा कि देखने में आ रहा है आज लोगों ने अपनी आंखों पर सियासी चश्मा पहन रखा है। इस सियासी चश्में से देखोगे तो हमें देश में हिंदू – मुस्लिम लड़ते हुए दिखाई देंगे। पर आज जरूरत है हमें इंसानियत और सामाजिक चश्मे की। इससे चारों ओर हमें भाईचारा और सद्भाव दिखेगा। हिंदू धर्म से वास्ता रखने वाले सलवाड़िया परिवार अपनी पूरी टीम के साथ आपके शहर काज़ी को उनके घर से मान सम्मान के साथ ईदगाह तक लाते हैं और नमाज के बाद वैसे ही ईदगाह से उनके घर तक छोड़ते हैं। शहर काज़ी ने कहा कि अपने अखलाक को अच्छा और बुलंद रखना पड़ेगा। हमसाया कौम के साथ भाईचारे के साथ रहना चाहिए। एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होना चाहिए। हम सायाकौम से जिस तरह की हमे उम्मीद रहती है। हमें भी वैसा ही सुलूक उनके साथ रखना चाहिए। शाही बग्घी में बैठा कर लाए ईदगाह मुस्लिम समाज आज ईदुल फित्र का त्यौहार हर्षोउल्लास के साथ मना रहा है। सुबह से ही मुस्लिम बस्तियों में चहल-पहल है। नमाज के लिए शहर काजी को उनके निवास से शाही बग्धी में बैठाकर ईदगाह लाया गया और नमाज के बाद ससाम्मन घर छोड़ा गया। यह जिम्मेदारी 50 सालों से सलवाड़ियां परिवार निभाते आ रहा है। गले मिलकर दी मुबारकबादईद की नमाज के बाद शहर काज़ी को गले मिलकर मुबारकबाद दी और एक दूसरे को भी मुबारकबाद दी। शहर समाज जनों को मुबारकबाद देने के लिए राजनीतिक पार्टियों के कई नेता वह मौजूद रहें। साथ ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी मुबारकबाद पेश की।
