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World

अंतरिक्ष में 10 लाख उपग्रह भेजने की तैयारी में Elon Musk

Last updated: मार्च 24, 2026 6:04 अपराह्न
By Divisha 5 महीना पहले
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6 Min Read
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प्रस्ताव क्या है और क्यों चर्चा में है?

दुनिया के प्रमुख उद्योगपति Elon Musk की कंपनी SpaceX एक बार फिर अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने पृथ्वी की निचली कक्षा में लगभग 10 लाख उपग्रह भेजने का प्रस्ताव रखा है। यह योजना केवल इंटरनेट सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष में ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

वर्तमान में कंपनी के Starlink नेटवर्क के 10 हजार से अधिक उपग्रह पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं और दुनिया के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन प्रस्तावित संख्या मौजूदा उपग्रहों की तुलना में कई गुना अधिक है, जिससे इसके प्रभाव को लेकर वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों के बीच गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

रात के आसमान पर संभावित असर

वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित किए जाते हैं, तो इसका सबसे बड़ा असर पृथ्वी से दिखने वाले प्राकृतिक आसमान पर पड़ेगा। अभी तक साफ और प्रदूषण रहित आकाश में आमतौर पर लगभग 4,500 तारे नंगी आंखों से दिखाई देते हैं।

लेकिन कनाडा के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, 10 लाख उपग्रहों के बाद कई क्षेत्रों में स्थिति ऐसी हो सकती है कि लोगों को तारों से अधिक उपग्रह दिखाई दें। ये उपग्रह सूर्य की रोशनी को परावर्तित करते हैं और लंबे समय तक चमकते रहते हैं, जिससे रात का प्राकृतिक अंधकार प्रभावित हो सकता है।

अंतरिक्ष वैज्ञानिक Jonathan McDowell के डाटा के आधार पर किए गए सिमुलेशन में यह भी सामने आया कि ऊंची कक्षा में मौजूद उपग्रह रात के बड़े हिस्से में सूर्य के प्रकाश में चमकते रहेंगे, जिससे दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में भी उनका प्रभाव साफ देखा जा सकेगा।

अंतरिक्ष प्रदूषण और टकराव का खतरा

इस योजना को लेकर सबसे बड़ी चिंता अंतरिक्ष में बढ़ते कचरे और संभावित टकराव को लेकर है। जैसे जैसे उपग्रहों की संख्या बढ़ती है, वैसे वैसे उनके आपस में टकराने का खतरा भी बढ़ जाता है।

हर दिन कई पुराने या खराब उपग्रह पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश कर जल जाते हैं। इस प्रक्रिया में धातु के सूक्ष्म कण वातावरण में फैलते हैं, जिसे वैज्ञानिक अंतरिक्ष प्रदूषण का नया रूप मान रहे हैं। लंबे समय में इसका असर पृथ्वी के पर्यावरण पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा यदि कोई उपग्रह पूरी तरह न जले, तो उसका मलबा पृथ्वी तक पहुंच सकता है, जिससे सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।

अंतरिक्ष में डाटा सेंटर की चुनौती

स्पेसएक्स की इस योजना का एक अहम हिस्सा अंतरिक्ष में डाटा सेंटर स्थापित करना है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीकी रूप से बेहद जटिल है।

डाटा सेंटर को संचालित करने के लिए बड़ी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होती है और इसके साथ ही भारी मात्रा में गर्मी भी उत्पन्न होती है। पृथ्वी पर तो इस गर्मी को ठंडा करने के लिए विशेष सिस्टम होते हैं, लेकिन अंतरिक्ष में ताप को बाहर निकालना आसान नहीं है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि इस समस्या का सही समाधान नहीं निकाला गया, तो यह तकनीकी और पर्यावरणीय दोनों तरह की चुनौतियां पैदा कर सकता है।

नियामक संस्थाओं के सामने प्रस्ताव

स्पेसएक्स ने इस परियोजना का प्रस्ताव Federal Communications Commission को सौंपा है, जो अमेरिका में संचार से जुड़े मामलों की प्रमुख नियामक संस्था है।

हालांकि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का आरोप है कि इस प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई है। इसमें वातावरणीय प्रभाव, उपग्रहों के जीवन चक्र, मलबे के प्रबंधन और संभावित जोखिमों का विस्तृत विश्लेषण शामिल नहीं है।

क्या अंतरिक्ष एक साझा संसाधन है?

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरिक्ष किसी एक देश या कंपनी की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता का साझा संसाधन है। इसलिए इतनी बड़ी योजना को लागू करने से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और सहमति जरूरी है।

वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि इस तरह की परियोजनाओं के लिए सख्त वैश्विक नियम बनाए जाने चाहिए, ताकि अंतरिक्ष का संतुलन और सुरक्षा बनी रहे।

Elon Musk की यह योजना तकनीकी दृष्टि से भविष्य की दिशा दिखाने वाली हो सकती है, लेकिन इसके साथ जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 10 लाख उपग्रहों की तैनाती न केवल अंतरिक्ष के स्वरूप को बदलेगी, बल्कि पृथ्वी से दिखने वाले हमारे रात के आसमान को भी हमेशा के लिए बदल सकती है। इसलिए जरूरी है कि विकास और संतुलन के बीच सही तालमेल बैठाया जाए, ताकि तकनीक की प्रगति के साथ साथ प्रकृति की सुंदरता भी सुरक्षित रह सके।

https://www.instagram.com/p/DWQWR6DiBsr/?igsh=MTdvODV1MWJreW1wZg==

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